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"हमेशा याद रखें, जो भी मैं आपसे कहता हूं, आप इसे दो तरीकों से ले सकते हैं। आप इसे बस मेरे अधिकार पर ले जा सकते हैं, 'क्योंकि ओशो ऐसा कहते हैं, यह सच होना चाहिए' - तब आप पीड़ित होंगे, तब आप नहीं बढ़ेंगे।

"मैं जो भी कहता हूं, उसे सुनो, इसे समझने की कोशिश करो, इसे अपने जीवन में लागू करो, देखो कि यह कैसे काम करता है, और फिर अपने निष्कर्ष पर आओ। वे वही हो सकते हैं, वे नहीं भी हो सकते हैं। वे कभी भी समान नहीं हो सकते क्योंकि आपके पास एक अलग व्यक्तित्व है, एक अद्वितीय व्यक्ति है। ”

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Never Born, Never Died - हिन्द‪ी‬ Oshō - ओशो

    • Religion & Spirituality

"हमेशा याद रखें, जो भी मैं आपसे कहता हूं, आप इसे दो तरीकों से ले सकते हैं। आप इसे बस मेरे अधिकार पर ले जा सकते हैं, 'क्योंकि ओशो ऐसा कहते हैं, यह सच होना चाहिए' - तब आप पीड़ित होंगे, तब आप नहीं बढ़ेंगे।

"मैं जो भी कहता हूं, उसे सुनो, इसे समझने की कोशिश करो, इसे अपने जीवन में लागू करो, देखो कि यह कैसे काम करता है, और फिर अपने निष्कर्ष पर आओ। वे वही हो सकते हैं, वे नहीं भी हो सकते हैं। वे कभी भी समान नहीं हो सकते क्योंकि आपके पास एक अलग व्यक्तित्व है, एक अद्वितीय व्यक्ति है। ”

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    Kaha Kahun Us Des Ki - कहा कहूं उस देस की

    Kaha Kahun Us Des Ki - कहा कहूं उस देस की

    जहां हम बुद्धि का उपयोग करते हैं वहां बड़ी और बात है। वहां हम यह कह रहे  हैं कि जहां हमें दिखाई नहीं पड़ रहा लेकिन हम सोच-सोच कर, टटोल-टटोल कर  निकलने की कोशिश कर रहे हैं। जो देखने वाला कर सका है बिना सोच-विचारे, वह  हम सोच-विचार कर, करने की कोशिश कर रहे हैं।

    • 2 hrs 2 min
    Ka Sovai Din Rain - का सोवै दिन रैन

    Ka Sovai Din Rain - का सोवै दिन रैन

    प्रेम एक रहस्य है। सबसे बड़ा रहस्य ! रहस्यों का रहस्य ! प्रेम से ही बना है अस्तित्व और प्रेम से ही समझ में आता है। प्रेम से  ही हम उतरे हैं जगत में और प्रेम की सीढ़ी से ही हम जगत के पार जा सकते  हैं। प्रेम को जिसने समझा उसने परमात्मा को समझा। और जो प्रेम से वंचित रहा  वह परमात्मा की लाख बात करे, बात ही रहेगी, परमात्मा उसके अनुभव में न आ  सकेगा। प्रेम परमात्मा को अनुभव करने का द्वार है। प्रेम आंख है। मोहब्बत एक राज है -- एक भेद, एक कुंजी -- जिससे अस्तित्व के सारे ताले खुल जाते हैं।. . . पे्रम एक क्रांति है, क्योंकि तुम उठने लगते हो -- जीवन की क्षुद्रता से विराट की तरफ; सीमा से असीम की तरफ। ~ ओशो

    Jyun Tha Tyun Thaharaya - ज्यूं था त्यूं ठहराया

    Jyun Tha Tyun Thaharaya - ज्यूं था त्यूं ठहराया

    ‘ज्यूं था त्यूं ठहराया’, रज्जब का है यह वचन। ओशो जब इस वचन की  पर्त-दर-पर्त उघाड़ते हैं तो साथ ही साथ हमारे भी मन की कई जानी-अनजानी  पर्तें स्वतः खुलती जाती हैं और हम आश्चर्यचकित रह जाते हैं कि कितना कुछ  हमारे मन में हम लिए बैठे हैं और कितना आसान है उसे समझना और उससे बाहर  आना। इसी के साथ दस प्रवचनावों में मित्रों द्वारा उठाए गए विभिन्न सवालों  के जवाब देते हुए अपनी अंतर्दृष्टि देते हैं ताकि एक दिन हम कह  सकें--‘ज्यूं था त्यूं ठहराया।’

    Jyun Machhli Bin Neer - ज्यूं मछली बिन नीर

    Jyun Machhli Bin Neer - ज्यूं मछली बिन नीर

    मेरा जोर ध्यान पर है। ध्यान का अर्थ है: स्वार्थ, परम स्वार्थ, आत्यंतिक  स्वार्थ! क्योंकि ध्यान से ज्यादा निजी कोई बात नहीं है इस जगत में। ध्यान  का कोई सामाजिक संदर्भ नहीं। ध्यान का अर्थ है: अपने एकांत में उतर जाना,  अकेले हो जाना, मौन, शून्य, निर्विचार, निर्विकल्प।

    Jyotish: Advait Ka Vigyan - ज्योतिष : अद्वैत का विज्ञान

    Jyotish: Advait Ka Vigyan - ज्योतिष : अद्वैत का विज्ञान

    ज्योतिष विज्ञान पर वुडलैंड, मुंबई में प्रश्नोत्तर सहित ओशो द्वारा दिए गए दो प्रवचनों का अप्रतिम संकलन।

    • 2 hrs 10 min
    Jyoti Se Jyoti Jale - ज्योति से ज्योति जले

    Jyoti Se Jyoti Jale - ज्योति से ज्योति जले

    ज्‍योति से ज्‍योति जले संत सुंदरदास के पदो पर ओशो द्वारा दिए गए प्रथम दस  प्रवचनों का संकलन। संत सुंदरदास ने उजाले की इस यात्रा को ‘ज्‍योति से  ज्‍योति जले’ कहा है। इस पृथ्‍वी पर एक व्‍यक्ति का दीया जलता है, पूरी  पृथ्‍वी उसकी ज्‍योति से प्रकाशित होने लगती है, एक व्‍यक्ति बुद्धत्‍व को  उपलब्‍ध होता है, तो हजारों लोगों के जीवन में रसधार प्रवाहित होने लगती  है। ओशो कहते हैं कि और फिर यह श्रृंखला रुकती नहीं। इसी श्रृखंला से  वस्‍तुत परंपरा पैदा होती है। सच्‍ची परंपरा इसी श्रृंखला का नाम है। एक  झूठी परंपरा होती है जो जन्‍म से मिलती है। तुम हिंदू घर में पैदा हुए तो  तुम मानते हो मैं हिंदू हूं। यह झूठी परंपरा है।

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