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हफ्ते भर के समाचार का समावेश| संचालन: अतुल चौरसिया https://www.newslaundry.com/hindi Click here to support Newslaundry: http://bit.ly/paytokeepnewsfree Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.

  1. 22h ago

    एनएल चर्चा 447: मीडिया की स्वतंत्रता पर डेटा संरक्षण कानून का साया और मणिपुर में हिंसा का नया दौर

    एनएल चर्चा के इस अंक में मुख्य रूप से डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र को जारी नोटिस के बीच मीडिया की स्वतंत्रता पर मंडराते खतरे, मणिपुर में सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियानों के दौरान 17 लोगों की गिरफ्तारी व 24 हथियार जब्त किए जाने के बाद गहराते सामाजिक-राजनीतिक संकट, और ओडिशा व आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 87,000 से अधिक लोगों को विस्थापित करने वाले चक्रवात 'अर्णव' के कहर पर विस्तार से चर्चा की गई. वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए दीवाली से पहले महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मंजूरी, पश्चिम एशिया संघर्ष में अब तक 22 भारतीयों की मौत की विदेश मंत्रालय द्वारा पुष्टि, एमएलसी चुनाव परिणामों में एनडीए को 16, एसपी को 5 और कांग्रेस को 1 सीट मिलने, यूपी सरकार द्वारा हिंसक 'सत्ता परिवर्तन' गतिविधियों में शामिल लोगों पर सरकारी नौकरियों का बैन, चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया में 6 राज्यों की मतदाता सूची से केवल 1,600 विदेशी नागरिकों की पहचान होने, अरुणाचल प्रदेश में बांध परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक होने पर 69 लोगों पर एंटी-टेरर लॉ लागू करने, चुनाव आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में फॉर्म 6 में संशोधन न होने का हलफनामा देने, कर्नाटक में 1 करोड़ नाम हटाने के बाद 4.5 करोड़ मतदाताओं की अंतिम सूची जारी होने, जामिया में छात्र संघ चुनावों की निश्चित समय-सीमा को लेकर 18वें दिन भी अनशन जारी रहने, 2018 के मानहानि मामले में राहुल गांधी के बरी होने, मुंबई पुलिस प्रमुख के अनुरोध पर राज ठाकरे द्वारा मोदी-अदानी डॉक्यूमेंट्री पोस्ट हटाने, राहुल गांधी द्वारा टाटा ग्रुप के 'आपराधिक विनाश' और भारत इंक की 'चुप' पर सवाल उठाने, और अरुणाचल सीमा पर चीन के साथ आईटीबीपी का गतिरोध जारी रहने आदि ख़बरें भी हफ्ते भर चर्चा में रहीं. इस हफ्ते चर्चा में 'द फ्रंटियर मणिपुर' के कार्यकारी संपादक पाओजेल चाओबा, 'मॉल्टिक्स' की वरिष्ठ पत्रकार निवेदिता शांडिल्य और न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और बसंत कुमार ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया. चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “डिजिटल डाटा पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन क़ानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. इस क़ानून को लेकर बहुत सारी चिंताएं हैं जिसमें सबसे ज़्यादा असर खोजी पत्रकारिता पर पड़ेगा यदि यह क़ानून लागू होता है.” इस विषय पर हृदयेश कहते हैं, “यह बिल लाया गया और क़ानून बनाया गया था इस भावना के साथ कि आम आदमी के डाटा के संरक्षण के लिए लाया गया है और आम आदमी ने इसका समर्थन भी किया. अब इस क़ानून में समस्या यह है कि इसमें पत्रकारिता या खोजी पत्रकारिता को कोई छूट नहीं दी गई है साथ ही सूत्र की सुरक्षा पर भी खतरा है.” सुनिए पूरी चर्चा - टाइमकोड्स: 00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 4:56 - सुर्खियां 21:37 - निजता के कानून को लेकर चिंता 01:02:00 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:14:12 - मणिपुर में हिंसा का दौर 01:25:33 - सलाह और सुझाव नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें. पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट्स यूट्यूब पर देखें हृदयेश जोशी रिपोर्ट - After Uttarakhand, it’s MP: CM Yadav spent Rs 230 cr to sell a Rs 30 lakh cr ‘MoU’ mirage बसंत कुमार रिपोर्ट - After Uttarakhand, it’s MP: CM Yadav spent Rs 230 cr to sell a Rs 30 lakh cr ‘MoU’ mirage रिपोर्ट - IAS शिखर, IPS पत्नी प्रशाखा के परिवार के 40 विला-कॉटेज:ढाई साल में एक ही कंपनी से खरीदे, दोनों बेटों और सास-ससुर के नाम भी प्रॉपर्टी इंटरव्यू - डेटा प्रोटेक्शन बिल: ‘‘क्या केंद्र सरकार लोगों के पर्सनल डेटा पर नियंत्रण करना चाहती है” निवेदिता शांडिल्य रिपोर्ट - ‘RSS Friends’ registers in U.S. to step up outreach, correct inaccuracies रिपोर्ट - यमुना की बदहाली और जहरीले झाग का सच: कालिंदी कुंज घाट से ग्राउंड रिपोर्ट अतुल चौरसिया डॉक्यूमेंट्री - अनाबॉम्बर रिपोर्ट - After Uttarakhand, it’s MP: CM Yadav spent Rs 230 cr to sell a Rs 30 lakh cr ‘MoU’ mirage चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें. ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.

    एनएल चर्चा 447: मीडिया की स्वतंत्रता पर डेटा संरक्षण कानून का साया और मणिपुर में हिंसा का नया दौर
  2. Oct 24

    एनएल चर्चा 446: दुनिया भर में सुलगता जन-असंतोष, मार्को रुबियो का भारत दौरा और दिल्ली में गहराता स्म

    एनएल चर्चा के इस अंक में मुख्य रूप से यूरोप से लेकर दुनिया भर में पनप रहे सामाजिक व राजनीतिक असंतोष और विरोध प्रदर्शन, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे और उद्योगपतियों से उनकी मुलाकातों, कुख्यात जेफरी एपस्टीन के साथ केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की तस्वीर सामने आने पर खड़ा हुआ राजनीतिक विवाद और दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता खराब होने के बाद लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-1) पर विस्तार से चर्चा की गई. वहीं, कांग्रेस द्वारा उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में 16,000 नाम हटाने की धांधली के आरोपों के बाद चुनाव आयोग द्वारा अधिकारियों पर एक्शन, सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को जेल से रिहा होने के बाद दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का समन, अर्थशास्त्री प्रभाकर, प्रकाश राज और नेहा बोरा का 23 अक्टूबर को देशव्यापी एंटी-एसआईआर प्रदर्शनों में शामिल होना, और मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण पर बॉम्बे हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी और इसके अलावा मणिपुर में ताजा हिंसा में तीन लोगों की मौत और मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव छोड़े जाने की घटना, उत्तराखंड सरकार द्वारा मदरसों में शुक्रवार की छुट्टी खत्म करने का फैसला, बीकानेर हाउस से प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की विरोध प्रदर्शन वाली तस्वीरों को हटाना, सिंगर दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट को पुलिस द्वारा अनुमति न देना, बिहार में म्यांमार के रास्ते तस्करी कर लाए जा रहे 'कोटा' ड्रग्स का बढ़ता जाल, सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हमले में एक भारतीय की मौत, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा यूक्रेन व पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों को समर्थन देने का बयान आदि ख़बरें भी हफ्ते भर चर्चा में रहीं. इस हफ्ते चर्चा में सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता शाहरुख आलम, वरिष्ठ पत्रकार मीतू जैन और न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और विकास जांगड़ा ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया. चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं, “यह जो सीजेपी की बेल की प्रक्रिया हमने देखी, सौरव दास और आशुतोष रांका की बेल और बांड को लेकर जो देरी हुई क्या यह ऐसा मामला था, संगीन मामला था जिसमें इतनी देरी की ज़रूरत थी और दिल्ली पुलिस की जो भूमिका रही दो बार एक्सटेंशन मांगा गया यह कितना ज़रूरी था?” इस सवाल के जवाब में शाहरुख़ कहती हैं, “पर्सनल बांड मांग क्यों रहे हैं और सवाल यह भी है कि भारतीय लोकतंत्र में यह कब हुआ की विरोध करना लॉ एंड आर्डर की समस्या बन गई? मेरे नज़दीक विरोध प्रदर्शन राजनीतिक समस्या है, यह मूलभूत अधिकारों का मुद्दा है. इसको आप लॉ एंड आर्डर का प्रॉब्लम कब से मानने लगे? 2012 में जब रामलीला मैदान वाला मामला सुप्रीम कोर्ट गया तब यह लॉ एंड आर्डर का प्रॉब्लम नहीं माना गया था.” सुनिए पूरी चर्चा - टाइमकोड्स: 00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 5:56 - सुर्खियां 07:45 - विरोध लोकतांत्रिक अधिकार 53:48 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:05:37 - दिल्ली में GRAP-1 01:25:33 - सलाह और सुझाव नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें. पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट्स यूट्यूब पर देखें हृदयेश जोशी जानें कि वायु प्रदूषण कितनी तरह से लोगों को प्रभावित कर रहा है! मीतू जैन किताब - अवर काइंड ऑफ़ गेम्स विकास जांगड़ा डॉक्यूमेंट्री - हिटलर लेख - प्रसार भारती इज़ नॉट अ पब्लिक ब्रॉडकास्टर अतुल चौरसिया किताब - अंगद का पांव चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें. Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.

  3. Oct 17

    एनएल चर्चा 445: पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ के बीच एंटी-SIR आंदोलन का भविष्य, क्या एक मंच

    एनएल चर्चा के इस अंक में मुख्य रूप से स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों, दिल्ली पुलिस द्वारा मीडिया कवरेज के दौरान 30 से अधिक पत्रकारों की गिरफ्तारी व पुलिसिया दमन और विपक्ष द्वारा 'वोट चोरी' के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन करने पर विस्तार से चर्चा की गई. इसके साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित 'तिरंगा मार्च', गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राहुल गांधी पर 'घुसपैठियों को बचाने' का आरोप, और अभिनेता इमरान खान को मुंबई छोड़ने के पुलिसिया नोटिस पर भी विस्तृत बातचीत हुई. वहीं, बिहार के वैशाली जिले में गंडक-गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत, मेरठ के चर्चित 'ब्लू ड्रम' हत्याकांड में अदालत द्वारा पत्नी और प्रेमी को फांसी की सजा, केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन का इस्तीफा, भारत-चीन व्यापार घाटा पहली बार 100 अरब डॉलर के पार पहुंचना, एयर इंडिया की फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट में 'हाइजैक 7500' कोड के कारण जयपुर डायवर्जन का भ्रम, मध्य प्रदेश के सिवनी जिला अस्पताल में 6 महीने के भीतर 80 नवजातों की मौत पर बवाल और बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना द्वारा ब्रिक्स सम्मेलन में न जाने पर अंतरिम सरकार के फैसले की आलोचना आदि ख़बरें भी हफ्ते भर चर्चा में रहे. इस हफ्ते न्यूज़लॉन्ड्री टीम से अवधेश कुमार, अनमोल प्रितम और आकांख्या राउत ने चर्चा में हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और न्यूज़लॉन्ड्री की प्रमुख संपादक मनीषा पांडे ने किया. चर्चा की शुरुआत करते हुए मनीषा कहती हैं, “10 अक्टूबर को जो प्रोटेस्ट की योजना थी वह तो सफल नहीं हो पाती है लेकिन हम पहली बार दिल्ली में इतनी फ़ोर्स देखते हैं और शाम होते होते सात हज़ार लोग हिरासत में ले लिए जाते हैं जिसमें 30 पत्रकार थे. पत्रकारों के लिए हिरासत नई बात नहीं है लेकिन इतने बड़े पैमाने पर और धड़ल्ले से लोगों को डिटेन किया गया यह पहली बार शायद दिल्ली में हुआ होगा.” इस विषय पर अनमोल कहते हैं, “20 जुलाई वाला जो प्रोटेस्ट था, उस समय भी पत्रकारों को पुलिस की लाठियां पड़ी थीं लेकिन वह यह था कि पुलिस प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर रही है कोई बीच में पड़ गया लेकिन पत्रकारों को टारगेट करके नहीं मारा गया. इसके विपरीत 10 अक्टूबर बार वाली कार्रवाई अलग थी सुबह से ही पुलिस ने तय कर दिया था कि मीडिया यहीं से कवर करेगी और यह बेहद मुश्किल था उन पत्रकारों के लिए जो मोबाइल से शूट कर रहे थे. साथ ही सुरक्षा बलों को स्पष्ट निर्देश थे कि कोई भी बीच में आए तो उसे हिरासत में ले लिया जाए चाहे वह कोई यूट्यूबर हो, इन्फ्लुएंसर हो या पत्रकार.” सुनिए पूरी चर्चा - टाइमकोड्स: 00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 5:56 - सुर्खियां 07:45 - CJP और इस आंदोलन का भविष्य 42:56 - कांग्रेस का प्रदर्शन 01:1:37 - मीडिया की भूमिका 01:25:33 - सलाह और सुझाव नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें. पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए मनीषा पांडे न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट्स यूट्यूब पर देखें हृदयेश जोशी न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट्स यूट्यूब पर देखें लेख - अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इज़ कैप्टिलज़िम्स फाइनल डेस्टिनेशन अनमोल प्रितम प्रोटेस्ट से जुड़ी रिपोर्ट्स यूट्यूब पर देखें कहानी - प्रजावादी समाजवाद आकांख्या रॉउत किताब - फीस्ट ऑफ़ वल्चर अवधेश कुमार रिपोर्ट - लाठी वाली गाड़ी का सच: कनॉट प्लेस में गुंडागर्दी करने वाले चेहरे चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें. ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.

    एनएल चर्चा 445: पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ के बीच एंटी-SIR आंदोलन का भविष्य, क्या एक मंच
  4. Oct 9

    एनएल चर्चा 444: चुनाव आयोग के खिलाफ बढ़ती मोर्चाबंदी और भारत में फूड सेफ्टी पर उठते सवाल

    एनएल चर्चा के इस अंक में मुख्य रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बुलाए गए विरोध-प्रदर्शन और इंडिया गठबंधन द्वारा जारी विरोध प्रदर्शन पर विस्तार से चर्चा की गई. इसके साथ ही भारत में खाद्य सुरक्षा के मानकों और भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा नेस्ले के डेयरी व्हाइटनर सैंपल आदि को 'असुरक्षित व घटिया' बताए जाने के मामले पर भी विस्तृत बातचीत हुई. वहीं, आकाशवाणी भवन में जबरन प्रवेश को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं पर एफआईआर, सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'फॉर्म 6' में बदलाव को मंजूरी न देने की बात कहना, केरल सरकार द्वारा सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पुराने भ्रष्टाचार आरोपों की जांच के आदेश, ओमान तट के पास कमर्शियल जहाज पर हमला एवं 11 भारतीय क्रू सदस्यों का घायल होना, दिल्ली एसीपी विवेक भगत के प्रमोशन पर रोक, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में 13 नए पत्रकार सदस्यों की नियुक्ति, कोयल मल्लिक का बीजेपी से राज्यसभा नामांकन एवं हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा सूची में नाम न होना, शिक्षकों की कमी पर आवाज उठाने वाले आप विधायक का निलंबन, उत्तराखंड में भूकंप के झटके, सिलीगुड़ी में भीड़ द्वारा मॉब लिंचिंग और अभिनेता नाना पाटेकर का निधन भी हफ्ते भर चर्चा में रहे. इस हफ्ते चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा, फिल्म समीक्षक और लेखक अजय ब्रह्मात्मज के साथ वरिष्ठ प्राध्यापक और जेएनयू के पूर्व प्रोफ़ेसर राजीव कुमार शामिल हुए. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया. चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल पूछते हैं, “चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. वहीं, फॉर्म 6 का जो मामला है, इसमें असल परेशानी क्या है?” इस विषय पर राजीव कुमार कहते हैं, “2004 में जो प्रक्रिया हुई थी, वह काग़ज़ पर हुई थी. उसमें हम यह जांच ही नहीं सकते कि हमारा नाम है या नहीं, इसलिए 2004 को बेस बनाकर इसे शुरू करना सबसे ग़लत काम तो यही था. आज हम इसे डिजिटल बना रहे हैं और यह बहुत अच्छा भी है लेकिन सबसे बड़ी बात है कि यह विश्व का सबसे बड़ा प्लेटफार्म है. ईसीआई नेट जिसकी फंक्शनिंग में सबसे ज़्यादा ब्लॉकेज है.” सुनिए पूरी चर्चा - टाइमकोड्स: 00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 3:56 - सुर्खियां 08:55 - नाना पाटेकर का देहांत 27:03 - एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ियां 01:01:55 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:13:37 - खाद्य पदार्थों में मिलावट 01:36:33 - सलाह और सुझाव नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें. पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए अजय ब्रह्मात्मज फिल्म - थोड़ा रोमानी हो जाएं हृदयेश जोशी डॉक्टर राजीव कुमार के लेख राजीव कुमार टेक्नोलॉजी को अडॉप्ट करें फिल्म - अब तक छप्पन विकास जांगड़ा फिल्म - थोड़ा रोमानी हो जाएं अतुल चौरसिया किताब - दिल्ली नामा चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें. ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.

    एनएल चर्चा 444: चुनाव आयोग के खिलाफ बढ़ती मोर्चाबंदी और भारत में फूड सेफ्टी पर उठते सवाल
  5. Oct 3

    एनएल चर्चा 443: चुनाव से पहले INDIA गठबंधन का हल्लाबोल और दिवालिया प्रक्रिया में अडाणी का दबदबा

    एनएल चर्चा के इस अंक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ इण्डिया गठबंधन के विरोध-प्रदर्शन के फैसले पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च और 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी 'लोकतंत्र बचाओ' रैली का ऐलान शामिल है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर 120 वायरल यूआरएल पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर न्यूज़लॉन्ड्री की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट पर भी गंभीरता से बात हुई. वहीं दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक, सीजेपी द्वारा मुंबई में और कई लेफ्ट व सिविल सोसाइटीज़ द्वारा दिल्ली में चुनाव आयोग में हुई गड़बड़ी के खिलाफ 2 अक्टूबर को प्रोटेस्ट की की गई घोषणा, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग के यू- टर्न, फॉर्म-6 में अधिकृत जानकारी की शर्त हटाई गई, राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज, सपा ने मुकेश अंबानी के करीबी कारोबारी, परिमल नथवानी के बेटे धनराज नथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया, सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के चार फ्रीज किए गए बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति देने से जुड़ी याचिका को खारिज किया, दिल्ली दंगा केस में उमर खालिद-शरजील इमाम को की जमानत याचिका फिर खारिज, संभल-हिंसा के मुख्य आरोपी मुल्ला अफरोज पर लगा NSA रद्द, मामले में सुप्रीम कोर्ट की योगी सरकार पर कड़ी टिप्पणी और लगाया 10 लाख रुपए का जुर्माना, जम्मू-कश्मीर में CISF जवान ने अपने साथियों पर चलाई गोली, 4 सैनिकों की मौत, यूपी- बिहार में बाढ़ का कहर जारी और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली में पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने से किया इनकार आदि ख़बरें भी हफ्ते भर चर्चा में रहीं. इस हफ्ते चर्चा में जाने-माने पत्रकार, राजनीतिक टिप्पणीकार और न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन जुड़े. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और खोजी पत्रकार बसंत कुमार, आस्था सव्यासाची शामिल हुईं. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया. सुप्रीम कोर्ट के पटाखों पर पूरी तरह बैन को लेकर चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “पिछली बार धार्मिक मसलों और पर्यावरण के बीच संतुलन बिठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक घंटे पटाखे जलाने की अनुमति दी थी लेकिन उस पर कितना अमल हुआ वह हमने देखा ही तो इस बार क्या होगा?” इस विषय पर आनंद कहते हैं, “दिवाली का पटाखों से संदर्भ पहले ऐसा नहीं था, लेकिन समकालीन अभिव्यक्ति के कारण ऐसा हो रहा है, जैसे पहले शादी में डीजे का प्रचलन नहीं था, लेकिन अब शादियों में समकालीन अभिव्यक्ति डीजे से ही होती है, ऐसे में पटाखों की कोई प्राचीन जड़े नहीं है, लेकिन आम तौर पर अब इनका प्रचलन शुरू हो गया है.” हृदयेश कहते हैं, “फैक्ट्स के आधार पर देखें तो हिंदुओं के अधिकतर त्योहारों में प्रदूषण काफी फैलता है, चाहे वो होली हो या मूर्तियों का विसर्जन. ऐसे में अदालत के आदेश से ज्यादा लोगों के भीतर चेतना और जागरूकता की बात होनी चाहिए.” सुनिए पूरी चर्चा - टाइमकोड्स: 00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 3:50 - सुर्खियां 08:55 - दिल्ली में पटाखों पर रोक 15:47 - चुनाव आयोग विवाद को लेकर कांग्रेस की रणनीति 01:00:22 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:11:45 - दिवालिया प्रक्रिया में अडाणी का दबदबा 01:25:33 - सलाह और सुझाव नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें. पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए आनंद वर्धन रिपोर्ट- भारत निर्वाचन आयोग से संबंधित आधिकारिक खबरें और रिपोर्ट हृदयेश जोशी रिपोर्ट- अडानी इनसॉल्वेंसी एज आस्था सव्यसाची रिपोर्ट- बड़ी टेक कंपनियों को बेची कार्बन क्रेडिट, उजड़ गया गुजरात का घास का मैदान बसंत कुमार रिपोर्ट - RSS पर बनी संजय दत्त स्टारर फ़िल्म 'आखिरी सवाल' के लिए 9 करोड़ रुपये रिपोर्ट- पैसा जनता का, प्रचार सरकार का अतुल चौरसिया रिपोर्ट- अडानी इनसॉल्वेंसी एज रिपोर्ट - RSS पर बनी संजय दत्त स्टारर फ़िल्म 'आखिरी सवाल' के लिए 9 करोड़ रुपये किताब- प्रसिद्ध उर्दू साहित्यकार इब्न-ए-इंशा की उर्दू की 'आखिरी किताब' चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें. ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा / प्रियंका शर्मा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.

    एनएल चर्चा 443: चुनाव से पहले INDIA गठबंधन का हल्लाबोल और दिवालिया प्रक्रिया में अडाणी का दबदबा
  6. Sep 26

    एनएल चर्चा 442: चुनाव आयोग के भीतर बगावत के सुर और दिल्ली से लेकर जमुई तक गहराता महिला सुरक्षा का सं

    एनएल चर्चा के इस अंक में भारत के चुनाव आयोग (ECI) के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' से संबंधित 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट पर चर्चा की गई, जिसमें दावा किया गया है कि तीन चुनाव आयुक्तों में से दो, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्तियां दर्ज कराई थीं. इसके अलावा चर्चा में बिहार के जुमई में नाबालिग़ युवती के साथ हुई बदसलूकी भी गंभीरता से बात हुई. इसके अलावा, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरे देश में कांग्रेस पार्टी का विरोध प्रदर्शन, कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा ज्ञानेश कुमार का 48 घंटे का दिया गया अल्टीमेटम, दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ गैंगरेप की घटना, नोएडा में मजदूरों के विरोध-प्रदर्शन के मामले में SC ने बदला आदेश, एक्टिविस्ट की NSA हिरासत बरकरार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सेलेब्स से अपील हेल्थ के लिए नुकसानदायक प्रोडक्ट्स का विज्ञापन न करें, त्रि-भाषा नीति मामला में मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को छूट देने के SC के सुझाव पर विचार करने के लिए केंद्र को और समय मिला, सुप्रीम कोर्ट ने कहा राज्य तय कर सकता है राष्ट्रीय गीत, लेकिन धार्मिक वजहों से वंदे मातरम ना गाने पर कोई आपराधिक कार्रवाई ना हो, IIT-बॉम्बे के छात्र की मौत पर माता-पिता का आरोप, बच्चे के साथ हुआ जातिगत भेदभाव, मीडिया आउटलेट्स के साथ जारी तनाव के बीच UN में ट्रंप ने CNN से कहा, 'आपको यहां नहीं होना चाहिए', जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अब तक (26 सितंबर 2026 तक) कुल 27 पदक (3 गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रांज) जीत लिए हैं, जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं. इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी और खबर लहरिया की सह-संस्थापक और संपादक कविता बुंदेलखंडी शामिल हुईं. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और विकास जांगड़ा शामिल हुए. चर्चा का संचालन प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया. चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “अगर दो दो चुनाव आयुक्त लगातर लिखित आपत्तियां दर्ज कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त उनका जवाब नहीं दे रहे हैं तो ऐसे में उन दोनों आयुक्तों के पास क्या कोई और क़ानूनी विकल्प मौजूद होता है?” इस विषय पर अभिषेक कहते हैं, “यह मुद्दा बहुत ज़्यादा व्यापक है, 23 वर्ष पहले उच्चतम न्यायलय ने यह स्पष्ट कर दिया था, मुख्य आयुक्त सर्वोपरि नहीं होते हैं, ऐसे में भारतीय निर्वाचन आयोग में सभी महत्वपूर्ण फैसले आपसी सहमति, सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं.” सुनिए पूरी चर्चा - टाइमकोड्स: 00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 3:50 - सुर्खियां 08:55 - एशियन गेम्स 15:47 - मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद 52:22 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 58:07 - महिला सुरक्षा पर संकट 01:15:33 - सलाह और सुझाव पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए हृदयेश जोशी बायोग्राफी- द फॉल ऑफ ए स्पैरो विकास जागड़ा वेब सीरीज - चुंबक किताब - हाउ डेमोक्रेसीज़ डाई कविता बुंदेलखंडी किताब- बड़ी आई पत्रकार अतुल चौरसिया रिपोर्ट - ‘I didn’t know my name was deleted’: Voters in Okhla on the pre-SIR ‘clean-up’ रिपोर्ट -बुराड़ी में एसआईआर का असर, 1 लाख 67 हजार लोगों के नाम वोटर लिस्ट से बाहर चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें. ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.

    एनएल चर्चा 442: चुनाव आयोग के भीतर बगावत के सुर और दिल्ली से लेकर जमुई तक गहराता महिला सुरक्षा का सं
  7. Sep 19

    एनएल चर्चा 441: एनडीए में यूसीसी पर मंथन, सेवा संकल्प अभियान और बिहार की बाढ़

    एनएल चर्चा के इस अंक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 तक सभी 21 एनडीए शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने के ऐलान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर भाजपा द्वारा शुरू किए गए 'सेवा संकल्प अभियान' और बिहार में आई बाढ़ पर विस्तार से बात हुई. इसके अलावा दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट चार्ज लागू करने के एनपीसीआई के फैसले, पश्चिम बंगाल में अरबी भाषा में अभिवादन करने पर आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के तबादले, बिहार के 15 जिलों में बाढ़ से 49 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने, एएमयू के छात्रों द्वारा फ़िलिस्तीन समर्थन के नारों पर भड़काऊ कवरेज के लिए ज़ी न्यूज़ पर एनबीडीएसए द्वारा 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने, दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई एफआईआर के बाद आदित्य ठाकरे के बयान, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा 252 मदरसों को बंद करने के आदेश, ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2026 में भारत के 131वें स्थान पर रहने, चुनाव आयोग की कवायद विशेष गहन पुनरीक्षण के तीसरे चरण में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने, अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना के जहाज की भारतीय युद्धपोत से टक्कर और एशिया कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार करने जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं. इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिक विश्लेषक, इंडियन एक्सप्रेस की कंट्रीब्यूटिंग एडिटर और 'हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड' की लेखिका नीरजा चौधरी शामिल हुईं. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, रमन किरपाल और बसंत कुमार शामिल हुए. चर्चा का संचालन प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया. चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “कल एक बेहद गंदा दृश्य दिखा. पटना में गंगा के एक तट पर बाढ़ आई हुई है, लोगों के घर डूबे हैं और दूसरी पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर भाजपा सरकारों की तरफ से लाखों दिए जलाए गए. बाढ़ की बात करें तो यह तब है जब मानसून में 14 प्रतिशत कमी है लेकिन उसके बावजूद यह स्थिति है.” इस विषय पर हृदयेश कहते हैं, “बाढ़ का होना और मानसून का कम होना, यह दोनों चीज़ें एक साथ हो सकती हैं, यह एक भौगोलिक स्थिति है और बिहार देश का दूसरा सबसे ज़्यादा आपदा प्रवण राज्य है.” सुनिए पूरी चर्चा - टाइमकोड्स: 00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना  4:22 - सुर्खियां  16:45 - बिहार में बाढ़   24:24 - समान नागरिक संहिता  54:54 - सब्सक्राइबर्स के पत्र  01:04:44 - पीएम नरेंद्र मोदी का जन्मदिन  01:24:15 - सलाह और सुझाव नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें. पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए हृदयेश जोशी - लेख - बीजेपी'ज़ स्टेट-बाय-स्टेट पुश फॉर यूसीसी रेज़ेस ए की क्वेश्चन: इज़ इट 'यूनिफॉर्म' कोड?किताब - पिल फ्री  रमन किरपाल - डाक्यूमेंट्री - लायन  बसंत कुमार - फिल्म - घमासान  रिपोर्ट - जिस सीट पर केजरीवाल मामूली अंतर से हारे, वहां 2025 चुनाव से पहले जुड़े 40 फीसदी नाम एसआईआर के ड्राफ्ट में गायब रिपोर्ट - प्रसार भारती का कमाल, जूते में बंट रही दाल अतुल चौरसिया - सीरीज़ फौदा सीजन 5, फिल्म मिर्ज़ापुर क़तई न देखें चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें. ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा  प्रोडक्शन : हसन बिलाल  संपादन: हसन बिलाल   -  Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.

  8. Sep 12

    एनएल चर्चा 440: ब्रिक्स के मंच पर वैश्विक नेता, मणिपुरी संगीतकार चांगथम विक्रम की हत्या और दिल्ली म

    एनएल चर्चा के इस अंक में दिल्ली में आयोजित हो रहे BRICS सम्मेलन और सुरक्षा इंतजामों, दिल्ली के सत्या निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने से हुई मौतों, नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन से जुड़ी समर्थ ग्रोवर की डॉक्यूमेंट्री और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक्टिविस्ट पर रासुका हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले पर विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावा दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम की हत्या और नस्लवाद के बढ़ते मामलों का मुद्दा भी बातचीत का अहम हिस्सा रहा. इसके अलावा राहुल गांधी मामले पर सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई की टिप्पणी, स्कूल की बदहाली पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार पर दर्ज एफआईआर पर हाई कोर्ट की रोक, छात्र कार्यकर्ता द्वारा सुधीर चौधरी और डीडी न्यूज़ पर मानहानि का मुकदमा, एफिल टावर में हिंदू संगठन के दौरे के बाद हुआ विवाद, बालघाट (मध्य प्रदेश) में बच्चों की मौत पर रिपोर्ट करने वाले पत्रकारों के इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड होने, भारत रत्न वैज्ञानिक सीएनआर राव को SIR के तहत नोटिस मिलने, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने पर महिला पत्रकारों से मारपीट, अमरीकी होमलैंड सिक्योरिटी के 'एंटी-इंडियन' पोस्ट विवाद और नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से लगातार बढ़ती तबाही जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं. इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा और हृदयेश जोशी शामिल हुए. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से विकास जांगड़ा, रिपोर्टर आकांख्या राउत, ख़ुशी मेहरोत्रा और समर्थ ग्रोवर ने बातचीत में हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया. चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “अठारहवां ब्रिक्स का यह सम्मेलन है और चौथी बार है जो यह भारत में हो रहा है, इस बार का सम्मेलन किस तरह से अलग है यह जब आप देखेंगे टीवी के चैनल तो आपको पता चलेगा, लेकिन अभी हम बात करेंगे कि यह भारत के लिए कितना महत्वपूर्ण है.” स्मिता इस विषय पर कहती हैं, “यह पहली बार हो रहा है देश में जब किसी शिखर वार्ता की वजह से इतना बुरा ट्रैफिक का हाल है, दुनिया भर की बहुत सी ऐसी राजधानी हैं जहां शिखर वार्ता होती हैं और सुरक्षा के इंतेज़ाम होते हैं, यह सिर्फ आलोचना नहीं है यह इसलिए है कि हम सोचें कि जब हम कोई शिखर वार्ता करते हैं तो कैसे आम लोगों की ज़िंदगी पर असर डालते हैं, इसे हम कैसे बेहतर बना सकते हैं क्यों इस तरह के सम्मेलन देश के लिए बहुत महत्त्व रखते हैं.” सुनिए पूरी चर्चा - टाइमकोड्स: 00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना  6:20 - सुर्खियां  11:10 - हिंदी भाषा  21:12 - ब्रिक्स सम्मलेन  46:54 - सत्य निकेतन हादसा  01:08:25 - सब्सक्राइबर्स के पत्र  01:23:00 -  चोंगथम विक्रम 01:42:34 - एनाटॉमी ऑफ़ कॉन्सिपिरेसी 01:51:36 - सलाह और सुझाव नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें. पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए विकास जांगड़ा - फिल्म - बबीता सिंह रिपोर्टिंग हृदयेश जोशी - शैल चतुर्वेदी की कविता - महंगाई स्मिता शर्मा - फिल्म - द बन्शीज़ इन्शीरिन समर्थ ग्रोवर - डॉक्यूमेंट्री - एनाटॉमी ऑफ़ कॉन्सिपिरेसी अतुल चौरसिया - डॉक्यूमेंट्री - एनाटॉमी ऑफ़ कॉन्सिपिरेसी चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें. ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा  प्रोडक्शन : हसन बिलाल  संपादन: हसन बिलाल Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.

    एनएल चर्चा 440: ब्रिक्स के मंच पर वैश्विक नेता, मणिपुरी संगीतकार चांगथम विक्रम की हत्या और दिल्ली म
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