रेडियो रवीश

Ravish Kumar

इस पॉडकास्ट में, जिसे रवीश होस्ट करते हैं, हम आपको सामान्य समाचारों की पारंपरिक सीमाओं से बाहर ले जाते हैं, ऐसी कहानियों का अन्वेषण करते हैं जो गहराई और अंतर्दृष्टि से भरपूर हैं। हमारे साथ जुड़ें निस्पृह वार्तालापों के लिए और उन मुद्दों पर एक अनोखा नजरिया पाने के लिए जो मायने रखते हैं। कोई चकाचौंध नहीं, सिर्फ सच्ची बातचीत और वास्तविक कहानियाँ।

  1. 08/23/2024

    क्यों लिखना पड़ता है मुसलमान को ठेले और दुकान पर अपना नाम

    July 18, 2024, 11:42AM July 18, 2024, 11:42AM क्या आपको पता है कि मुज़फ़्फ़रनगर के ही एक सब्जी विक्रेता मोहम्मद यासीन ने 1950 में व्यवसाय करने की स्वतंत्रता के अधिकार का पहला मुकदमा जीता था और वह भी सुप्रीम कोर्ट का। इस केस का आज मुज़फ़्फ़रनगर में ठेले पर मुस्लिम नाम लिखने के विवाद से गहरा संबंध है। जब एक दुकानदार से कहा जाए कि वह अपने मुस्लिम नाम को बड़ा कर लिखे तो बाज़ार में उसे अलग-थलग किया जा रहा है। यह उसका चुनाव नहीं है। उससे कहा जा रहा है। यह अपने आप में आर्थिक बहिष्कार का मामला हो जाता है। मुज़फ़्फ़रनगर का प्रशासन भले कहे कि यह व्यवस्था के लिए किया जा रहा है क्योंकि कांवड़ यात्री कई बार भ्रम में पड़ जाते हैं और विवाद हो जाता है। कांवड़ लेकर जाने वाले यात्री असहिष्णु नहीं होते हैं। उनका ध्यान तो यात्रा पूरी करने में होता है। जब मुस्लिम समाज के लोग कांवड़ यात्रियों पर फूल माला बरसाते हैं तो कोई रास्ता नहीं बदल लेता है। इस वीडियो को पूरा देखिए।

    24 min

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इस पॉडकास्ट में, जिसे रवीश होस्ट करते हैं, हम आपको सामान्य समाचारों की पारंपरिक सीमाओं से बाहर ले जाते हैं, ऐसी कहानियों का अन्वेषण करते हैं जो गहराई और अंतर्दृष्टि से भरपूर हैं। हमारे साथ जुड़ें निस्पृह वार्तालापों के लिए और उन मुद्दों पर एक अनोखा नजरिया पाने के लिए जो मायने रखते हैं। कोई चकाचौंध नहीं, सिर्फ सच्ची बातचीत और वास्तविक कहानियाँ।