RELIGIOUS YATRI

Nidhhi S Jainn Shilpa P Kasliwal

A travel ,historic, religious podcast on ancient history with beautiful stories of different destinations from religion of different parts of the world

  1. 2021/07/24

    Episode #020 Kalankit itihaas katha KAHANI KUNAL KI TWO RELIGIOUS YATRI NIDDHISJAINN SHILPAPKASLIWAL

    पिछले Episode #19 कलंकित इतिहास कथा..कहानी कुणाल की part 1 में हमने ये जाना कि कैसे सम्राट अशोक की पत्नी तिष्यरक्षिता जो उम्र में उनसे काफी छोटी थी अपने ही सौतेले पुत्र कुणाल की आंखें निकलवा देती है पर फिर भी खुशियाॅं जिसका दामन छोड़ना ना चाहे उसे खुशियाॅं मिल ही जाती है । ऐसा ही कुछ कुणाल के जीवन में भी हुआ ।क्या मौर्य साम्राज्य का वह मुकुट उनके सिर की शोभा बन सका ?क्या युवराज कुणाल राजसिंहासन पर आसीन हुए ?सिंहासन ना भी मिला हो पर कुणाल का खोया वैभव फिर लौट आया। पर कैसे यही जानने के लिए सुनिए रिलीजियस यात्री का यह एपिसोड .....हम आपके host Nidhhi S Jainn और Shilpa P Kasliwal इस नये episode के साथ कलंकित इतिहास कथा..कहानी कुणाल की part2

    Episode #020 Kalankit itihaas katha KAHANI KUNAL KI TWO RELIGIOUS YATRI NIDDHISJAINN SHILPAPKASLIWAL
  2. 2021/07/19

    Episode #019Kalankit itihaas katha KAHANI KUNAL KI 01 RELIGIOUS YATRI NIDDHISJAINN SHILPAPKASLIWAL

    ये सदियों पुरानी एक ऐसी कहानी है। जिसमे छल प्रपंच की एक पूरी गाथा है। एक ऐसी इबारत जिसमे अपने विनाश की कहानी अपने  हाथों  से ही लिखी गयी। क्षणिक सुखों और तुच्छ स्वार्थो में अंधे होकर एक रानी नें न सिर्फ नारी जाति को ही बल्कि समूचे मानव इतिहास को कलंकित किया। अवंती नगरी जहां युवराज कुणाल पल-पल सुनहरे भविष्य की ओर अपने कदम बढ़ा रहे थे उज्जवल भविष्य जब अखंड भारत का साम्राज्य उनके हाथों में हो उसके सपने बुन रहे थे वह कहते हैं ना किसी को अल्प प्रयास से विशेष लाभ हो जाता है। औंधे पासे भी किसी का भाग्य सीधा कर देते है । तो किसी के भाग्य को दुर्भाग्य में बदल देती है ।कर्मों की रचना भी विभिन्न प्रकार की होती है इसलिए भविष्य के पर्दे की आड़ में छिपकर चुनौती देने वाली कर्म रचनाएं कब क्या करेगी यह तो केवली भगवान ही जान सकते हैं । किंतु नियति कब राजा को रंक और रंक को राजा बना दे यह कोई नहीं जानता । कुछ ऐसा ही युवराज कुणाल के साथ हुआ होनी को कुछ और ही मंजूर था।क्या मौर्य साम्राज्य का वह मुकुट उनके सिर की शोभा बन सका ?क्या युवराज कुणाल राजसिंहासन पर आसीन हुए ? रिलीजियस यात्री के आज के इस एपिसोड में मैं निधि लिए चलती हूं अवंती नगरी कुणाल का इतिहास जानने के लिए कुणाल पर एक सुंदर पुस्तक "राजा संप्रति" पंडित काशीनाथ जैन ने लिखी है इसमे अनेक ऐतिहासिक साक्ष्य है जो इसे संदेह से परे रखती है ।

    Episode #019Kalankit itihaas katha KAHANI KUNAL KI 01 RELIGIOUS YATRI NIDDHISJAINN SHILPAPKASLIWAL
  3. 2021/06/06

    Episode #018GURU BEHIND CHANDRAGUPTA...ACHARYA BHADRABAHU in RELIGIOUS YATRI PART1 by NIDDHI S JAINN

    अपने निमित्त ज्ञान से श्रुत केवली महामुनी गोवर्धन आचार्य जी ने 7 वर्ष के नन्हे बालक भद्रबाहु के आंगोपांग को देखकर यह जान लिया कि भविष्य में यह बालक अंतिम श्रुतकेवली होगा । उस 7 वर्ष के नन्हे बालक को माता-पिता से लेकर गोवर्धन आचार्य जी ने संपूर्ण श्रुतज्ञान की शिक्षा दी आगे चलकर यही नन्हा बालक अंतिम श्रुतकेवली बना । श्री भद्रबाहु आचार्य विरचित भद्रबाहु संहिता एवं सामुद्रिक करलेखन तथा रत्न कीर्ति गुरुदेव द्वारा रचित भद्रबाहु चरित्र आचार्य भद्रबाहु को पूर्णरूपेण जानने का एक उत्तम प्रयास होगा । उन्हीं गुरु भद्रबाहु को समर्पित आज का यह एपिसोड "अष्टांग महा निमित्त ज्ञानी आचार्य भद्रबाहु" in "RELIGIOUS YATRI by NIDHHI S JAINN SHILPA P KASLIWAL

    Episode #018GURU BEHIND CHANDRAGUPTA...ACHARYA BHADRABAHU in RELIGIOUS YATRI PART1 by NIDDHI S JAINN
  4. 2021/05/18

    Episode #017 MAURYA SHASAK SAMRAT BINDUSAAR in RELIGIOUS YATRI by NIDDHI S JAINN

    मौर्य शासक सम्राट बिंदूसार महान पिता का पुत्र महान पुत्र का पिता सम्राट बिंदूसार इस नाम से इतिहास में जाने गये क्योंकि वे महान चंद्रगुप्त मौर्य के पुत्र महान सम्राट अशोक के पिता थे । उन्हें आजीविका संघ का अनुयायी बतलाया गया । गया (बिहार) के पास बारबरा की पहाड़ी में आजीविका संघ के साधुओं के लिए सम्राट अशोक ने गुफाएं बनवा कर अपने पिता बिंदुसार को समर्पित की किंतु जिसके जीवन में जैन धर्मावलंबी पिता व जीवन में आचार्य भद्रबाहु का सानिध्य समय समय पर रहा हो वह जैन धर्मावलंबी ही प्रतीत होता है । इतिहास की बातों को जानने के लिए सुनिये आज का ये podcast भारतीय इतिहास की रूपरेखा, संक्षिप्त जैन इतिहास इन पुस्तकों से बहुत सा इतिहास पता चलता है ।

    Episode #017 MAURYA SHASAK SAMRAT BINDUSAAR in RELIGIOUS YATRI by NIDDHI S JAINN
  5. 2021/03/09

    Episode #013 MAKKHALI GOSHAL A LEADER OF AJIVIKAS in RELIGIOUS YATRI by NIDDHI S JAINN

    शून्य की आराधना करने वाला , अज्ञान से मुक्ति होती है ऐसे सिद्धांत को मानने वाला एक संप्रदाय भगवान महावीर और गौतम बुद्ध के समकालीन हुआ जिसके नेता के रूप में मख्खलि गोशाल हुए जिन्होंने आठ चरम बतलाए ये चरम तत्व थे- ‘1. चरम पान 2. चरम गीत 3. चरम नृत्य 4. चरम अंजलि (अंजली चम्म-हाथ जोड़कर अभिवादन करना) 5. चरम पुष्कल-संवर्त्त महामेघ 6. चरम संचनक गंधहस्ती 7. चरम महाशिला कंटक महासंग्राम 8. मैं इस महासर्पिणी काल के 24 तीर्थंकरों में चरम तीर्थंकर के रूप में प्रसिद्ध होऊंगा यानी सब दुःखों का अंत करूंगा।ये आठवाँ चरम पानाक् ही उनके जीवन का लक्ष्य था । किंतु उन्होंने सातवी रात्रि मृत्यु का वरण किया । पंडित कैलाश चंद्र जी लिखित जैन धर्म की पुस्तकों में गोशाल का विस्तृत वर्णन है। जैन और बौद्ध ग्रंथों में उनका उल्लेख मिलता ही रहता है।

    Episode #013 MAKKHALI GOSHAL A LEADER OF AJIVIKAS in RELIGIOUS YATRI by NIDDHI S JAINN

番組について

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