37 episodes

My poetries are all about what I feel about life and its experiences. It's a motivational process where we can learn and grow together by sharing our thoughts and experiences. So I am welcoming you all with my thoughts and inviting you to share what do you think about this.

So let's start!

"Jio Dil Se" Poetry By Deepika Mishra Deepika Mishra

    • Society & Culture

My poetries are all about what I feel about life and its experiences. It's a motivational process where we can learn and grow together by sharing our thoughts and experiences. So I am welcoming you all with my thoughts and inviting you to share what do you think about this.

So let's start!

    Episode 36 दिल के साफ़ लोग अक़्सर ही छले जाते है...

    Episode 36 दिल के साफ़ लोग अक़्सर ही छले जाते है...

    दिल के साफ़ लोग अक्सर छले ही जाते है,
    दिल में रहता नही कोई राज़ इसलिए अक्सर निशाने पर आ जाते है।
    सुना होगा आपने, जो करता है वो ही, सुनता भी है,
    बाकी तो मस्त ना कर भी तमगे ले जाते है।
    दिल के साफ़ लोग अक्सर छले ही जाते है।

    ~~दीपिकामिश्रा आपकी क्या राय है इस बारे में, जरूर मेरे साथ शेयर कीजियेगा।

    • 2 min
    Episode 35 नाकामयाबी या कामयाबी( nakaamyabi ya kaamyabi)

    Episode 35 नाकामयाबी या कामयाबी( nakaamyabi ya kaamyabi)

    मेरी क़ामयाबी तो उन पलों में है जो मैंने जी लिए है और आगे भी जीना चाहूंगी, अपने मैं को मन में दबाकर क्या मैं कामयाब बन जाऊंगी। अपने मैं को सार्थक कर पाना ही मेरे लिए कामयाबी है, आपके लिए कामयाबी क्या है, मेरे साथ जरूर शेयर करियेगा।

    • 7 min
    Episode-34 वो एक लड़की है(Vo ek ladki hai)

    Episode-34 वो एक लड़की है(Vo ek ladki hai)

    वो एक लड़की है, पराया धन है, उसे अपने घर जाना है, क्या एक लड़की का कोई अपना आशियाना है, ये तो बात हुई उसके लड़की होने की, पर क्या उसके कार्य क्षेत्र पर भी उसके लड़की होने का कोई प्रभाव पड़ता है, आईये बात करते है इस बारे में।

    • 10 min
    Episode 33 वर्चस्व की लड़ाई( varchasva ki ladai)

    Episode 33 वर्चस्व की लड़ाई( varchasva ki ladai)

    एक तरफ़ है मानवता और दूसरी तरफ़ है वर्चस्व की लड़ाई, बड़ा और बड़ा बनने की सनक ने मचाई चारों तरफ़ तबाही।लड़ाई और युद्ध किसी भी समस्या का हल हो सकता है क्या? युद्ध से सिर्फ़ विनाश और विध्वंस हो सकता है, किसी भी हिंसा का शिकार एक परिवार होता है जो कि अपने चहेतों को खोकर इसकी कीमत चुकाता है।चोट की पीड़ा कितनी गहरी होती है ,इस बात का एहसास तभी होता है जब वो खुद को लगती है, किसी अपने को खो देने का गम या बिझड़ जाने का गम पूरे जीवन भर कचोटता है, ये हम तब ही जान पाते है जब खुद उस दुःख से रूबरू हुए हो।इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले ये जरूर सोचा जाना चाहिए कि इसका प्रभाव हम पर, हमारे परिवार पर, हमारे समाज पर, हमारे देश पर और पूरे विश्व पर क्या पड़ेगा।

    • 10 min
    Episode 32 ना कहना भी जरूरी है( Na kahna bhi jaruri hai)

    Episode 32 ना कहना भी जरूरी है( Na kahna bhi jaruri hai)

    ना कहना भी बहुत जरूरी है, जहाँ मन ना लगे वहाँ रहना क्या जरूरी है? उस गली जाना नहीं है बस औरों के लिए वो राह पकड़ लेना क्या जरूरी है, इन्हीं सवालों को पूछता हुआ आज का ये एपिसोड। आपको कैसा लगा जरूर मुझे बताइयेगा।

    • 6 min
    Episode 31 चलो फिर कुछ नया करते है(Chalo Phir Kuch Naya Karte hai)

    Episode 31 चलो फिर कुछ नया करते है(Chalo Phir Kuch Naya Karte hai)

    चलो फिर कुछ नया करते है,करके अपने डर को एक बक्से में बंद, अपने सपनों की तिज़ोरी खोलते है, चलो फिर कुछ नया करते है।आज का एपिसोड उन्हीं सारी अनिश्चितताओं को पीछे छोड़ एक नई शुरुआत करने की संभावनाओं को बल देने का है।कुछ नया करने का है।

    • 3 min