Shiv Puran Katha in Hindi

Stream Panther Network

शिव पुराण सभी पुराणों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण व सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली पुराणों में से एक है। भगवान शिव के विविध रूपों, अवतारों, ज्योतिर्लिंगों, भक्तों और भक्ति का विशद् वर्णन किया गया है।इसमें शिव के कल्याणकारी स्वरूप का तात्त्विक विवेचन, रहस्य, महिमा और उपासना का विस्तृत वर्णन है। शिव पुराण में शिव को पंचदेवों में प्रधान अनादि सिद्ध परमेश्वर के रूप में स्वीकार किया गया है। शिव-महिमा, लीला-कथाओं के अतिरिक्त इसमें पूजा-पद्धति, अनेक ज्ञानप्रद आख्यान और शिक्षाप्रद कथाओं का सुन्दर संयोजन है। इसमें भगवान शिव के भव्यतम व्यक्तित्व का गुणगान किया गया है। शिव- जो स्वयंभू हैं, शाश्वत हैं,

  1. सप्तऋषियों का शिव के पास आगमन | शिव पुराण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 36

    3d ago

    सप्तऋषियों का शिव के पास आगमन | शिव पुराण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 36

    शिव पुराण के अध्याय 36 में सप्तऋषि कैलाश पर्वत पहुँचकर भगवान शिव को हिमालय और मैना की स्वीकृति का समाचार देते हैं। वे भगवान शिव से वैदिक रीति से देवी पार्वती का पाणिग्रहण संस्कार करने का अनुरोध करते हैं। इस अध्याय में शिव-पार्वती विवाह की तैयारियों का शुभारंभ होता है और सभी देवताओं, ऋषियों तथा दिव्य शक्तियों को विवाह में आमंत्रित करने की चर्चा होती है। ✔ सप्तऋषियों का कैलाश आगमन✔ भगवान शिव को विवाह का संदेश✔ पार्वती के वाग्दान की सूचना✔ शिवजी की विनम्रता और विवाह पर चर्चा✔ देवताओं और ऋषियों को विवाह हेतु आमंत्रण यदि आपको शिव पुराण की दिव्य कथाएं पसंद आती हैं तो वीडियो को Like, Share और Subscribe अवश्य करें। ॐ नमः शिवाय #ShivPuran #ShivPuranHindi #Adhyay36 #ShivParvatiVivah #Mahadev #Kailash #Saptarishi #ShivKatha #SanatanDharma #LordShiva इस अध्याय में जानिए:

    3 min
  2. हिमालय का शिवजी के साथ पार्वती के विवाह का निश्चय करना | शिव पुराण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 35

    Jun 14

    हिमालय का शिवजी के साथ पार्वती के विवाह का निश्चय करना | शिव पुराण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 35

    शिव पुराण के अध्याय 35 में सप्तऋषियों और देवी अरुंधती द्वारा हिमालय और मैना को समझाने के बाद शिव-पार्वती विवाह का निर्णय लिया जाता है। हिमालय भगवान शिव की महिमा को स्वीकार करते हुए अपनी पुत्री पार्वती को शिवजी की अमानत घोषित करते हैं। सप्तऋषि पार्वती को आशीर्वाद देते हैं और विवाह के लिए शुभ मुहूर्त निर्धारित करते हैं। इस अध्याय में जानिए:✔ भगवान शिव की सर्वोच्च महिमा✔ हिमालय द्वारा विवाह की स्वीकृति✔ पार्वती को सप्तऋषियों का आशीर्वाद✔ शिव-पार्वती विवाह की तैयारी✔ शुभ विवाह मुहूर्त का निर्धारण यदि आपको शिव पुराण की कथाएं पसंद आती हैं तो वीडियो को Like, Share और Subscribe अवश्य करें। #ShivPuran #ShivPuranHindi #Adhyay35 #ShivParvatiVivah #LordShiva #Parvati #ShivKatha #HindiPauranikKatha #Mahadev #SanatanDharma

    5 min
  3. राजा अनरण्य और पद्मा विवाह की कथा - शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 33

    Jun 1

    राजा अनरण्य और पद्मा विवाह की कथा - शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 33

    शिव पुराण के तैंतीसवें अध्याय में जानिए राजा अनरण्य, उनकी पुत्री पद्मा और ऋषि पिप्पलाद की अद्भुत कथा। इस अध्याय में धर्म, त्याग, कुल रक्षा और भाग्य की गहरी शिक्षा मिलती है। सुनिए शिव पुराण अध्याय 33 हिंदी में और जानिए कैसे राजा अनरण्य ने अपने कुल की रक्षा के लिए कठिन निर्णय लिया। ✨ इस वीडियो में: राजा अनरण्य की कथादेवी पद्मा का विवाहऋषि पिप्पलाद की कहानीधर्म और त्याग का महत्वशिव पुराण हिंदी कथाअगर आपको शिव पुराण की कथाएं पसंद हैं तो वीडियो को Like, Share और Channel Subscribe जरूर करें। #ShivPuran #ShivMahapuran #Adhyay33 #ShivPuranHindi #PippaladRishi #PadmaKatha #Mahadev #ShivKatha #HindiKahani #Bhakti

    6 min
  4. सप्तऋषियों ने हिमालय और मैना को समझाया | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 31

    May 17

    सप्तऋषियों ने हिमालय और मैना को समझाया | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 31

    शिव पुराण के इकतीसवें अध्याय में सप्तऋषियों का हिमालय के घर आगमन और देवी मैना को समझाने की कथा वर्णित है। इस अध्याय में सप्तऋषि हिमालय और मैना को भगवान शिव की महिमा बताते हैं और समझाते हैं कि पार्वती का विवाह शिवजी से ही होना चाहिए। इस कथा में तारकासुर के अत्याचार, शिव-पुत्र की आवश्यकता, पार्वती की तपस्या और शिव-पार्वती विवाह के दिव्य कारण का वर्णन मिलता है। shiv puran adhyay 31, shiv puran chapter 31 hindi, सप्तऋषियों का आगमन, हिमालय को समझाना, शिव पार्वती विवाह, parvati vivah katha, shiv puran hindi, shiv katha hindi, mahadev katha, saptarishi shiv puran, hindu mythology hindi, sanatan dharm katha #ShivPuran #Adhyay31 #Saptarishi #ShivParvati #Mahadev #ParvatiVivah #ShivKatha #SanatanDharma

    10 min
  5. शिवजी द्वारा हिमालय से पार्वती को मांगना | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 29

    Apr 26

    शिवजी द्वारा हिमालय से पार्वती को मांगना | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 29

    शिव पुराण के उनतीसवें अध्याय में भगवान शिव द्वारा हिमालय से माता पार्वती का हाथ मांगने की अद्भुत कथा वर्णित है। इस अध्याय में शिवजी की लीला, उनकी माया और पार्वती जी के प्रति उनके दिव्य प्रेम का सुंदर वर्णन मिलता है। इस कथा में बताया गया है कि कैसे भगवान शिव नट रूप धारण करके हिमालय और मैना की परीक्षा लेते हैं, और अंत में उनके मन में पश्चाताप उत्पन्न होता है। यह अध्याय भक्ति, श्रद्धा और भगवान की लीला को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। 🙏 यदि आप शिव पुराण की सम्पूर्ण कथा सुनना चाहते हैं, तो इस वीडियो को अंत तक देखें।

    7 min

About

शिव पुराण सभी पुराणों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण व सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली पुराणों में से एक है। भगवान शिव के विविध रूपों, अवतारों, ज्योतिर्लिंगों, भक्तों और भक्ति का विशद् वर्णन किया गया है।इसमें शिव के कल्याणकारी स्वरूप का तात्त्विक विवेचन, रहस्य, महिमा और उपासना का विस्तृत वर्णन है। शिव पुराण में शिव को पंचदेवों में प्रधान अनादि सिद्ध परमेश्वर के रूप में स्वीकार किया गया है। शिव-महिमा, लीला-कथाओं के अतिरिक्त इसमें पूजा-पद्धति, अनेक ज्ञानप्रद आख्यान और शिक्षाप्रद कथाओं का सुन्दर संयोजन है। इसमें भगवान शिव के भव्यतम व्यक्तित्व का गुणगान किया गया है। शिव- जो स्वयंभू हैं, शाश्वत हैं,

You Might Also Like