रामायण की राम कथा: जीवन का आधार ( Ram Katha from Ramayan: Jeevan Ka Aadhar)

Aradhya Mishra

रामायण की राम कथा: जीवन का आधार" is a Hindi story series that brings to life the timeless stories of the Ramayan. Through engaging storytelling, explore Ram, Sita, Lakshman, and Hanuman's inspiring journeys, filled with dharm, courage, and values. Perfect for all ages, this podcast blends tradition with life lessons, making it relatable for today’s listeners. ये कहानियाँ और जानिए कैसे रामायण आज भी जीवन का आधार है। हमारी कहानी वाल्मीकि की मूल रचना के साथ अन्य भारतीय परंपराओं और लोककथाओं से प्रेरित है, जो रामायण की घटनाओं और जीवन मूल्यों का अनोखा संगम प्रस्तुत करती है।

  1. 4D AGO

    Hindi Ramayan Episode 33: भरत का राम से मिलन की तैयारी, सीता के स्वपन और लक्ष्मण का रौद्र रूप ( Bharat's preparations for meeting Ram, Sita's dreams,

    पिछली कथा में हमने देखा कि भरत की पदयात्रा कैसे केवल एक भौतिक यात्रा नहीं, बल्कि प्रेम, त्याग और आत्मदंड की साधना बन गई थी। हमने देखा कि कैसे अयोध्या का समस्त समाज उनके साथ तप और संयम का मार्ग अपनाता है, कैसे निषादराज की सेवा में राम-भक्ति प्रकट होती है, और कैसे गंगा माँ के तट पर भरत संसार के सभी पुरुषार्थों को त्यागकर केवल एक ही वरदान माँगते हैं, राम के चरणों में अटूट प्रेम। हम भरद्वाज आश्रम में उस क्षण के साक्षी बने, जहाँ भरत का हृदय टूटकर शब्दों में बह निकला, और जहाँ यह स्पष्ट हो गया कि राम और सीता की दृष्टि में भरत अपराधी नहीं, बल्कि प्रेम की आधारशिला हैं। आज की कथा वहीं से आगे बढ़ती है, जब भरत चित्रकूट के समीप पहुँच चुके हैं, जब प्रेम अब दूरी नहीं सह पा रहा, और जब यह निकटता ही एक नई परीक्षा बन जाती है। आज हम देखेंगे वह भोर, जब सीता एक ऐसा स्वप्न देखती हैं, जो उसके मन में शक तो पैदा करता है लेकिन उसे अपने प्रियजनों से मिलने की उम्मीद भी देता है। आज लक्ष्मण का प्रेम रौद्र रूप धारण करेगा, वह प्रेम, जो रक्षा करना चाहता है, पर संदेह में जल उठता है। और फिर आज की कथा हमें उस शांत, पर अडिग राम तक ले जाएगी, जो राजमद की भयावहता स्वीकार करते हुए भी भरत की पवित्रता पर अचल विश्वास रखते हैं। जो भरत को विवेक रूपी हंस कहते हैं। और जिनके मुख से निकली भरत की महिमा सुनकर देवता भी स्वीकार करते हैं कि यदि भरत न होते, तो पृथ्वी पर धर्म का भार उठाने वाला कोई न बचता। तो आइए, आज की कथा आरंभ करते हैं, उस क्षण से, जहाँ प्रेम और संदेह आमने-सामने खड़े हैं; जहाँ लक्ष्मण का क्रोध परीक्षा ले रहा है; और जहाँ राम का विश्वास इतिहास को दिशा देने वाला है। Spotify, Apple Podcasts और YouTube पर उपलब्ध! Ramayan, Sita, Raavan, Ram, Lakshman, Hindu mythology, Indian epics, Valmiki Ramayan, Ramayan stories, Hanuman, Ramayan podcast, Indian culture, Dharm, Hindu traditions, Ramayan episodes, Spiritual stories, Indian history, Lord Vishnu, Ramayan characters, Raavan's tyranny, Sita's captivity, Ancient India, Hindu epics, Inspirational stories, Devotion, Moral lessons, Storytelling, Indian mythology

    25 min
  2. FEB 4

    Hindi Ramayan Episode 32: भरत का गुह और ऋषि भारद्वाज से मुलाकात (Bharat meets Guh and sage Bharadwaj)

    पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे भरत का हृदय अपराधबोध, प्रेम और पश्चात्ताप की अग्नि में जल रहा था। सिंहासन उनके सामने था, पर वह उनके लिए वह काँटों की सेज बन चुका था। राम के बिना अयोध्या उन्हें शून्य लग रही थी, और सीता के कष्ट का विचार उन्हें भीतर तक तोड़ रहा था। हमने सुना कि कैसे भरत ने स्वयं को इस समस्त अनर्थ का कारण मान लिया, कैसे उन्होंने अपने मन को धिक्कारा, और कैसे मुनि वशिष्ठ ने उन्हें समझाया कि यह सब किसी एक मनुष्य का दोष नहीं, बल्कि विधि का विधान है। आज की कथा उसी संकल्प की यात्रा है। आज हम देखेंगे अयोध्या की वह अद्भुत यात्रा, जहाँ राजा और प्रजा, माता और सेवक, सब भोग-विलास छोड़कर तप और संयम का मार्ग अपनाते हैं। कैसे भरत स्वयं पैदल चलने का व्रत लेते हैं, और कैसे माता कौशल्या उन्हें रथ पर बैठने के लिए इसलिए कहती हैं, ताकि प्रजा स्वयं को और दंड न दे। आज की कथा हमें श्रृंगवेरपुर ले जाएगी, जहाँ राम के सखा निषादराज गुह के हृदय में संदेह और भक्ति एक साथ जाग उठते हैं। हम देखेंगे वह अलौकिक मिलन, जहाँ एक राजा एक वनवासी को गले लगाता है, और समाज के सारे भेद राम के नाम में गल जाते हैं। फिर कथा पहुँचेगी गंगा के तट पर, प्रयागराज की त्रिवेणी में, जहाँ भरत संसार के चारों पुरुषार्थों को त्यागकर केवल एक वरदान माँगते हैं, राम के चरणों में अटूट प्रेम। और अंत में, हम मुनि भरद्वाज के आश्रम में उस क्षण के साक्षी बनेंगे, जहाँ भरत की पीड़ा शब्द बनकर बहती है, जहाँ सीता के दुःख की स्मृति उन्हें तोड़ देती है, और जहाँ मुनि उन्हें यह आश्वासन देते हैं कि राम और सीता उन्हें दोषी नहीं, अपने प्रेम का आधार मानते हैं। तो आइए, आज की कथा आरंभ करते हैं, उस यात्रा से, जो सिंहासन से नहीं, राम के चरणों से होकर गुजरती है; और उस भरत से, जो इतिहास के आरोप से नहीं, प्रेम और धर्म के प्रकाश से अपना मार्ग रच रहा है। Spotify, Apple Podcasts और YouTube पर उपलब्ध! Ramayan, Sita, Raavan, Ram, Lakshman, Hindu mythology, Indian epics, Valmiki Ramayan, Ramayan stories, Hanuman, Ramayan podcast, Indian culture, Dharm, Hindu traditions, Ramayan episodes, Spiritual stories, Indian history, Lord Vishnu, Ramayan characters, Raavan's tyranny, Sita's captivity, Ancient India, Hindu epics, Inspirational stories, Devotion, Moral lessons, Storytelling, Indian mythology

    27 min
  3. 12/29/2025

    Hindi Ramayan Episode 31: भरत का वन में राम के पास जाने का निर्णय (Bharat decides to go to Ram in forest)

    पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे अयोध्या शोक के अंधकार में डूबी हुई थी। राजा दशरथ के देहावसान के बाद सिंहासन सूना था, और महल में केवल मौन और पीड़ा शेष रह गई थी। भरत अयोध्या लौटे तो उनका स्वागत उल्लास से नहीं, बल्कि टूटे हुए हृदयों से हुआ। कैकेयी के शब्दों से राम, सीता और लक्ष्मण के वनवास का सत्य प्रकट हुआ, और पिता के निधन का समाचार भरत के जीवन पर वज्रपात बनकर गिरा। आज की कथा वहीं से आगे बढ़ती है, जहाँ शोक के बीच धर्म खड़ा है, और अपराधबोध के बीच त्याग जन्म ले रहा है। हम देखेंगे कि कैसे गुरु वशिष्ठ और महर्षि वामदेव, भरत को कर्तव्य का मार्ग दिखाते हैं। कैसे पिता के अंतिम संस्कार के साथ-साथ, भरत अपने भीतर के अहं और मोह का भी संस्कार करते हैं। कैसे राजसभा में उन्हें सिंहासन स्वीकार करने का आग्रह किया जाता है, और कैसे भरत, उदाहरणों और आँसुओं के बीच, स्पष्ट शब्दों में कह देते हैं कि राम के बिना अयोध्या का राज्य उनके लिए शून्य है। आज की कथा में हम भरत का वह रूप देखेंगे, जो स्वयं को पापों का घर कहने से भी नहीं हिचकता, जो राज्य को बोझ और राम की सेवा को ही अपना कल्याण मानता है। हम सुनेंगे उनके वे वचन, जो शोक में डूबी अयोध्या के लिए औषधि बन जाते हैं, और देखेंगे कि कैसे शत्रुघ्न का समर्थन और सुमित्रा का मौन गर्व इस त्याग को और भी पवित्र बना देता है। और अंत में, हम उस क्षण के साक्षी बनेंगे जब यह निर्णय होता है कि सिंहासन की नहीं, वन की ओर यात्रा होगी। तो आइए, आज की कथा आरंभ करते हैं, उस राजसभा से, जहाँ भरत का हृदय इतिहास के दोष से नहीं, धर्म की ज्योति से प्रकाशित होने वाला है, और जहाँ अयोध्या पहली बार समझती है कि राम केवल वन में नहीं हैं, वे भरत के भीतर भी जीवित हैं। Spotify, Apple Podcasts और YouTube पर उपलब्ध! Ramayan, Sita, Raavan, Ram, Lakshman, Hindu mythology, Indian epics, Valmiki Ramayan, Ramayan stories, Hanuman, Ramayan podcast, Indian culture, Dharm, Hindu traditions, Ramayan episodes, Spiritual stories, Indian history, Lord Vishnu, Ramayan characters, Raavan's tyranny, Sita's captivity, Ancient India, Hindu epics, Inspirational stories, Devotion, Moral lessons, Storytelling, Indian mythology

    25 min
  4. 12/15/2025

    Hindi Ramayan Episode 30: भरत की अयोध्या वापसी (Bharat's return to Ayodhya)

    पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे वन की पवित्र भूमि पर, महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में, राम, सीता और लक्ष्मण का वह दिव्य मिलन हुआ जिसने रामकथा को उसका सबसे प्रामाणिक स्वर दिया। वहाँ राम ने अपना हृदय खोलकर कहा, सीता ने संकोच और धैर्य के साथ आशीर्वाद माँगा, और महर्षि वाल्मीकि ने उन्हें संरक्षण, प्रेम और सत्य का वचन दिया। चित्रकूट का मार्ग निश्चित हुआ, और वनवास का एक स्थिर अध्याय आरंभ होने को था। पर उसी समय, अयोध्या में सब कुछ स्थिर नहीं था। आज की कथा हमें उस नगर की ओर ले जाती है, जहाँ राम के बिना सिंहासन सूना था, जहाँ दीप जल रहे थे पर प्रकाश नहीं था, और जहाँ राजा दशरथ के प्राण त्याग के बाद पूरा नगर शोक में डूबा हुआ था। गुरु वशिष्ठ के मार्गदर्शन में दूत भेजे गए, और भरत तथा शत्रुघ्न को बिना कारण बताए अयोध्या लौटने को कहा गया। पर नियति अपने संकेत पहले ही भेज चुकी थी, केकय देश में भरत के स्वप्न अशुभ थे, मन व्याकुल था, और हृदय किसी अनजाने भय से घिरा हुआ था। जैसे ही भरत अयोध्या की सीमा पर पहुँचे, उन्होंने नगर को पहचान लिया और फिर भी पहचान नहीं पाए। जहाँ कभी उल्लास था, वहाँ अब मौन था। जहाँ कभी मंगल था, वहाँ अब शोक छाया हुआ था। आज की कथा उस क्षण से आरंभ होती है, जब भरत अयोध्या लौटते हैं, रानी कैकेयी के शब्द उनके कानों में पड़ते हैं, राम, सीता और लक्ष्मण के वनवास का रहस्य खुलता है, और पिता के देहावसान का समाचार उनके हृदय को चीर देता है। यहीं हम देखेंगे भरत का पश्चात्ताप, उनका क्रोध, उनका टूटना, और साथ ही देखेंगे रानी कौशल्या का वह वात्सल्य, जो बिना किसी दोषारोपण के, एक पुत्र को ऐसे अपनाता है मानो स्वयं राम लौट आए हों। तो आइए, आज की कथा आरंभ करते हैं, अयोध्या के उसी शोकाकुल महल में, जहाँ इतिहास भरत को दोषी ठहराने को तैयार है, पर धर्म भरत को एक ऐसे मार्ग पर ले जाने वाला है जो राजसिंहासन से नहीं, राम के चरणों से होकर गुजरता है। Spotify, Apple Podcasts और YouTube पर उपलब्ध! Ramayan, Sita, Raavan, Ram, Lakshman, Hindu mythology, Indian epics, Valmiki Ramayan, Ramayan stories, Hanuman, Ramayan podcast, Indian culture, Dharm, Hindu traditions, Ramayan episodes, Spiritual stories, Indian history, Lord Vishnu, Ramayan characters, Raavan's tyranny, Sita's captivity, Ancient India, Hindu epics, Inspirational stories, Devotion, Moral lessons, Storytelling, Indian mythology

    26 min
  5. 12/03/2025

    Hindi Ramayan Episode 29: राम, लक्ष्मण और सीता का भरद्वाज मुनि और वाल्मीकि मुनि से मिलन (Meeting of Ram, Lakshman and Sita with Bhardwaj Muni and Valmiki M

    पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे गंगा माता के पावन तट पर, एक विनम्र नाविक केवट ने अपनी सच्ची श्रद्धा से प्रभु के चरणों को छूने का सौभाग्य पाया। नदी के उस पार उतरते ही जैसे वन नहीं, एक नया युग आरंभ हुआ था। केवट का प्रेम, उसकी विनम्रता और उसका बाल-सुलभ विश्वास, इन सबने रामकथा को भक्ति के उस शिखर पर पहुँचा दिया, जहाँ एक साधारण नाविक भी देवताओं से बढ़कर हो जाता है। आज की कथा वहीं से आगे बढ़ती है। गंगा के पार उतरकर राम, सीता और लक्ष्मण वन की ओर चल पड़े हैं। यात्रा के बीच वे प्रयागराज पहुँचे, जहाँ संगम माता उन्हें अपने आंचल में समेट लेती है, और जहाँ ब्रह्मचारी, तपस्वी, मुनि और साधक उनके दर्शन को दौड़ पड़ते हैं। भरद्वाज मुनि का आश्रम, उनका वात्सल्य, उनकी दृष्टि, और उनका आशीष, इन सबने इस यात्रा को आध्यात्मिकता के नए ऊंचाई पर पहुँचा दिया। यहीं से चित्रकूट का मार्ग खुला, और यहीं पहली बार वनवास की थकान थोड़ी हल्की हुई। उसके बाद राम, सीता और लक्ष्मण महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में प्रवेश करते हैं।यहीं होगा वह दिव्य मिलन, जिसमें राम अपने हृदय की कथा खोलेंगे, लक्ष्मण अपनी विनम्रता अर्पित करेंगे, और सीता, संकोच, धैर्य और मातृगौरव के साथ, महर्षि वाल्मीकि से आशीष माँगेगी। और महर्षि, उनके सिर पर हाथ रखकर यह वचन देंगे कि जहाँ- जहाँ रामकथा चलेगी, जहाँ-जहाँ भक्त उनके चरणों को खोजेंगे, वहाँ-वहाँ वे सीता की रक्षा, राम के धर्म और लक्ष्मण की सेवा-भावना के सदा साक्षी बने रहेंगे। तो आइए, आज की कथा आरंभ करते हैं, उस पावन क्षण से, जहाँ तीन पथिक धीरे-धीरे आश्रम में प्रवेश करते हैं, और महर्षि वाल्मीकि विजय की नहीं—धर्म, प्रेम और सत्य की सबसे महान कथा का स्वागत करने के लिए आगे बढ़ते हैं। Spotify, Apple Podcasts और YouTube पर उपलब्ध! Ramayan, Sita, Raavan, Ram, Lakshman, Hindu mythology, Indian epics, Valmiki Ramayan, Ramayan stories, Hanuman, Ramayan podcast, Indian culture, Dharm, Hindu traditions, Ramayan episodes, Spiritual stories, Indian history, Lord Vishnu, Ramayan characters, Raavan's tyranny, Sita's captivity, Ancient India, Hindu epics, Inspirational stories, Devotion, Moral lessons, Storytelling, Indian mythology

    26 min
  6. 11/06/2025

    Hindi Ramayan Episode 28: राम, लक्ष्मण और सीता का केवट से मिलन (Meeting of Ram, Lakshman and Sita with Kevat)

    पिछली कथा में, हमने देखा कि कैसे सुमंत्र का रिक्त रथ अयोध्या लौटा और पूरा नगर शोक में डूब गया। राजा दशरथ ने राम के वियोग में अपने प्राण त्याग दिए, और उनके अंतिम शब्दों में केवल राम का ही नाम था। रानी कौशल्या का मातृत्व, रानी सुमित्रा का धैर्य और रानी कैकेयी का पश्चात्ताप, इन सबके बीच धर्म का एक नया अध्याय आरंभ हुआ। आज की कथा हमें उस पवित्र क्षण में ले जाती है, जब राम, सीता और लक्ष्मण, निषादराज गुह के साथ, गंगा माता के पावन तट पर पहुँचे हैं। सामने गंगा माता बह रही है, मातृसमान, निर्मल, अनंत, जिसे पार करके वे वनभूमि में प्रवेश करेंगे। पर इस यात्रा से पहले नियति ने उन्हें एक और भक्त से मिलवाने की योजना बनाई थी। वह था केवट, एक विनम्र नाविक, जिसके हृदय में भक्ति थी, पर आँखों में झिझक थी। हम देखेंगे कि कैसे केवट, अपने गहरे प्रेम से, राम के चरण धोने की विनती करता है। कैसे उसकी भक्ति, बड़े-बड़े यज्ञों और व्रतों से भी ऊँची सिद्ध होती है। और कैसे एक नाविक, अपनी सच्ची श्रद्धा से, स्वयं प्रभु के हृदय में स्थान पा लेता है। तो आइए, चलें हमारे साथ इस प्रसंग में, जहाँ नदी के पार केवल वन नहीं, एक नया युग प्रतीक्षा कर रहा है। जहाँ राजकुमार और नाविक के बीच का संवाद भक्ति और विनम्रता का वह अद्भुत मिलन बन जाता है, जो युगों तक गूँजता रहेगा, जब केवट ने नाव नहीं, अपना हृदय प्रभु के चरणों में अर्पित किया। Spotify, Apple Podcasts और YouTube पर उपलब्ध! Ramayan, Sita, Raavan, Ram, Lakshman, Hindu mythology, Indian epics, Valmiki Ramayan, Ramayan stories, Hanuman, Ramayan podcast, Indian culture, Dharm, Hindu traditions, Ramayan episodes, Spiritual stories, Indian history, Lord Vishnu, Ramayan characters, Raavan's tyranny, Sita's captivity, Ancient India, Hindu epics, Inspirational stories, Devotion, Moral lessons, Storytelling, Indian mythology

    30 min
  7. 10/13/2025

    Hindi Ramayan Episode 27: सुमंत्र की वापसी, श्रवण कुमार की कथा और दशरथ का निधन (The return of Sumantra, the story of Shravan Kumar and the death of Dasharath)

    पिछली कथा में, हमने देखा कि कैसे गंगा तट पर राम, सीता और लक्ष्मण ने धर्म के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ने का संकल्प लिया। राम ने सुमंत्र से कहा कि वे अयोध्या लौट जाएँ और वहाँ माता-पिता को सांत्वना दें, क्योंकि धर्म का पालन ही सच्ची सेवा है। अंततः सुमंत्र ने अश्रुपूरित नेत्रों से राम, सीता और लक्ष्मण को प्रणाम किया और भारी हृदय से अयोध्या की ओर प्रस्थान किया। आज की कथा हमें उस क्षण में ले जाती है, जब सुमंत्र का रिक्त रथ अयोध्या में प्रवेश करता है। नगर की गलियों में सन्नाटा है, आकाश मानो मौन विलाप कर रहा है। राजा दशरथ अब राजा नहीं रहे वे केवल एक पिता हैं, जो हर साँस के साथ “राम… राम…” पुकारते हैं। आज, इस कथा में, हम केवल राजा दशरथ के वर्तमान को नहीं देखेंगे, हम उनके अतीत में भी उतरेंगे। वहा, जहाँ एक युवा धनुर्धर दशरथ ने अनजाने में एक बालक, श्रवण कुमार को अपने बाण से घायल कर दिया था। हम सुनेंगे वह हृदय-विदारक घटना, जब उस बालक के अंधे माता-पिता ने विलाप करते हुए राजा दशरथ को शाप दिया था। वह शाप अब फल दे चुका है। राम का वनगमन ही राजा दशरथ का मृत्यु-दर्शन है। अयोध्या में आज केवल दो आवाज़ें हैं, एक, सुमंत्र की करुण कथा जो सबको राम का समाचार देती है। और दूसरा, राजा दशरथ की टूटती साँसें, जो अपने अंतिम क्षणों में राम, सीता और लक्ष्मण का जाप करते हुए, श्रवण कुमार के शाप को सत्य बना रही हैं। तो आइए, चलें हमारे साथ इस करुण प्रसंग में, जहाँ धर्म और भाग्य का संगम, विरह और अपराध का प्रतिफल, और प्रेम और पश्चात्ताप की पराकाष्ठा एक पिता के हृदय में समा जाती है। Spotify, Apple Podcasts और YouTube पर उपलब्ध! Ramayan, Sita, Raavan, Ram, Lakshman, Hindu mythology, Indian epics, Valmiki Ramayan, Ramayan stories, Hanuman, Ramayan podcast, Indian culture, Dharm, Hindu traditions, Ramayan episodes, Spiritual stories, Indian history, Lord Vishnu, Ramayan characters, Raavan's tyranny, Sita's captivity, Ancient India, Hindu epics, Inspirational stories, Devotion, Moral lessons, Storytelling, Indian mythology

    23 min
  8. 09/30/2025

    Hindi Ramayan Episode 26: राम का लक्ष्मण को समझाना, सुमंत्र से वार्तालाप और दशरथ का उदास होना (Ram consoles Lakshman, talks with Sumantra and Das

    पिछली कथा में, हमने देखा कि कैसे गंगा तट पर राम, सीता और लक्ष्मण ने रात बिताई। भूमि पर शयन करते राम को देखकर निषादराज गुह का हृदय करुणा से भर आया, पर लक्ष्मण ने उन्हें ज्ञान और भक्ति से सांत्वना दी। सुमंत्र की आँखों में आँसू थे, पर उनके हृदय में यह गर्व था कि वे इस धर्मयात्रा के सहभागी बने। गंगा की लहरें उस रात राम के त्याग, लक्ष्मण की निष्ठा और गुह के अटूट स्नेह की साक्षी बनीं। आज की कथा हमें उस क्षण में ले जाती है, जब राम अपने प्रिय भाई लक्ष्मण को समझाने का प्रयत्न करते हैं कि वे लौटकर अयोध्या जाएँ, क्योंकि उनके बिना माता-पिता और भरत का सहारा टूट जाएगा। साथ ही राम सुमंत्र से भी निवेदन करेंगे कि वे अयोध्या वापस लौटें और वहाँ की स्थिति का ध्यान रखें। हम देखेंगे कि गंगा पार करने के इस निर्णायक क्षण पर, न केवल वनवास की यात्रा का एक नया अध्याय आरंभ होता है, बल्कि राम के भीतर का करुण पक्ष भी उजागर होता है, जहाँ वे अपने प्रियजनों से विरह सहते हुए भी धर्म के मार्ग पर अडिग रहते हैं। और इसी कथा में हम अयोध्या के महलों की ओर भी लौटेंगे, जहाँ राम के प्रस्थान के बाद अंधकार और शोक ने अपना वास कर लिया है। वहाँ माताओं का विलाप, प्रजाजनों का रुदन और राजा दशरथ का टूटता हुआ हृदय हमें यह अनुभव कराएगा कि एक पुत्र का वनगमन केवल परिवार ही नहीं, पूरे नगर को कैसे शोक में डुबो देता है। तो आइए, चलें हमारे साथ इस प्रसंग में, जहाँ त्याग की राह और विरह की पीड़ा एक साथ मिलकर धर्म की सबसे बड़ी परीक्षा का रूप लेती है। Spotify, Apple Podcasts और YouTube पर उपलब्ध! Ramayan, Sita, Raavan, Ram, Lakshman, Hindu mythology, Indian epics, Valmiki Ramayan, Ramayan stories, Hanuman, Ramayan podcast, Indian culture, Dharm, Hindu traditions, Ramayan episodes, Spiritual stories, Indian history, Lord Vishnu, Ramayan characters, Raavan's tyranny, Sita's captivity, Ancient India, Hindu epics, Inspirational stories, Devotion, Moral lessons, Storytelling, Indian mythology

    31 min

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रामायण की राम कथा: जीवन का आधार" is a Hindi story series that brings to life the timeless stories of the Ramayan. Through engaging storytelling, explore Ram, Sita, Lakshman, and Hanuman's inspiring journeys, filled with dharm, courage, and values. Perfect for all ages, this podcast blends tradition with life lessons, making it relatable for today’s listeners. ये कहानियाँ और जानिए कैसे रामायण आज भी जीवन का आधार है। हमारी कहानी वाल्मीकि की मूल रचना के साथ अन्य भारतीय परंपराओं और लोककथाओं से प्रेरित है, जो रामायण की घटनाओं और जीवन मूल्यों का अनोखा संगम प्रस्तुत करती है।