Nitish Verma Talk Show

NITISH VERMA

Welcome to the (NVTS PODCAST) Nitish Verma Talk Show Podcast, your destination for all things related to Blogging, Digital Marketing, Technology, Cryptocurrency, and Business Ideas. Hosted by Nitish Verma, this Hindi podcast features in-depth conversations and expert insights on the latest trends and strategies in these fields. Whether you're a blogger, entrepreneur, or just someone looking to stay on top of the latest developments in the digital world, this podcast is for you. Website: https://www.nitishverma.com/ Facebook: https://www.facebook.com/initishverma

  1. 28.01.2023

    ChatGPT के लिए खर्च करने होंगे पैसे, कीमत कर सकती है हैरान | Money will have to be spent for ChatGPT, Price can surprise

    ChatGPT पिछले कुछ दिनों से चर्चा का केंद्र बना हुआ था. कोई इसे गूगल के खत्म होने की शुरुआत बता रहा था, तो कोई इसमें सर्च इंजन का भविष्य तलाश रहा था. बीतें दिनों चर्चा हो रही थी कि कंपनी इसे पेड करने पर विचार कर रही है और आखिरकार Open AI ने इसकी डिटेल्स जारी कर दी है. इसका मतलब है कि ChatGPT के लिए आपको सब्सक्रिप्शन प्लान खरीदना होगा. हालांकि, इसका एक फ्री वर्जन भी होगा. इसे आप कुछ कुछ YouTube सब्सक्रिप्शन की तरह समझ सकते हैं. जहां आपको एक फ्री वर्जन मिलता है और एक पेड, जिसे प्रीमियम कहते हैं. कितने में मिलेगा प्लान? ChatGPT के साथ भी ऐसा ही है. Open AI ने इसका प्रोफेशनल प्लान लॉन्च कर दिया है. इसके लिए यूजर्स को 42 डॉलर हर महीने खर्च करने होंगे. वहीं भारत में इसके लिए कंपनी ने अलग से कीमत का ऐलान नहीं किया है. यानी यूजर्स को 42 डॉलर लगभग 3400 रुपये हर महीने खर्च करने होंगे. प्रोफेशनल यूजर्स को कई ऐसे फीचर्स मिलेंगे, जो फ्री यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं होंगे. Blog: https://www.nitishverma.com/blog/ Send Me Voice Message : https://anchor.fm/nitishverma/message --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/nitishverma/message

    4 Min.
  2. 26.06.2022

    Fixed deposit rates: किन-किन बैंकों ने हाल ही में बढ़ाया है एफडी इंट्रेस्ट रेट

    मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए कुछ दिन पहले रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में 50 आधार अंकों की वृद्धि की थी, उसके पहले भी 40 प्लाइंट का रेट हाइक हुआ था. लिहाजा देश भर में एफडी ब्याज दरों में भी वृद्धि हो रही है. Fixed deposit rates: कई बैंकों ने हाल ही में अलग-अलग जमाराशियों के लिए और अलग-अलग अवधि के लिए फिक्स डिपोजिट ब्याज दरों में वृद्धि की है. मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए कुछ दिन पहले रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में 50 आधार अंकों की वृद्धि की थी, उसके पहले भी 40 प्लाइंट का रेट हाइक हुआ था. लिहाजा देश भर में एफडी  ब्याज दरों में भी वृद्धि हो रही है. बैंक एफडी या सावधि जमा देश में लोकप्रिय निवेश विकल्प हैं. हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों ने हमेशा सलाह दी है कि किसी को अपनी पूरी बचत बैंक एफडी में नहीं लगानी चाहिए. बैंकों में कितना पैसा जमा करने की जरूरत है, यह तय करने के लिए किसी को अपने एसेट एलोकेशन और फाइनेंशियल टारगेट का आकलन करने की जरूरत है. --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/nitishverma/message

    4 Min.
  3. 26.12.2021

    RBI Card tokenisation: What is tokenization and what are RBI guidelines

    रिजर्व बैंक की नई टोकनाइजेशन पेमेंट प्रणाली क्या है और कैसे करेगी काम? यूटिलिटी डेस्क. डेबिट और क्रेडिट कार्ड से लेनदेन को सुरक्षित करने के लिए रिजर्व बैंक ने नई व्यवस्था शुरू करने के दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इस व्यवस्था को टोकनाइजेशन (टोकन व्यवस्था) के नाम से जाना जाएगा। इसके लागू होने पर पेमेंट कंपनियां थर्ड पार्टी के साथ मिलकर अपने ग्राहकों की सुरक्षा के लिए टोकन जारी कर सकेंगी। लगातार बढ़ रहे कार्ड फ्रॉड की घटनाओं को देखते हुए आरबीआई ने यह गाइडलाइन तय की है। Post Link: https://technicalmitra.com/rbi-card-tokenisation-kya-hai/ 1) क्या है यह व्यवस्था टोकन सिस्टम के तहत ग्राहक के कार्ड की वास्तविक डिटेल्स को एक विशेष कोड (टोकन) में बदल दिया जाएगा। इस टोकन का इस्तेमाल करके ग्राहक किसी थर्ड पार्टी ऐप या पॉइंट ऑफ सेल (PoS) पर पेमेंट कर सकेंगे। यूजर को टोकनाइजेशन के लिए कार्ड प्रदाता कंपनियों से रिक्वेस्ट करनी होगी। इसके बाद यूजर के कार्ड की डिटेल्स, टोकन रिक्वेस्ट करने वाली कंपनी की डिटेल्स (जिस कंपनी को पेमेंट करने के लिए टोकन जेनरेट करना चाहते हैं) और यूजर की डिवाइस (मोबाइल/टैबलेट) के आइडेंटिफिकेशन से टोकन जेनरेट होगा। टोकन जेनरेट होने के बाद केवल उसी कंपनी के साथ इसे शेयर किया जा सकेगा, जिसके लिए इसे जेनरेट किया गया है। ग्राहकों के लिए यह सर्विस पूरी तरह मुफ्त होगी और कार्ड प्रदाता कंपनियां इसके लिए उनसे किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं वसूल सकेंगी। टोकन सिस्टम पहले ही कुछ जगह इस्तेमाल किया जाता रहा है। लेकिन, रिजर्व बैंक ने अब इसके दायरे को बढ़ा दिया है। अब नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी), मैग्नेटिक सिक्योर ट्रांसमिशन बेस्ड कॉन्टैक्टलेस ट्रांजैक्शन और क्यूआर कोड आधारित पेमेंट भी कर सकेंगे। 6) इस तरह होगा काम इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद कार्ड धारक अपने कार्ड की डिटेल्स किसी थर्ड पार्टी ऐप (जैसे- फूड डिलेवरी ऐप, कैब सेवा प्रदाता ऐप) के साथ शेयर नहीं करनी होगी। पहले ऐसा करने से यूजर को कार्ड का डेटा इन वेबसाइट्स या ऐप पर सेव करना होता था, जिसके चोरी होने का डर लगा रहता है। टोकन सर्विस ग्राहकों के इच्छा पर निर्भर करेगी। इसे लेने के लिए उन पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया जा सकेगा और न ही बैंक/कार्ड प्रदाता कंपनियों द्वारा अनिवार्य रूप से इसे लागू किया जा सकेगा। कार्ड प्रदाता कंपनियां इन सेवाओं के लिए किसी थर्ड पार्टी ऐप डेवलपर से टोकन सर्विस के लिए कॉन्ट्रैक्ट कर सकेंगी। हालांकि, इस टोकनाइज्ड पेमेंट सिस्टम में भाग लेने वाली सभी कंपनियों को रिजर्व बैंक के साथ रजिस्टर्ड होना जरूरी है। 10) ग्राहकों के हाथ में होगा कंट्रोल ग्राहकों के पास खुद को कॉन्टैक्टलेस, क्यूआर कोड या इन-ऐप परचेज जैसी किसी भी सर्विस के लिए रजिस्टर और डी-रजिस्टर करने का अधिकार होगा। यह सुविधा अभी सिर्फ मोबाइल फोन और टैबलेट के माध्यम से ही मिलेगी। इससे मिले फीडबैक के आधार पर बाद में अन्य डिवाइसों के लिए भी इसका विस्तार किया जाएगा। टोकनाइज्ड कार्ड ट्रांजेक्शन के माध्यम से होने वाले लेनदेन के लिए ग्राहक हर ट्रांजेक्शन की लिमिट के साथ-साथ डेली ट्रांजेक्शन लिमिट भी तय कर सकते हैं।इसके बाद तय लिमिट से ज्यादा का लेनदेन नहीं हो सकेगा। कार्ड प्रदाता को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्राहक जल्द से जल्द आईडेंटिफाइड डिवाइस (मोबाइल/टैबलेट) खोने की कंप्लेन दर्ज करा सके ताकि अनाधिकृत लेनदेन रोका जा सके। रिजर्व बैंक ने कहा है कि टोकन ट्रांजेक्शन सिस्टम के दौरान होने वाले सभी ट्रांजेक्शन के लिए कार्ड पेमेंट कंपनी ही जिम्मेदार होंगी। रिजर्व बैंक ने कहा है कि कार्ड के लिए टोकन सेवाएं शुरू करने से पहले अधिकृत कार्ड पेमेंट नेटवर्क को निश्चित अवधि में ऑडिट प्रणाली स्थापित करनी होगी। यह ऑडिट साल में कम से कम एक बार होनी चाहिए। --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/nitishverma/message

    6 Min.
  4. 29.09.2021

    Ayushman Bharat Digital Mission Digital Health ID Card Registration

    PM Modi Health ID Card 2021, ndhm.gov.in Apply Online Digital Health ID Registration ndhm.gov.in डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड 2021: भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में प्रधान मंत्री डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (पीएम-डीएचएम) लॉन्च किया है। योजना का शुभारंभ करते हुए पीएम ने कहा कि “आज हम एक ऐसा मिशन शुरू कर रहे हैं जिसमें भारत की स्वास्थ्य सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता है”। उन्होंने यह भी कहा कि इस मिशन के तहत एक व्यक्ति को एक डिजिटल आईडी प्रदान की जाएगी जिसमें एक व्यक्ति के सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड होंगे। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण का सीधा लिंक सक्रिय कर दिया है। Post Link: https://technicalmitra.com/digital-health-id-card/ Video Link: https://youtu.be/xARITEuRUQI --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/nitishverma/message

    4 Min.
  5. WordPress Kya Hai?

    30.05.2021

    WordPress Kya Hai?

    वर्डप्रेस क्या है? Post Link: https://www.nitishverma.com/wordpress-kya-hai/ वर्डप्रेस सबसे लोकप्रिय ओपन सोर्स कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) है, जिसे कोई भी अपने स्वयं के Web Server पर मुफ्त में Install करके किसी भी प्रकार का ब्लॉग या वेबसाइट बना सकता है. वर्डप्रेस की पूरी कोड PHP द्वारा लिखी गई है. यह एक फ्री सॉफ्टवेयर है जिसे आप अपने वेब होस्टिंग पर इनस्टॉल करके एक वेबसाइट बना सकते हैं, लेकिन याद रखें की इसके लिए आपके पास वेब होस्टिंग खाता या होस्टिंग सर्वर होना आवश्यक है. जैसा की मैंने पहले बताया वर्डप्रेस एक ओपन सोर्स कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम है, जिस वजह से आपको इसके कोड में बदलाव करने का पूरा अधिकार होता है. आप अपने सर्वर पर इस वर्डप्रेस सीएमएस को स्थापित करके किसी भी प्रकार की वेबसाइट बना सकते हैं. वर्डप्रेस का इतिहासतो चलिए वर्डप्रेस के इतिहास के विषय में थोडा बहुत जानकारी प्राप्त करते हैं. 2001 Michel Valdrighi नाम के एक French programmer ने एक 2001 में ब्लॉग्गिंग टूल बनाया था जिसे b2/cafelog नाम दिया गया था असल में यही वर्डप्रेस के लिए नीव बनी. लेकिन 2002 में Valdrighi ने इसका development बंद कर दिया.2003 Matt Mullenweg और Mike Little नाम के दो लोगों ने इसी टूल से idea लेकर WordPress बनाया और पहला version launch किया.2004 वर्डप्रेस में पहली बार plugin system को जोड़ा गया.2005 पहली बार Theme system सामिल किया गया और एक default template डाला गया इसके अलावा Image upload की सुविधा डाली गयी, import system को सुधर किया गया और भी कई टूल्स जोड़े गये.2007 नया interface design किया गया और auto save, spell checking जैसे features डाले गये.2008 एक web design कंपनी “Happy Cog” ने WordPress प्रोजेक्ट के साथ जुड़ गए और वहीँ वो उनकी मदद की एक नए WordPress admin interface की design करने के लिए. वहीँ Admin UI को भी फिर से नया रूप प्रदान किया गया. फिर बाद में नए features जैसे की shortcodes, one-click updates और built-in plugin installation को WordPress में शामिल किया गया नए नए releases के साथ.2010 Automattic, वो company जिसकी शुरुवात की गयी थी WordPress co-founder Matt Mullenweg के द्वारा, उन्होंने वर्डप्रेस की पूरी ownership को ट्रान्सफर कर दी WordPress Foundation को. जिसमें उन्होंने WordPress trademark और logo को भी ट्रान्सफर कर दिया. ये वर्डप्रेस के इतिहास में एक बहुत बड़ा दिन था क्यूंकि अब स्वतंत्र रूप से वर्डप्रेस बढ़ सकता था और किसी एक कंपनी या किसी developers के समूह के ऊपर उन्हें निर्भर नहीं रहना पड़ा. ऐसे ही धीरे धीरे वर्डप्रेस आगे बढ़ता चला गया और पूरी ऑनलाइन जगत में एक बहुत ही प्रसिद्ध CMS बन गया.2018 WordPress 5.0 को release किया गया एक बिलकुल ही नए editing experience के साथ. इस नए WordPress block editor project का कोड नाम “Gutenberg” रखा गया.ऐसे ही हर साल लगातार वर्डप्रेस को improve किया जाता रहा और आज भी नये-नये updates आते रहते हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है. --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/nitishverma/message

    9 Min.

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