Ved Life Mantra H-J-O

ved life mantra

My podcast is for all Humans & Humanity globally . I am the product of FIVE ELEMENTS with LOVE of My Dedicated , Devoted Parents & Gurus Respected Govind Singh ji, Res. Swami Vivekananda & Res. Dr. A.P.J. Abdul Kalam - Vande Maanavta 🇮🇳

  1. 04/09/2024

    श्री दुर्गा सप्तशती संपूर्ण

    चैत्र नवरात्र का महत्व सनातन धर्म में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा का जन्म हुआ था और मां दुर्गा के कहने पर ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था इसलिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिन्दू वर्ष शुरू होता है. इसके अलावा कहा जाता है भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम का जन्‍म भी चैत्र नवरात्रि में ही हुआ था. इसलिए धार्मिक दृष्टि से भी चैत्र नवरात्र का बहुत महत्व है. चैत्र नवरात्रि मनाने के पीछे एक और पुरानी कहानी है. जिसके अनुसार दशानन रावण की ताकत के बारे में सभी देवी-देवताओं को पता था. इसलिए सीता को लंका से वापस लाने के लिए जब श्रीराम रावण से युद्ध करने जा रहे थे, तो उन्हें देवताओं ने मां शक्ति की उपासना और आराधना कर उनसे विजय का आर्शीवाद लेने की सलाह दी.  भगवान राम ने मां शक्ति की विधिवत पूजा प्रारंभ कर दी. मां को फूल अर्पित करने के लिए 108 नीलकमल की व्यवस्था की. इसके साथ ही मंत्रोच्चारण के साथ पूजा शुरू कर दी. जब रावण को इस बात का पता जला कि श्री राम मां चंडी की पूजा कर रहे हैं, तो उसने भी मां की पूजा शुरू कर दी. रावण तो बड़ा शक्तिशाली था ऐसे में किसी भी हाल में अपनी हार नहीं चाहता था, इसलिए उसने राम के 108 फूलों में से एक चुरा लिया और अपने राज्य में मां चंडी का पाठ करने लगा. राम को इस बात का पता चला और उन्होंने कम पड़ रहे एक नीलकमल की जगह अपनी एक आंख मां को समर्पित करने का प्रण लिया, लेकिन जैसे ही श्रीराम अपनी आंखें निकाल मां को समर्पित करने जा रहे थे तभी मां प्रकट हुईं और उन्होंने भगवान राम को जीत का आशीर्वाद दिया. जब रावण चंडी पाठ कर रहा था. तभी हनुमान जी वेश बदलकर ब्राह्मण के रूप में रावण के पास पहुंचे. पूजा कर कहे रावण से गलत मंत्र का उच्चारण करवा दिया जिससे मां चंडी क्रोधित हो गईं और रावण को श्राप दे दिया. जिसके परिणामस्वरूप राम-रावण युद्ध में रावण का अंत हो गया. नवरात्रि के आखिरी दिन को रामनवमी के रूप में मनाया जाता है.

    28 min
  2. 03/20/2024

    अमर सिंह चमकीला

    पंजाब की माटी में बड़े से बड़े क्रांतिवीर दिए तो बड़े से बड़े लोग गायक लोक संगीतकार भी दिए पंजाब में जहां हरित क्रांति में विश्व में अपना नाम कमाया है वही भगत सिंह जैसे क्रांतिवीर में सुखदेव जैसे क्रांति वीरों उधम सिंह जैसे क्रांति वीरों ने देश के स्वतंत्रता के लिए सर्वस्व न्योछावरकर एक नई मिसाल कायम कर दी थी पंजाब में लोकगीत संगीत गायन इतना प्रचलित हुआ कि विश्व में जो लोग पंजाबी भाषा नहीं भी समझते थे वह भी पंजाबी लोकगीत के दीवाने हो गए इसी में एक नाम है अमर सिंह चमकीला जिनका न सिर्फ जीवन लघु था बल्कि दर्दनाक भी था पर 27 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने जीवन को और समाज को अपने संगीत अपने गीतों की मधुरता से तड़प से चमका दिया हिला दिया

    6 min

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