14 episodes

A conversation on books, conducted in Hindi.

Sambandh Ka Ke Ki Himanshu Bhagat

    • Arts
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A conversation on books, conducted in Hindi.

    एपिसोड 14: 'सिटी ऑन फायर – अ बॉयहुड इन अलीगढ़' – ज़ेयाद मसरूर खान

    एपिसोड 14: 'सिटी ऑन फायर – अ बॉयहुड इन अलीगढ़' – ज़ेयाद मसरूर खान

    ज़ेयाद मसरूर खान की किताब 'सिटी ऑन फायर--अ बॉयहुड इन अलीगढ़' उनके अलीगढ़ के पुराने इलाके, ऊपर कोट, में पलने-बढ़ने की कहानी है। उत्तर प्रदेश के शहर अलीगढ़ के इस कोने में, हिन्दू और मुसलमान एक दुसरे के अगल-बगल पुराने समय से रह रहे हैं। और शायद, हमको ये सुनके बहुत आश्चर्य नहीं होगा कि हिन्दू-मुस्लिम दंगे भी यहाँ समय-समय पर होते रहे हैं। इसी सांप्रदायिक तनाव—जो जब-तब जानलेवा हिंसा का रूप ले लेता था—के बीच में बीते बचपन, किशोरावस्था, और जवानी के पहले-पहले सालों का ज्वलंत और जीवंत विवरण है 'सिटी ऑन फायर'।

    आप शो-नोट्स sambandh-kakeki.com पर भी देख सकते हैं।

    1.  एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर ज़ेयाद खान

    2.  अमेज़न पर 'सिटी ऑन फायर–अ बॉयहुड इन अलीगढ़'

    3.  अमेज़न पर पॉल ब्रास की किताबें

    ‘सम्बन्ध का के की’ के टाइटिल म्यूज़िक की उपलब्धि, पिक्साबे के सौजन्य से।

    • 1 hr 36 min
    एपिसोड 13: 'स्टार्री स्टार्री नाईट' – नंदिता बासु

    एपिसोड 13: 'स्टार्री स्टार्री नाईट' – नंदिता बासु

    अपनी माँ के देहांत के बाद, कुनाल पहाड़ों में स्थित बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने आता है, और वहाँ पहले कुछ महीने अपनी 'आंटी' तारा के साथ ठहरता है। तारा उसी स्कूल में म्यूज़िक टीचर है और वो खुद अभी तक अपनी प्रिय सखी, नीसा, के मौत से उबरी नहीं है। अपने प्रियजनों की मृत्यु से शोकागुल दो लोगों की कहानी है, लेखक नंदिता बासु की कृति, 'स्टार्री स्टार्री नाईट', यानि 'तारों से जगमगाती रात'। ये उपन्यास एक 'ग्राफ़िक नॉवेल' है, अर्थात चित्र-कथा
    या कॉमिक-बुक शैली में लिखी गई है। टीवी और वीडियो गेम्स या ऑनलाइन गेमिंग के ज़माने से पहले बच्चे कॉमिक्स पढ़ते थे। फिर वही बच्चे बड़े हो गए और उन्होंने कॉमिक्स की शैली में वयस्कों के लिए किताबें लिखनी और पढ़नी शुरू कर दी। कॉमिक्स को अब 'ग्राफ़िक नावेल' कहा जाने लगा। आइये थोड़ी बात करते हैं नंदिता बासु के साथ 'स्टार्री स्टार्री नाईट' पर।

    आप शो-नोट्स https://sambandh-kakeki.com/ पर भी देख सकते हैं।

    1.  इंस्टाग्राम पर नंदिता बासु

    2. 'स्टार्री स्टार्री नाईट' अमेज़न पर

    3. नंदिता बासु द्वारा लिखी गईं अन्य पुस्तकें अमेज़न पर

    4. सारनाथ बनर्जी की पुस्तकें अमेज़न पर

    5. 'डेल्ही काम', लेखक विश्वज्योति घोष

    (‘सम्बन्ध का के की’ के टाइटिल म्यूज़िक की उपलब्धि, पिक्साबे के सौजन्य से।)

    • 45 min
    एपिसोड 11: 'नार्थ-ईस्ट इंडिया – अ पोलिटिकल हिस्ट्री' – सम्राट चौधरी

    एपिसोड 11: 'नार्थ-ईस्ट इंडिया – अ पोलिटिकल हिस्ट्री' – सम्राट चौधरी

    जब १९८० के दशक में सम्राट चौधरी मेघालय की राजधानी शिलांग में पल-बढ़ रहे थे तो वहाँ के विधान-सभा भवन के दीवार पर किसी ने बड़े अक्षरों में लिख दिया था 'खासी बाय ब्लड, इंडियन बाय एक्सीडेंट'। मतलब -- 'मेरी पहचान, मेरा नस्ल, खासी है; हिंदुस्तानी तो महज इत्तेफ़ाक़ से हूँ।' जब उनके दोस्त नागालैंड या मणिपुर से कलकत्ता, दिल्ली, या मुंबई आ रहे होते थे तो वे कहते थे, 'हम इंडिया जा रहे हैं।' पूर्वोत्तर भारत के उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के राजनितिक इतिहास को हम दो भागों में बाँट सकते हैं। पहला भाग -- अंग्रेज़ी हुकूमत द्वारा इस क्षेत्र को भारत से जोड़ने का प्रयास। और, दूसरा भाग -- स्वतंत्र भारत में इस क्षेत्र के भारत से अलग होने के प्रयास। ये इतिहास लिखा है सम्राट ने अपनी विस्तृत मगर सुगम पुस्तक 'नार्थ-ईस्ट इंडिया -- अ पोलिटिकल हिस्ट्री' में। आइये सुनते हैं एक चर्चा उनकी किताब पर, सम्राट चौधरी के साथ।

    (आप शो-नोट्स https://sambandh-kakeki.com/ पर भी देख सकते हैं।)


    एक्स (ट्विटर) पर सम्राट चौधरी
    सम्राट चौधरी का वेबसाइट
    'नार्थ-ईस्ट इंडिया -- अ पोलिटिकल हिस्ट्री' अमेज़न पर
    सम्राट चौधरी द्वारा लिखी गईं अन्य पुस्तकें अमेज़न पर
    पॉडकास्ट में चर्चा की गई अन्य पुस्तकें --


    हिस्ट्री ऑफ़ धर्मशास्त्र, लेखक पांडुरंग वामन काणे
    धर्मशास्त्र का इतिहास, लेखक पांडुरंग वामन काणे



    ‘सम्बन्ध का के की’ के टाइटिल म्यूज़िक की उपलब्धि, पिक्साबे के सौजन्य से।

     

    • 1 hr 3 min
    एपिसोड 12: 'उर्दू – द बेस्ट स्टोरीज़ ऑफ़ आवर टाइम्स' – रक्षंदा जलील

    एपिसोड 12: 'उर्दू – द बेस्ट स्टोरीज़ ऑफ़ आवर टाइम्स' – रक्षंदा जलील

    अगर कहीं उर्दू भाषा का ज़िक्र हो जाय, तो लोग उसकी तारीफ़ तो करते हैं, मगर अक्सर लगता है कि ये उर्दू-प्रेम महज शब्दों तक सीमित है। डॉक्टर रक्षंदा जलील अपनी किताब 'उर्दू – द बेस्ट स्टोरीज़ ऑफ़ आवर टाइम्स' के शुरुआती पन्नों में हिंदुस्तान में उर्दू के हाल पर सवाल तो उठाती हैं, मगर साथ-साथ हमको आश्स्वत भी करती हैं कि यहाँ उर्दू आज भी एक जीती-जागती, फलती-फूलती भाषा है। सादत हसन मंटो, इस्मत चुगताई, प्रेमचंद, और राजिंदर बेदी जैसे दिग्गज उर्दू लघु-कथा के लेखकों की दुनिया से आगे ले चलती, इस किताब में प्रस्तुत लघु-कहानियाँ मुख्यतः १९९० के बाद छपी हैं। इन कहानियों को चुना, और उनका अंग्रेज़ी में अनुवाद किया है, डॉ जलील ने। प्रेम व टूटे दिलों की दास्तान, मौत के साये में जी रहे लोग, भुखमरी या दंगों के खौफ से जूझते लोग, निर्मम शहर में सुख के पल ढूंढते नौजवान – ये सब, और इसके अलावा और बहुत कुछ मिलेगा इस क़िताब के पन्नों में।



    आप शो-नोट्स https://sambandh-kakeki.com/ पर भी देख सकते हैं।

    1.  इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर), और फेसबुक पर डॉ रक्षंदा जलील

    2. 'उर्दू – द बेस्ट स्टोरीज़ ऑफ़ आवर टाइम्स' अमेज़न पर

    3. रक्षंदा जलील द्वारा लिखी गईं अन्य पुस्तकें अमेज़न पर

    4.  रहमान अब्बास द्वारा लिखी गईं पुस्तकें अमेज़न पर



    (‘सम्बन्ध का के की’ के टाइटिल म्यूज़िक की उपलब्धि, पिक्साबे के सौजन्य से।)

    • 1 hr 2 min
    एपिसोड 10: अनदर सॉर्ट ऑफ़ फ्रीडम – गुरचरन दास

    एपिसोड 10: अनदर सॉर्ट ऑफ़ फ्रीडम – गुरचरन दास

    अगर आप की माँ आपसे कहती हों, बेटा, मेक अ लिविंग, मतलब अच्छा खाओ-कमाओ और इज़्ज़त-हैसियत के साथ जियो। और, उसके विपरीत, आपके पिता जी आपसे कहते हों, बेटा, मेक अ लाइफ, मतलब सार्थक ज़िन्दगी जियो, पैसे और प्रतिष्ठा के पीछे मत भागो। तो आप क्या करेंगे? अगर आप गुरचरन दास हैं तो आप दोनों चीज़ करते हैं। व्यस्क ज़िन्दगी के पहले तीन दशकों में मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करके एक बेहद सफल करियर बनाते हैं। फिर ५२ साल की उम्र से एक लोकप्रिय लेखक और बुद्धजीवी के रूप में जाने जाते हैं। आइये सुनते हैं, गुरचरन दास के साथ उनके रोचक संस्मरण, अनदर सॉर्ट ऑफ़ फ्रीडम यानी, एक अलग किस्म की आज़ादी, पर एक चर्चा।

    (आप शो-नोट्स https://sambandh-kakeki.com/ पर भी देख सकते हैं।)



    गुरचरन दास ट्विटर, फेसबुक, लिंक्ड इन पर
    अनदर सॉर्ट ऑफ़ फ्रीडम अमेज़न पर
    गुरचरन दास द्वारा लिखी गईं अन्य पुस्तकें अमेज़न पर
    रिमेम्बरेंस ऑफ़ थिंग्स पास्ट, लेखक मार्सेल प्रूस्ट


    ‘सम्बन्ध का के की’ के टाइटिल म्यूज़िक की उपलब्धि, पिक्साबे के सौजन्य से। 

    • 1 hr 13 min
    एपिसोड 9: 'टाल टेल्स बाय अ स्माल डॉग' – ओमैर अहमद

    एपिसोड 9: 'टाल टेल्स बाय अ स्माल डॉग' – ओमैर अहमद

    दिल्ली से पूरब की ओर की ट्रेन या बस पकड़ने पर कानपूर-लखनऊ के आस-पास पहुँचने पर एक बॉर्डर आता है, मैप पर नहीं दिखता है -- 'मैं' और 'हम' का बॉर्डर। इस सीमा को पार करने के बाद लोग 'मैं' की जगह 'हम' का प्रयोग करने लगते हैं और आप जान जाते हैं कि अब आप उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग को छोड़ कर राज्य के पूर्वी भाग में आ गए हैं। लखनऊ, कानपूर, बनारस और
    ईलाहबाद के अलावा ये क्षेत्र गोरखपुर जैसे अन्य छोटे शहरों का भी है। अपनी कहानियों की किताब 'टाल टेल्स बाय अ स्माल डॉग' में ओमैर अहमद गोरखपुर की संकरी गलियों और बीते हुए वक़्त में टहलते-घूमते हुए, यहाँ के बाशिंदो की दास्ताँ का बयान करते हैं। आइये सुनते हैं, ओमैर अहमद के साथ उनकी नई कहनी-संग्रह पर एक चर्चा।

    (आप शो नोट्स sambandh-kakeki.com पर भी देख सकते हैं।)

    ओमैर अहमद द्वारा लिखी गईं पुस्तकें --

    टाल टेल्स बाय अ स्माल डॉग

    जिमी द टेररिस्ट

    द स्टोरी टेलर्स टेल

    एनकाउंटर्स

    द किंगडम ऐट द सेंटर ऑफ़ द वर्ल्ड -- जरनीज़ इंटू भूटान

    • 51 min

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