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Eid ul-Fitr

ईद उल-फ़ित्र, इस्लाम धर्म के सबसे खास त्योहारों में से एक है। और यह त्योहार रमज़ान के महीने के पूरा होने की खुशी में मनाया जाता है। इस्लामी कैलेंडर में रमज़ान के बाद आने वाले शववाल के महीने का चाँद निकलते ही हर तरफ बस ईद की मुबारकबाद दी जाने लगती है। घर - बाज़ार रौशन हो उठते हैं और चारों ओर एक उल्लास का माहौल बन जाता है।  पर इस त्योहार के पीछे की कहानी क्या है? मुसलमान रोज़ा क्यों रखते हैं? और ईद उल-फ़ित्र कैसे मनाई जाती है? इन सभी सवालों के जवाबों के साथ हम खुशामदीत करते हैं आप सभी का हमारे इस नई सिरीज़ "ईद उल-फ़ित्र" में।  तो जुड़िये हमारे साथ और जानिए ईद उल-फ़ित्र की कहानी।  अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ:  https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

Afleveringen

  1. Aflevering 1

    हज़रत मुहम्मद सल्लललाहु अलैहि वसल्लम

    क़ुरान पाक में हज़रत मुहम्मद सल्लललाहु अलैहि वसल्लम को अल्लाह का दूत और इस्लाम मज़हब का आखिरी पैगंबर बताया गया है।   सऊदी अरेबिया के मक्का शहर में जन्में मुहम्मद सल्लललाहु अलैहि वसल्लम जो की पेशे से एक व्यापारी थे, उनहोंने अपनी ज़िंदगी में अपने अच्छे कामों और दूसरों के प्रति अपने व्यवहार से लोगों का इतना प्यार और भरोसा कमाया कि अरब के लोग उन्हें अल - अमीन कहने लगे, यानि कि उनको एक भरोसेमंद इंसान का दर्जा दिया जाता था।   अपनी ज़िंदगी के बाद के सालों में मुहम्मद सल्लललाहु अलैहि वसल्लम ने एक राजनयिक, दार्शनिक, वक्ता, विधायक, सुधारक, और सैनिक की भूमिका भी निभाई।  तो आइये सुनते हैं मुहम्मद सल्लललाहु अलैहि वसल्लम की कहानी, जिनसे इस्लाम धर्म और उसकी शिक्षा आम लोगों तक पहुँची।  अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ:  https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    8 min.
  2. Aflevering 2

    रोज़े रखने की शुरुवात

    जब हज़रत मुहम्मद सल्लललाहु अलैहि वसल्लम एक पैगंबर के नाते, लोगों तक अल्लाह का पैगाम पहुंचाने लगे, उन्हें क़ुरान में लिखी बातें बताने लगे, तो बहुत से लोग उनके बताए रास्ते पर चलने लगे।  इस तरह जब हज़रत मुहम्मद सल्लललाहु अलैहि वसल्लम पर क़ुरान की सूरे अल बकराह नाज़िल हुई जिसमें रोज़ा रखने की बात कही गयी, तो पैगंबर ने यह बात भी अपने लोगों तक पहुंचाई। उन्होने बताया कि क़ुरान के मुताबिक मुसलमानों का रमज़ान के पूरे महीने में रोज़ा रखना ज़रूरी है। और तब से रोज़े रखने का यह सिलसिला शुरू हुआ और अब तक चला आ रहा है।  तो आइये सुनते हैं विस्तार में आगे की यह कहानी।  अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ:  https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    6 min.
  3. Aflevering 4 • Alleen voor abonnees

    ईद उल-फ़ित्र का त्योहार

    रमज़ान के महीने के पूरा हो जाने की खुशी में, सभी मुसलमान ईद उल-फ़ित्र का पर्व मनाते हैं।  यह त्योहार सभी मुसलमानों के लिए एक तौफा है जो उन्हें रमज़ान के महीने के तीसों दिन सुबह से शाम तक रोज़े रखने की कामयाबी पर मिलता है।  दुनिया में मनाए जाने वाले हर एक त्योहार की तरह, ईद उल फ़ित्र का आगाज़ भी हर्ष और उल्लास के साथ होता है। इस दिन पर एक से बढ़कर एक पकवान बनते हैं, लोगों के घर जगमगा उठते हैं और हर तरफ एक ही आवाज़ गूंज रही होती है, "ईद मुबारक, ईद मुबारक।"  पर वो और क्या ऐसी खास चीज़ें हैं जो इस त्योहार पर ज़रूर की जाती हैं? तो आइये जानते हैं कुछ ऐसी ही बातों के बारे में इस पॉडकास्ट के आखिरी भाग में।  अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ:  https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    6 min.
  4. 07-04-2024

    परिचय

    ईद उल-फ़ित्र, इस्लाम धर्म के सबसे खास त्योहारों में से एक है। और यह त्योहार रमज़ान के महीने के पूरा होने की खुशी में मनाया जाता है। इस्लामी कैलेंडर में रमज़ान के बाद आने वाले शववाल के महीने का चाँद निकलते ही हर तरफ बस ईद की मुबारकबाद दी जाने लगती है। घर - बाज़ार रौशन हो उठते हैं और चारों ओर एक उल्लास का माहौल बन जाता है।  पर इस त्योहार के पीछे की कहानी क्या है? मुसलमान रोज़ा क्यों रखते हैं? और ईद उल-फ़ित्र कैसे मनाई जाती है? इन सभी सवालों के जवाबों के साथ हम खुशामदीत करते हैं आप सभी का हमारे इस नई सिरीज़ "ईद उल फ़ित्र" में।  तो जुड़िये हमारे साथ और जानिए ईद उल फ़ित्र की कहानी।  अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ:  https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

    2 min.

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ईद उल-फ़ित्र, इस्लाम धर्म के सबसे खास त्योहारों में से एक है। और यह त्योहार रमज़ान के महीने के पूरा होने की खुशी में मनाया जाता है। इस्लामी कैलेंडर में रमज़ान के बाद आने वाले शववाल के महीने का चाँद निकलते ही हर तरफ बस ईद की मुबारकबाद दी जाने लगती है। घर - बाज़ार रौशन हो उठते हैं और चारों ओर एक उल्लास का माहौल बन जाता है।  पर इस त्योहार के पीछे की कहानी क्या है? मुसलमान रोज़ा क्यों रखते हैं? और ईद उल-फ़ित्र कैसे मनाई जाती है? इन सभी सवालों के जवाबों के साथ हम खुशामदीत करते हैं आप सभी का हमारे इस नई सिरीज़ "ईद उल-फ़ित्र" में।  तो जुड़िये हमारे साथ और जानिए ईद उल-फ़ित्र की कहानी।  अधिक जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ:  https://chimesradio.com हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स पर हमें फॉलो करें: https://www.instagram.com/vrchimesradio/ https://www.facebook.com/chimesradio/

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