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Quit India Movement

बात जब भारत के इतिहास की होती है, तो कई संघर्ष और आंदोलनों की कहानियाँ हमें सुनने को मिलती हैं, जिन्होंने हमारे देश को स्वतंत्रता की ओर अग्रसर किया। इन आंदोलनों में से एक प्रमुख आंदोलन था "क्विट इंडिया मूवमेंट" या "भारत छोड़ो आंदोलन"। यह आंदोलन एक ऐसा ऐतिहासिक पल था जब पूरे देश ने एकजुट होकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई। उस आवाज़ में था वो "भारत छोड़ो" का नारा, जिसने हमें हमारा भारत वापस लौटा दिया।  तो आइये, एक बार फिर से हमारे नन्हें दोस्त क्षितिज और उसके पापा के साथ और उन एतेहासिक पलों को याद करते हैं जिनमें ये न मुमकिन लगने वाले कार्य को अंजाम मिल पाया।  अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ:  https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

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  1. FOLGE 1

    वर्ल्ड वॉर II का समय

    स्वतन्त्रता दिवस का अवसर था और क्षितिज स्कूल से आकर रेडियो पर कार्यक्रम सुन रहा था जिसमे भारत की आज़ादी की कहानी सुनाई जा रही थी। लेकिन फिर अचानक से रेडियो का सिग्नल चला गया और क्षितिज निराश हो गया कि अब वह यह कहानी कैसे सुने?  तभी उसके पापा उसके पास आए और अब वो खुद, जिन्हें क्षितिज वैसे ही चलता फिरता विकिपीडिया मानता है, भारत की स्वतन्त्रता और भारत छोड़ो आंदोलन की कहानी उसे सुनाने लगे।  तो अगर आप भी यह कहानी सुनना चाहते हैं तो जुड़िये हमारे नन्हें क्षितिज के साथ। और इस पहले भाग में हम जान लेते हैं की उस समय भारत और विश्व के हालत कैसे थे।   अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ:  https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    7 Min.
  2. FOLGE 2 • NUR ABONNENT:INNEN

    क्रिप्स मिशन

    वर्ल्ड वॉर II की गरमा गर्मी, भारत में बिगड़ते हालातों और अजीब परिस्थितियों के बीच ब्रिटिश सरकार ने स्टैफर्ड क्रिप्स को भारत भेजा ताकि वह हालातों को काबू में कर सकें और भारतीयों से युद्ध में सहयोग मांग सकें। पर भारतीयों ने कुछ ऐसा किया जिसकी शायद ब्रिटीशर्स को उम्मीद नहीं थी।  तो अगर आप भी जानना चाहते हैं कि स्टैफर्ड क्रिप्स को क्यों भेजा गया था और भारत ने क्या जवाब दिया तो जुड़िये हमारे प्यारे क्षितिज के साथ और सुनिए आगे की कहानी।  अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ:  https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    6 Min.
  3. FOLGE 3 • NUR ABONNENT:INNEN

    आंदोलन की शुरुआत

    वर्ल्ड वॉर II में जहां एक तरफ देश के सभी बड़े दल, पार्टियां, व्यापारी, ब्रिटिश भारतीय सेना, पुलिस सब ब्रिटशर्स को युद्ध में समर्थन देने को राज़ी थे वहीं इंडियन नेशनल काँग्रेस अपनी बात से टस से मस होने को तयार ना थी और अपनी बात पर डटी रही।  अब काँग्रेस बिना डरे खुलकर ब्रिटीशर्स का विरोध करने निकल पड़ी थी और उन्हीं प्रयासों के चलते 1942 में आया भारत छोड़ो आंदोलन।  तो अगर आप भी जानना चाहते हैं कि यह आंदोलन कब शुरू हुआ, यह किसके किसके समर्थन से शुरू हुआ था, और आगे जाकर इसका अंजाम क्या होने वाला था, तो जुड़िये हमारे प्यारे क्षितिज के साथ और जानिए आगे की कहानी।  अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ:  https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    7 Min.
  4. FOLGE 4 • NUR ABONNENT:INNEN

    आंदोलन का अंत

    भारत छोड़ो आंदोलन की जब शुरुवात हुई तो पूरे देश में हड़कंप मच गया। भारतवासी डटकर अंग्रेजों का विरोध कर रहे थे और अंग्रेज़ उनकी उठाई आवाज़ और साहस को दबाने की पूरी कोशिश। अंग्रेज़ों की सारी ताकत, सारी सेना युद्ध में व्यस्त थी, पर फिर भी जब भारतीयों ने आंदोलन का आगाज किया तो वह भी चूके नहीं उनका जवाब देने से।  इस सब के चलते वर्ल्ड वॉर II के अंत तक उनकी हालत बहुत बुरी हो चुकी थी, अब उनके पास कोई संसाधन नहीं बचे थे भारत पर अपने नियंत्रण को जारी रखने के लिए।  और फिर हुआ भारत और ब्रिटिश सरकार के बीच वो फैसला हुआ जिसका सबको सदियों से इंतज़ार था।  तो अगर आप भी जानना चाहते हैं कि इस आंदोलन ने भारत के लिए कौन से दरवाजे खोले तो जुड़िये हमारे प्यारे क्षितिज के साथ और सुनिए आगे की कहानी। अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ:  https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    6 Min.
  5. FOLGE 5 • NUR ABONNENT:INNEN

    स्वतंत्रता की रात

    इतने वर्षों के कठिन प्रयासों और संघर्ष के बाद जब अंततः जुलाई 1947 में ब्रिटिश पार्लियामेंट में इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट पास हुआ तो मानों भारत ने अपने इतिहास के सबसे बड़ी जंग जीत ली थी। 14 अगस्त को एक नए देश पाकिस्तान की स्थापना हुई और 15 अगस्त 1947 को भारत को अपनी स्वतंत्रता प्राप्त हुई।  14 अगस्त की रात जब भारत को अपने देश की बागडोर सौंपी गयी तो देश भर में एक अलग ही माहौल था, नई सीमाओं पर तनाव भी बहुत था, लेकिन एक खुशी की लहर भी सबके दिलों में दौड़ रही थी।  तो अगर आप भी जानना चाहते हैं कि भारत ने अपना पहला स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाया तो जुड़िये हमारे प्यारे क्षितिज के साथ और जानिए पूरी कहानी।  अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ:  https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    9 Min.

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बात जब भारत के इतिहास की होती है, तो कई संघर्ष और आंदोलनों की कहानियाँ हमें सुनने को मिलती हैं, जिन्होंने हमारे देश को स्वतंत्रता की ओर अग्रसर किया। इन आंदोलनों में से एक प्रमुख आंदोलन था "क्विट इंडिया मूवमेंट" या "भारत छोड़ो आंदोलन"। यह आंदोलन एक ऐसा ऐतिहासिक पल था जब पूरे देश ने एकजुट होकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई। उस आवाज़ में था वो "भारत छोड़ो" का नारा, जिसने हमें हमारा भारत वापस लौटा दिया।  तो आइये, एक बार फिर से हमारे नन्हें दोस्त क्षितिज और उसके पापा के साथ और उन एतेहासिक पलों को याद करते हैं जिनमें ये न मुमकिन लगने वाले कार्य को अंजाम मिल पाया।  अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ:  https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

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