Shayri

rahul dev

काली तख्ती पर पड़े सफेद स्याही हूँ जो रास्ते जाते है मौत को उस मंज़िल का राही हूँ

Descrizione

काली तख्ती पर पड़े सफेद स्याही हूँ जो रास्ते जाते है मौत को उस मंज़िल का राही हूँ