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Jansatta संपादकीय Podcast - Editorial Express Audio

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    अंधविश्वास के अंधेरे - Sacrifice Of Humans In The Name Of Blind Faith (4 October 2022)

    अंधविश्वास के अंधेरे - Sacrifice Of Humans In The Name Of Blind Faith (4 October 2022)

    खबर के मुताबिक, बच्चे को मार डालने का आरोप जिन दो लोगों पर है, उन्होंने यह कबूल किया कि उन्होंने ‘समृद्धि’ हासिल करने के लिए बच्चे की हत्या कर दी। यों दिल्ली में हत्या जैसे जघन्य अपराध कोई नई बात नहीं हैं, मगर छह साल के बच्चे का सिर फोड़ कर और गला रेत कर मार डालने की इस घटना की कई परतें हैं।निश्चित रूप से इसे भी हत्या का अपराध माना जाएगा और दोषियों के लिए सजा भी कानून के ही मुताबिक ही तय की जाएगी। मगर महज किसी भ्रम या लालच को पूरा करने के लिए एक बच्चे की जान ले लेने की क्रूरता का खयाल किसी के भीतर कैसे आता है?

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    स्वीकार का साहस - Courage to Accept (Duniya Mere Aage, 03 October 2022)

    स्वीकार का साहस - Courage to Accept (Duniya Mere Aage, 03 October 2022)

    साथ ही इस कार्य के लिए तत्कालीन परिस्थितियों में अपने सामर्थ्य और शक्ति को ठीक तरह स्वीकारना भी बड़ा चुनौतीपूर्ण होता है। खुद का सही आकलन करने के लिए हमें अपने आप से ईमानदार संवाद करना होता है। हमारी कमजोरियां और ताकत, जोखिम उठाने की क्षमता, उपलब्ध संसाधन, सफलता की संभावनाएं आदि पर भी विचार करना जरूरी होता है। कार्य शुरू करने के पहले ही इतनी बातें सोचने में घबराने की जरूरत नहीं है। सही मायने में किसी भी काम की शुरुआत में पहला कदम खुद की ईमानदार परख को ही माना जा सकता है।

    • 4 min
    ब्याज में बढ़ोतरी - Repo Rates Increased By RBI (3 October 2022)

    ब्याज में बढ़ोतरी - Repo Rates Increased By RBI (3 October 2022)

    मई से लेकर अब तक 1.90 फीसद की बढ़ोतरी की जा चुकी है। इस तरह अब रेपो दर 5.90 फीसद हो गई है। लघु बचत करने वालों के लिए तो यह कुछ राहत का फैसला साबित हो सकता है, मगर जो लोग कर्ज लेकर कारोबार करते, मकान, वाहन या कोई टिकाऊ सामान खरीदते हैं, उनके ऊपर किस्तों का बोझ थोड़ा और बढ़ जाएगा।

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    बिना खिले मुरझाते मासूम - Child Labour (Duniya mere Aage, 30 September 2022)

    बिना खिले मुरझाते मासूम - Child Labour (Duniya mere Aage, 30 September 2022)

    हम सबको पसीना बहाते काम करते बाल श्रमिक सब जगह दिखाई देते हैं। सरकारी कार्यालयों के आसपास भी वे किसी होटल में कप-प्लेट धोते, बर्तन साफ करते दिख जाते हैं। देखने के बावजूद न सिर्फ आम लोग, बल्कि जिम्मेदार सरकारी मुलाजिम भी अनदेखी करते रहते हैं। लेकिन जब बाल श्रम मुक्ति का अभियान चलाया जाता है, तब बाल संरक्षण अधिकारों का स्मरण करते हुए बाल श्रम की रोकथाम के प्रति सजगता दिखाई देती है।

    • 4 min
    आखिर पाबंदी - Central Government Bans PFI, Declares It Illegal (30 September 2022)

    आखिर पाबंदी - Central Government Bans PFI, Declares It Illegal (30 September 2022)

    पिछले कुछ दिनों से इस संगठन के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई का सिरा अब अपने अंजाम पर पहुंच गया लगता है। गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून यानी यूएपीए के प्रावधानों के तहत इसे गैरकानूनी घोषित करते हुए सरकार की ओर से कहा गया है कि यह संगठन और इससे संबद्ध संस्थाएं सार्वजनिक तौर पर तो सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक रूप से काम करते हैं, मगर किसी खास एजेंडे के तहत समाज के एक वर्ग विशेष के बीच कट्टरता फैला कर लोकतंत्र की अवधारणा को कमजोर करने की दिशा में काम करते हैं।

    • 3 min
    रफ्तार के रंग में खोती जिंदगी - Cycle of Karma (Duniya Mere Aage, 29 September 2022)

    रफ्तार के रंग में खोती जिंदगी - Cycle of Karma (Duniya Mere Aage, 29 September 2022)

    गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर ने अपनी एक कहानी में किसी पात्र के माध्यम से कुछ ऐसा कहा है कि कर्म की शुरुआत और उसका आनंद हम लेते हैं, पर हमारा वह कर्म ही आखिर अपने व्यवहार का न्याय करता है। हिटलर या मुसोलिनी की मिसाल ले लीजिए या रावण, कंस, दुर्योधन आदि पौराणिक पात्रों की। यही गति हम सबकी भी है। ज्वार-भाटा, उतार-चढ़ाव और इस तरह अपने कर्म की इस गति से भौंचक इंसान हैरत में पड़ जाता है।

    • 4 min

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