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Shiv Shakti Gatha

भगवान शिव, जिन्हें महादेव के नाम से भी जाना जाता है, उनके जीवन और परिवार की कहानियाँ हिंदू पौराणिक कथाओं में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। उनका और देवी सती का अद्भुत प्रेम, देवी सती का बलिदान, फिर एक नए रूप में देवी पार्वती से भगवान शिव का विवाह, उनके प्रिय वाहन नंदी, और उनके पुत्र कार्तिकेय और बाल गणेश की जन्म की कहानियाँ, हर उम्र के लोगों को प्रेरित और मोहित करती हैं। स्वागत है हमारी इस शृंखला "शिव शक्ति गाथा" में, जहां हम आपको लेकर चलेंगे इन पवित्र और रोमांचक कथाओं की दुनिया में, जो प्रेम, बलिदान, और परिवार के महत्व को दर्शाती हैं। अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ: https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

單集

  1. 第 1 集

    देवी सती का बलिदान

    स्वागत है आपका "शिव शक्ति गाथा" के पहले भाग में, जहां हम जानेंगे भगवान शिव और देवी सती की कहानी। यह कहानी शुरू होती है सृष्टिकर्ता ब्रह्मा जी और उनके पुत्र प्रजापति दक्ष से। प्रजापति दक्ष की बेटी के रूप में जन्मीं देवी सती भगवान शिव को पतिरूप में पाने के लिए कड़ी तपस्या करती हैं और अंततः उनकी तपस्या से प्रभावित होकर भगवान शिव देवी सती से विवाह कर कैलाश पर्वत पर जा बस्ते हैं। परंतु फिर एक यज्ञ में हुई अन बन के चलते जब प्रजापति दक्ष भगवान शिव और देवी सती को अपने यहा आयोजित हो रहे यज्ञ में आमंत्रित नहीं करते, बल्कि देवी सती के वहाँ पहुँचने पर उनका और भगवान शिव का अपमान भी करते हैं तो देवी सती खुद को उसी यज्ञ की अग्नि में भस्म कर देती हैं। तो आइये सुनते हैं, भगवान शिव और देवी सती की कहानी। अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ: https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    12 分鐘
  2. 第 2 集 • 訂閱者限定

    देवी पार्वती से विवाह

    स्वागत है आपका "शिव शक्ति गाथा" के दूसरे भाग में, जहां हम जानेंगे कि कैसे हज़ारों वर्षों की कड़ी तपस्या के बाद आखिर देवी पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पा ही लिया। जब देवी शक्ति के अवतार देवी सती ने खुद को भस्म कर डाला और भगवान शिव अपनी पत्नी को खोने के दुख से वैरागी बन गए। तब राजा हिमालय के यहाँ देवी शक्ति ने फिर देवी पार्वती के रूप में जन्म लिया। जब नारद जी ने देवी पार्वती को देखा तो राजा हिमालय को इस बात से अवगत कराया कि देवी पार्वती के भाग्य में भगवान शिव की अर्धांग्नि बनना लिखा तो है, पर उनकी पत्नी के लिए देवी पार्वती को कठिन परीक्षा से गुज़रना होगा। देवी पार्वती जो भगवान शिव के प्रति बचपन से ही समर्पित थीं, उन्होनें खूब कड़ी तपस्या की, बहुत सी कठिनाइयों का सामना किया, परंतु अंततः हिम्मत ना हारते हुए उन्हें भगवान शिव का यह वचन प्राप्त हो ही गया कि वह देवी पार्वती से विवाह करेंगे। तो आइये सुनते हैं, भगवान शिव और देवी पार्वती की कहानी। अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ: https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    9 分鐘
  3. 第 3 集 • 訂閱者限定

    भगवान शिव के प्रिय नंदी

    स्वागत है आपका "शिव शक्ति गाथा" के तीसरे भाग में, जहां हम जानेंगे कि कैसे ऋषि शिलाद की कड़ी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया। भगवान शिव ने ऋषि शिलाद के पुत्र के रूप में जन्म लेने का वादा किया परंतु उस पुत्र की आयु बहुत कम होगी ये निश्चित था। वह पुत्र नंदी जब बड़ा होने लगा और अपने पिता को इस बात से चिंतित देखा तो वह अपना भाग्य बदलने के लिए घर से निकल पड़ा और भगवान शिव की तपस्या में खुद को समर्पित कर दिया। तो आइये सुनते हैं, भगवान शिव और देवी पार्वती की कहानी। अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ: https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    5 分鐘
  4. 第 4 集 • 訂閱者限定

    कार्तिकेय के जन्म का उदेशय

    स्वागत है आपका "शिव शक्ति गाथा" के अगले भाग में, जहां हम जानेंगे कि कैसे वज्रांग की पत्नी वरांगी ने उनसे एक ऐसे पुत्र की मनोकामना की जो अत्यंत शक्तिशाली हो, और तीनों लोकों पर अपना अधिकार स्थापित करे। वरांगी की इच्छा पूर्ण करने हेतु वज्रांग ने ब्रह्मा जी से वर की प्राप्ति की और अंततः उनके पुत्र तारक का जन्म हुआ। तारक ने तीनों लोकों में तबाही मचा दी और ब्रह्मा जी की तपस्या कर यह वरदान भी पा लिया कि उसे केवल भगवान शिव के पुत्र ही ख़त्म कर सकते थे। और यही कारण बना भगवान शिव और पार्वती जी के पुत्र कार्तिकेय के जन्म का। तो आइये सुनते हैं, भगवान शिव और देवी पार्वती के परिवार की यह कहानी। अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ: https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    10 分鐘
  5. 第 5 集 • 訂閱者限定

    बाल गणेश की वीरता

    स्वागत है आपका "शिव शक्ति गाथा" के आखिरी भाग में, जहां हम जानेंगे कि कैसे देवी पार्वती को यह कमी महसूस हुई कि उनके जीवन में ऐसा कोई भी सेवक नहीं है जो सिर्फ उनकी बात सुने और उसका पालन करे। देवी पार्वती ने अपनी सखियों के साथ इस बात को सांझा किया और फिर उनकी सुझाई बात को अंजाम देते हुए उन्होनें बाल गणेश का निर्माण किया, जो पूरी तरह से उनके लिए समर्पित था। परंतु अब शिव गण और बाल गणेश के बीच विवाद होने लगा क्योंकि एक तरफ बाल गणेश माता पार्वती की आज्ञा का पालन करने लगे तो दूसरी तरफ शिव गण भगवान शिव का। तो आइये सुनते हैं, बल गणेश के जन्म की यह कहानी। अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ: https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    8 分鐘

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भगवान शिव, जिन्हें महादेव के नाम से भी जाना जाता है, उनके जीवन और परिवार की कहानियाँ हिंदू पौराणिक कथाओं में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। उनका और देवी सती का अद्भुत प्रेम, देवी सती का बलिदान, फिर एक नए रूप में देवी पार्वती से भगवान शिव का विवाह, उनके प्रिय वाहन नंदी, और उनके पुत्र कार्तिकेय और बाल गणेश की जन्म की कहानियाँ, हर उम्र के लोगों को प्रेरित और मोहित करती हैं। स्वागत है हमारी इस शृंखला "शिव शक्ति गाथा" में, जहां हम आपको लेकर चलेंगे इन पवित्र और रोमांचक कथाओं की दुनिया में, जो प्रेम, बलिदान, और परिवार के महत्व को दर्शाती हैं। अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ: https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

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