Padhaku Nitin

Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein. कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी की पूरी सभ्यता चुपचाप कैसे मिट जाती है? भाषा के ग्रामर से मिले कब, क्यों, कैसे, कहां, किसने ऐसे शब्द हैं जो सेंटेंस में जुड़ जाएँ तो सवाल पैदा करते हैं और सवालों के बारे में आइंस्टीन ने कहा था- The important thing is not to stop questioning. पढ़ाकू नितिन ऐसा ही पॉडकास्ट है जिसमें किसी टॉपिक का रेशा रेशा खुलने तक हम सवाल पूछने से थकते नहीं.

  1. Ram Mandir से जुड़े कौनसे राज़ खोल गए रामलला के वकील?

    5 DAYS AGO

    Ram Mandir से जुड़े कौनसे राज़ खोल गए रामलला के वकील?

    दिसंबर सुनते ही दिमाग में क्या आता है? साल का आखिरी महीना. मगर पिछले एक ऐसी किताब आई जिसे पढ़कर, दिसंबर एक और कारण से याद आएगा. कारण है राम जन्मभूमि विवाद का. जब आप इस विवाद की टाइमलाइन देखेंगे तो आपको पैटर्न नज़र आएगा कि इस विवाद से जुड़े लगभग सारे बड़े घटनाक्रम दिसंबर में ही घटे फिर चाहे इस मामले में पहला मुकदमा दर्ज होना हो… या बाबरी मस्जिद का गिरना. और इसी दिसंबर में हम बात करने जा रहे हैं रामजन्मभूमि विवाद पर. वो भी उनसे जो Literally ‘भगवान के वकील’ रहे हैं. हमारे साथ हैं आज दो वकील, अनिरुद्ध शर्मा और श्रीधर पोटराजू. आपको 2019 का रामजन्मभूमि केस याद है न? इस केस में राल लला विराजमान को रिप्रेज़ेंट करने वालों में ये दोनों शामिल थे. इन दोनों ने हाल ही में मिलकर एक किताब लिखी जिसका नाम है Case for Ram. ये किताब दरअसल उस मुकदमे के पीछे की कहानी है. ये किताब सुप्रीम कोर्ट में हुई बहसों को समेटे हुए है. ये किताब समेटे हुए है उन तैयारियों की तफसील जो सुप्रीम कोर्ट में एक केस लड़ने के लिए की जाती है. भयंकर डिटेलिंग के भरा हुई किताब है, उतना ही डीटेल्ड ये पॉडकास्ट भी है. पूरा सुनिएगा

    1h 46m
  2. 1971 India Pakistan War के Nail-Biting Secret और Bangladesh की आज़ादी में Condom कैसे बना हथियार? : पढ़ाकू नितिन

    25/12/2025

    1971 India Pakistan War के Nail-Biting Secret और Bangladesh की आज़ादी में Condom कैसे बना हथियार? : पढ़ाकू नितिन

    बांग्लादेश. कभी ये नाम सुनकर ऐसा लगता था जैसे कोई ऐसा पड़ोसी है जिसके यहां से आदान प्रदान चलता रहता है. तभी आपके यहां खीर ज़्यादा बनी तो वहां पहुंचा दी, उधर से पराठे ज़्यादा बने तो इधर आ गए. ऐसा नज़दीकी रिश्ता. कारण था बांग्लादेश के बनने में जो सहायता भारत ने की थी. पिछले दो सालों में इसी पड़ोसी ने आंतरिक तौर पर काफ़ी उथल पुथल देखी. बांग्लादेश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की मूर्तियां वहीं के लोगों ने गिराई. उनकी बेटी और बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को वहां से तुरंत भागना पड़ा. भारत ने उन्हें अपने यहां शरण भी दी. मगर भारत-बांग्लादेश का ऐसा रिश्ता आखिर बना कैसे? 1971 में हुआ क्या था? ईस्ट पाकिस्तान से बांग्लादेश तक का सफ़र तय करने में ऐसे कौन कौन से पड़ाव थे जिनके बारे में दुनिया को पता ही नहीं है? और जब ये हो रहा था तो दुनिया भर में क्या घट रहा था? इसी सवाल को Address करती है Iqbal Chand Malhotra और Subroto Chattopadhyay की क़िताब Bangladesh: Humiliation, Carnage, Liberation, Chaos. और किताब के दोनों लेखक हैं हमारे मेहमान. मिलेंगे सारे सवालों के जवाब. सुनिएगा पूरा एपिसोड प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती

    1h 6m
  3. Dhurandhar की सच्चाई, Kashmir में ISI का Jihad Game और Kashmir में Hybrid आतंकियों का ख़ौफ़! : पढ़ाकू नितिन

    23/12/2025

    Dhurandhar की सच्चाई, Kashmir में ISI का Jihad Game और Kashmir में Hybrid आतंकियों का ख़ौफ़! : पढ़ाकू नितिन

    कश्मीर के इतिहास से आप और हम अनभिज्ञ तो नहीं हैं। हम उसकी ख़ूबसूरती, उसके कल्चर से जिस तरह वाक़िफ़ हैं, उसके सबसे बड़े दुर्भाग्य से भी उसी तरह वाक़िफ़ हैं। और उसका दुर्भाग्य यह है कि वह पाकिस्तान की शाह-रग है। उसका प्लेग्राउंड है। वह प्लेग्राउंड जहाँ पाकिस्तान अपनी उन ख़ुराफ़ातों को अंजाम देता है, जिससे भारत को प्रेशराइज़ किया जा सके। लिहाज़ा, कश्मीर से आने वाली छोटी-से-छोटी ख़बर भी एक प्रायोरिटी बन जाती है। हाल ही में हमारे हाथ एक किताब लगी. यह किताब कश्मीर की बिगड़ी हुई तहरीर की कहानी सुनाती है। कहानी सुनाती है उस जिहाद गेम की, जो पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी ISI कई सालों तक कश्मीर में खेलती रही है। यह किताब आपको ले चलती है पाकिस्तान के डार्क वॉर के बीचों-बीच। किताब का नाम है The Jihad Game और लेखक हैं Abhinav Pandya। अभिनव पांडेय कश्मीर में कई वर्षों तक रहकर काउंटर-इंसर्जेंसी पर ग्राउंड रिसर्च कर चुके हैं। जम्मू-कश्मीर में टेररिज़्म और काउंटर टेररिज़्म पर ही उनकी Ph.D. भी है। पढ़ाकू नितिन के एपिसोड में हम उनकी इसी किताब पर बात करेंगे। समझेंगे कि आखिर पाकिस्तान किस तरह लश्कर, जैश और हिज़्बुल जैसे संगठनों के ज़रिए सालों-साल कश्मीर में ऑपरेट करता रहा है? और सबसे अहम — यह भी समझेंगे कि किस तरह ये संगठन कश्मीर के यूथ को Radicalize करते हैं? प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल

    1h 34m
  4. बांग्लादेश कैसे बना - Indian Intelligence का प्लान, भुट्टो की थेथरई या Left का ऑपरेशन? : पढ़ाकू नितिन

    18/12/2025

    बांग्लादेश कैसे बना - Indian Intelligence का प्लान, भुट्टो की थेथरई या Left का ऑपरेशन? : पढ़ाकू नितिन

    बांग्लादेश. कभी ये नाम सुनकर ऐसा लगता था जैसे कोई ऐसा पड़ोसी है जिसके यहां से आदान प्रदान चलता रहता है. तभी आपके यहां खीर ज़्यादा बनी तो वहां पहुंचा दी, उधर से पराठे ज़्यादा बने तो इधर आ गए. ऐसा नज़दीकी रिश्ता. कारण था बांग्लादेश के बनने में जो सहायता भारत ने की थी. पिछले दो सालों में इसी पड़ोसी ने आंतरिक तौर पर काफ़ी उथल पुथल देखी. बांग्लादेश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की मूर्तियां वहीं के लोगों ने गिराई. उनकी बेटी और बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को वहां से तुरंत भागना पड़ा. भारत ने उन्हें अपने यहां शरण भी दी. मगर भारत-बांग्लादेश का ऐसा रिश्ता आखिर बना कैसे? 1971 में हुआ क्या था? ईस्ट पाकिस्तान से बांग्लादेश तक का सफ़र तय करने में ऐसे कौन कौन से पड़ाव थे जिनके बारे में दुनिया को पता ही नहीं है? और जब ये हो रहा था तो दुनिया भर में क्या घट रहा था? इसी सवाल को Address करती है Iqbal Chand Malhotra और Subroto Chattopadhyay की क़िताब Bangladesh: Humiliation, Carnage, Liberation, Chaos. और किताब के दोनों लेखक हैं हमारे मेहमान. मिलेंगे सारे सवालों के जवाब. सुनिएगा पूरा एपिसोड. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल

    1h 13m
  5. Bondi Beach Terror Attack का सच और यहूदियों से मुसलमानों का Dispute Explained: पढ़ाकू नितिन

    16/12/2025

    Bondi Beach Terror Attack का सच और यहूदियों से मुसलमानों का Dispute Explained: पढ़ाकू नितिन

    14 December 2025. Australia ने पिछले 3 दशकों का सबसे वीभत्स और सबसे बड़ा आतंकी हमला देखा. जब Sydney के Bondi Beach पर दो बंदूकधारी ताबड़तोड़ गोलीबारी करते दिखे. अफ़रा तफ़री मची 15 लोगों ने अपनी जान गंवाई. 30 से ज़्यादा लोग घायल हुए. 10 साल की छोटी बच्ची से लेकर 41 साल तक के Rabbi तक इसमें मारे गए. जब जांच हुई तो मालूम हुआ कि हमलावरों के तार IS से जुड़े थे. कयास लगाए गए कि उन्होंने हमला करने के लिए ये दिन इसलिए चुना. ताकि वो Hanukkah मना रहे Jewish परिवारों को मारकर एक Messaging दे सकें. कुछ लोगों ने इस हमले को Anti-Semitic कहा.. कुछ ने इसमें एक Geopolitical एंगल ढूंढते हुए कहा कि देखो अभी तो Australia Palestine को मान्यता देने वाला था. और अब उनके यहां यहूदियों पर इतना बड़ा हमला हुआ.. ट्रंप से लेकर नेतन्याहू तक ने इस हमले की निंदा की और इसे Australia में उठते Anti-Semitic Sentiment का Indicator बताया. लेकिन सवाल उठता है कि ये Anti Semitism है क्या? हम इसे सीधा Anti-Jew क्यों नहीं कह देते? आखिर Islamic State को Jews से क्या दिक्कत है? Jews दरअसल मुसलमानों और Christians से अलग होते हुए भी एक जैसे क्यों है? Jews के Origins से लेकर. Holocaust. फिर Israel का बनना और फिर World Order का बदलना सब समझेंगे आज. इस सबमें Jews का Direct Indirect Role क्या रहा ये भी समझेंगे ? Bondi Beach पर हुए इस हमले को तो समझेंगे ही मगर बात थोड़ी इतिहास पर ज़्यादा करेंगे. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में यही सब समझने के लिए हमने दावत दी है कलकत्ता की ऐतिहासिक Presidency यूनिवर्सिटी में Holocaust History पढ़ाने वाले, Anti Semitism के मुद्दे पर Expertise रखने वाले Professor नवरस आफ़रीदी को. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती

    1h 20m
  6. Pilot ने खोले IndiGo और Aviation Industry के दबे राज़! : पढ़ाकू नितिन

    11/12/2025

    Pilot ने खोले IndiGo और Aviation Industry के दबे राज़! : पढ़ाकू नितिन

    एक दौर में मिडिल क्लास का ख़्वाब थी हवाई यात्रा. अक्सर एयरपोर्ट पर खींची गई तस्वीरें-वीडियोज़ अपने प्रियजनों को भेजने के लिए ली जाती थीं. ये बताने के लिए कि लीजिए हमने ये ज़मीन छोड़कर परवाज़ ले ली है. बॉलीवुड का भी इसमें बड़ा योगदान था. अक्सर हीरो हीरोइन को वस्ल का लम्हा एयरपोर्ट के आंगन में ही नसीब होता था. एयरपोर्ट पर खींचे गए फोटोज़ वीडियोज़ तो आजकल वायरल भी हो रहे हैं. लेकिन इन फोटोज़ में भाव सेलिब्रेशन का नहीं बल्कि असंतोष, नाराज़गी और मुख्यत: निराशा का है. वजह है देश की सबसे बड़ी Airlines में से एक, IndiGo का Crisis का होना. मुमकिन है आपने भी ख़बरें को देखी ही होंगी और ऐसी वीडियोज़ भी. लेकिन ये मेरा दावा है कि ऐसा पॉडकास्ट नहीं देखा होगा जिसमें इतनी सरल हिंदी में आपको इस Crisis से जुड़े जटिल सवालों के सरलतम जवाब मिले हों. तो सोच क्या रहे हैं, देख डालिए पढ़ाकू नितिन का ये एपिसोड जहां हमारे मेहमान हैं सिविल एविएशन एक्सपर्ट और एक्स पायलट हर्ष वर्धन. जिनसे हमने समझा अचानक इतनी बड़ी Airline इतनी बुरी तरह फेल क्यों होती दिखी? क्या Possible कारण हैं? DGCA की ओर से, Airline की ओर से? Infrastructural दिक्कत है या Operational? इसी बहाने झांकेगे कि Indian Civil Aviation की दुनिया अंदर से दिखती कैसी है? प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल

    1h 3m
  7. India की सबसे बड़ी Security Company बनने की अनसुनी कहानी! : पढ़ाकू नितिन

    04/12/2025

    India की सबसे बड़ी Security Company बनने की अनसुनी कहानी! : पढ़ाकू नितिन

    कल्पना कीजिए, साल 1970 का दशक। इमरजेंसी का दौर। एक निडर पत्रकार बेखौफ होकर सरकार के खिलाफ आग उगलते लेख लिख रहा है। जब ऊपर से दबाव इतना बढ़ गया कि नौकरी छोड़नी पड़ी, तो उसने हार नहीं मानी। सीधे पहुंच गया जयप्रकाश नारायण के पास, जिन्होंने उस वक्त इंदिरा गांधी की कुर्सी हिला रखी थी। जेपी ने उसे सलाह दी, “कुछ ऐसा करो कि रिटायर हो रहे हमारे सैनिकों को सम्मान के साथ रोजगार मिले।” बस इसी एक सलाह से 1974 में जन्म हुआ एक छोटी-सी सिक्योरिटी कंपनी का, नाम रखा SIS, यानी Security and Intelligence Services (India)। आज, 50 साल बाद वही SIS: - भारत और ऑस्ट्रेलिया की नंबर-1 सिक्योरिटी सर्विसेज कंपनी - न्यूज़ीलैंड में तीसरे और सिंगापुर में पांचवें नंबर पर - NSE में लिस्टेड - 3 लाख से ज्यादा कर्मचारी, यानी TCS, Infosys और Reliance के ठीक बाद चौथे नंबर पर - भारत की सबसे बड़ी एम्प्लॉयर आपने कभी न कभी किसी मॉल, सोसाइटी या ऑफिस के गेट पर “SIS” का बैज लगाए गार्ड को जरूर देखा होगा। लेकिन हैरानी की बात ये है कि TCS, Infosys, Reliance तो हर कोई जानता है, पर SIS के बारे में हममें से ज्यादातर लोग आज भी अनजान हैं। इस गुमनाम दिग्गज की पूरी कहानी अब एक किताब में आ गई है, किताब का नाम है The SIS Story और लेखक हैं प्रिंस मैथ्यू थॉमस. यही प्रिंस थॉमस, पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमारे मेहमान हैं. सुनिए पूरा पॉडकास्ट प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल

    1h 1m
  8. Delhi में Putin Modi Meet, India-Russia Summit से चिढ़ तो नहीं जाएंगे Trump? : Padhaku Nitin

    02/12/2025

    Delhi में Putin Modi Meet, India-Russia Summit से चिढ़ तो नहीं जाएंगे Trump? : Padhaku Nitin

    जब भी मैं कोई फिल्म देखता हूँ, तो एक्टिंग के बारे में एक बात बार-बार समझ में आती है, कि असल खेल तो सही तरीके से रिएक्ट करने का होता है। हैरानी की बात है कि जियोपॉलिटिक्स को फॉलो करते वक्त भी बिलकुल वैसा ही लगता है, सब कुछ इसी पर टिका है कि आप सामने वाली स्थिति पर सही ढंग से रिएक्ट करें। एक देश दूसरे पर टैरिफ थोपकर दबाव बनाता है, दूसरा देश उसी हालत में डिप्लोमैटिकली रिएक्ट करता है, कुछ डील्स फाइनल करता है, बस यही जियोपॉलिटिक्स है। इस हफ्ते जियोपॉलिटिक्स के मैदान में दो बड़े-बड़े इवेंट हुए। पहला, 30 नवंबर को फ्लोरिडा में यूक्रेन पीस डील को लेकर अमेरिका और यूक्रेन के प्रतिनिधि आपस में मिले। दूसरा बड़ा इवेंट है राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा। 2022 में यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से यह पुतिन की पहली भारत यात्रा है। इसका महत्व तो अपने आप में बहुत बड़ा है। लेकिन सवाल यह है कि यह महत्व कितना बड़ा है? किस स्तर का है? यूक्रेन की शांति वार्ता को लेकर इस वक्त क्या-क्या बातें चल रही हैं? क्या भारत इस मुलाकात के जरिए दुनिया को और खास तौर पर अमेरिका को कोई खास संदेश देना चाहता है? इन सारे एंग्ल्स को हम डीकोड करेंगे, एक-एक करके सारे सवाल पूछेंगे प्रोफेसर राजन कुमार से। रूस और सेंट्रल एशियन स्टडीज के बड़े जानकार हैं, जेएनयू में पढ़ाते हैं। पहले भी हमारे शो पर आ चुके हैं और पिछली बार जब आए थे तो आप लोगों ने उस एपिसोड को खूब सारा प्यार दिया था। प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल

    59 min

About

Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein. कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी की पूरी सभ्यता चुपचाप कैसे मिट जाती है? भाषा के ग्रामर से मिले कब, क्यों, कैसे, कहां, किसने ऐसे शब्द हैं जो सेंटेंस में जुड़ जाएँ तो सवाल पैदा करते हैं और सवालों के बारे में आइंस्टीन ने कहा था- The important thing is not to stop questioning. पढ़ाकू नितिन ऐसा ही पॉडकास्ट है जिसमें किसी टॉपिक का रेशा रेशा खुलने तक हम सवाल पूछने से थकते नहीं.

More From Aaj Tak Radio

You Might Also Like