92 episodes

INDIAN POPULAR LANGUAGES THAT HAVE 100,000 TO ONE MILLION SPEAKERS(FROM No.30 TO No.60) - "GOOD NEWS","WORDS OF LIFE" ."GOSPEL SONGS"/भारतीय प्रचलित भाषा जिनके एक लाख से दस लाख वक्ता (३०-६०) - "खुशखबरी","जीवन के शब्द","इँजील गीत"

भारतीय प्रचलित भाषा जिनके एक लाख से दस लाख वक्‪त‬ Tze-John Liu

    • Religion & Spirituality
    • 5.0 • 1 Rating

INDIAN POPULAR LANGUAGES THAT HAVE 100,000 TO ONE MILLION SPEAKERS(FROM No.30 TO No.60) - "GOOD NEWS","WORDS OF LIFE" ."GOSPEL SONGS"/भारतीय प्रचलित भाषा जिनके एक लाख से दस लाख वक्ता (३०-६०) - "खुशखबरी","जीवन के शब्द","इँजील गीत"

    • video
    हिंदी - "व्यक्तिगत रूप से यीशु को जानने का निमंत्रण".3gp

    हिंदी - "व्यक्तिगत रूप से यीशु को जानने का निमंत्रण".3gp

    Hindi Language - "Invitation to Know Jesus Personally".3gp

    • 5 min
    • video
    “हमारे दिल में एक लालसा है आप के लिए " - हे! भगवान .3gp

    “हमारे दिल में एक लालसा है आप के लिए " - हे! भगवान .3gp

    "There is a Longing in Our Heart for You" O! Lord.3gp

    • 4 min
    • video
    ======/भारतीय प्रचलित भाषा जिनके एक लाख से दस लाख वक्ता (३०-६०) - "खुशखबरी","जीवन के शब्द","इँजील गीत"======

    ======/भारतीय प्रचलित भाषा जिनके एक लाख से दस लाख वक्ता (३०-६०) - "खुशखबरी","जीवन के शब्द","इँजील गीत"======

    "दर्दनाक पथ" - "The Painful Path"-"VIa Dolorosa".3gp // ===== INDIAN POPULAR LANGUAGES THAT HAVE 100,000 TO ONE MILLION SPEAKERS(FROM No.30 TO No.60) - "GOOD NEWS","WORDS OF LIFE" ."GOSPEL SONGS"=====

    • 4 min
    • video
    [30]. कुई - "व्यक्तिगत रूप से यीशु को जानने का निमंत्रण"

    [30]. कुई - "व्यक्तिगत रूप से यीशु को जानने का निमंत्रण"

    [30]. Kui Language - "Invitation to Know Jesus Personally".3gp

    • 6 min
    • video
    Reaching the lost with the love of Christ!.3gp

    Reaching the lost with the love of Christ!.3gp

    Translated into Kuvi Language/

    • 5 min
    • video
    Kui - "Good News".3gp

    Kui - "Good News".3gp

    "अच्छी खबर" - कयूई भाषा/"Good News"-Kui Language.3gp. ///. 1. आदि में* वचन था, और वचन परमेश्‍वर के साथ था, और वचन परमेश्‍वर था। 2. यही आदि में परमेश्‍वर के साथ था। 3. सब कुछ उसी के द्वारा उत्‍पन्‍न हुआ और जो कुछ उत्‍पन्‍न हुआ है, उसमें से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्‍पन्‍न न हुई। 4. उसमें जीवन था*; और वह जीवन मनुष्यों की ज्योति था। 5. और ज्योति अंधकार में चमकती है; और अंधकार ने उसे ग्रहण न किया। 6. एक मनुष्य परमेश्‍वर की ओर से भेजा हुआ, जिसका नाम यूहन्ना था। 7. यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएँ। 8. वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था। 9. सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी। 10. वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्‍पन्‍न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहचाना। 11. वह अपने घर में आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया। 12. परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्‍वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात् उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं. 13. वे न तो लहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्‍वर से उत्‍पन्‍न हुए हैं। गलतियाँ जिन्हें प्रभु की वापसी का स्वागत करने के लिए सुधारा जाना है गलतियाँ जिन्हें प्रभु की वापसी का स्वागत करने के लिए सुधारा जाना है. 14.और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण होकर हमारे बीच में डेरा किया, और हमने उसकी ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा। (1 यूह. 4:9)

    • 50 min

Customer Reviews

5.0 out of 5
1 Rating

1 Rating

Top Podcasts In Religion & Spirituality