Baba ji Vijay Vats

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The purpose of creating this channel is to show people the right path, which keeps raising many questions in their mind, it is our full effort to get some answers. Whatever audio you are listening to here have not a motive to hurt the feelings of any person, religion, or community. That is why if someones gets hurt due to our efforts, then we apologize in advance.

  1. 19 Feb 26 - असली तप क्या है? गुरु मान्यो ग्रंथ का सही अर्थ? शास्त्र और गुरु की भूमिका!! Must Watch

    1D AGO

    19 Feb 26 - असली तप क्या है? गुरु मान्यो ग्रंथ का सही अर्थ? शास्त्र और गुरु की भूमिका!! Must Watch

    00:00 - तप और तपश्चर्या क्या है? (What is Tap and Tapascharya?) 04:00 - मन और इंद्रियों का पक्षाघात (Paralysis of mind and senses) 09:58 - क्या शास्त्रों में परमात्मा होता है? (Is God in the scriptures?) 15:49 - देहधारी गुरु को मानना चाहिए या नहीं? (Should a living Guru be accepted or not?) 18:43 - 'गुरु मान्यो ग्रंथ' का असली अर्थ (True meaning of 'Guru Manyo Granth') 21:00 - पंच तत्वों का महत्व और सम्मान (Importance and respect of the five elements) 26:41 - देह से नहीं, गुरु के ज्ञान से नेह लगाओ (Don't attach to the body, attach to the Guru's knowledge) 34:10 - पदार्थों और शरीर का कृतज्ञ होना (Being grateful to elements and the body) 39:00 - जीव हत्या क्यों नहीं करनी चाहिए? (Why shouldn't we kill animals?) 46:00 - संत और शब्दों के ज्ञानी में अंतर (Difference between a Saint and a scholar of words) 50:30 - परमात्मा की स्वतंत्रता और जवाहरलाल नेहरू का किस्सा (God's freedom and Jawaharlal Nehru's anecdote) 55:28 - "मन मस्त हुआ फिर क्यों बोले" - कबीर का दोहा (Song: Mind is ecstatic, why speak now) 🎶 --- सारांश (Summary) इस वीडियो में बाबाजी ग्वालियर से पूछे गए तीन गहरे प्रश्नों के उत्तर देते हैं। वे समझाते हैं कि असली 'तप' शरीर को कष्ट देना नहीं, बल्कि मन और इंद्रियों को अपने वश में करना है। दूसरे प्रश्न पर वे कहते हैं कि शास्त्रों में परमात्मा नहीं, बल्कि परमात्मा तक पहुँचने का 'नक्शा' या फॉर्मूला होता है, और वे तब तक पूजनीय हैं जब तक मंजिल न मिल जाए। तीसरे प्रश्न पर बाबाजी स्पष्ट करते हैं कि देहधारी गुरु का शरीर (ढांचा) परमात्मा के प्रकटीकरण का साधन मात्र है, इसलिए शरीर से नहीं, बल्कि गुरु के भीतर बैठे ज्ञान से जुड़ना चाहिए। वे जीव हत्या का विरोध करते हैं और परमात्मा द्वारा दी गई असीम स्वतंत्रता (पाप करने की भी) का उदाहरण जवाहरलाल नेहरू के एक संस्मरण से देते हैं। अंत में, वे कबीर दास जी के भजन से मन के शांत और आनंदित होने का संदेश देते हैं। --- मुख्य विषय (Topics) * तप और तपश्चर्या की सही परिभाषा (True definition of Tap and Tapascharya) * शास्त्र और परमात्मा का संबंध: शास्त्र सिर्फ एक नक्शा हैं (Relationship between scriptures and God: Scriptures are just a map) * गुरु का भौतिक शरीर बनाम आध्यात्मिक तत्व (Physical body of the Guru vs Spiritual element) * 'गुरु मान्यो ग्रंथ' और पंच भौतिक शरीर का सम्मान (Significance of 'Guru Manyo Granth' and respecting the five elements) * जीव हत्या का ब्रह्मांडीय प्रभाव (Cosmic impact of animal killing) * परमात्मा की स्वतंत्रता बनाम सांसारिक तानाशाही (God's freedom vs Worldly dictatorship) --- Shorts Style Topics - असली तपस्या क्या है? उल्टे लटकना या मन को वश में करना? [00:00] 🧘‍♂️🧠 - क्या शास्त्रों में भगवान होते हैं? बाबाजी का करारा जवाब [09:58] 📖❌ - गुरु के शरीर की पूजा करनी चाहिए या नहीं? [15:49] 👤🙏 - भगवान हमें पाप करने से क्यों नहीं रोकता? [50:30] ⚖️🕊️ - जब मन को असली आनंद मिल जाता है, तो वो चुप क्यों हो जाता है? [55:28] 🤫✨ --- Music Segments (Geet/Shayari) - 🎶 "माला तो कर में फिरे, जीभ फिरे मुख माहि, मनवा तो चहुं दिस फिरे, यह तो सुमिरन नाहि" - कबीर दास जी का दोहा [08:00] - 🎶 "जिधर देखता हूँ उधर तू ही तू है, हर जर्रे में तू ही तो रूबरू है" - [24:46] - 🎶 "जन्म मरण का मेल है सपना, ये सपना बिसरा दे, कोई ना संग मरे रे..." - [29:14] - 🎶 "मरो हे जोगी मरो, मरण है मीठा, ऐसी मरनी मरो जिस मरनी मर गोरख डीठा" - [36:15] - 🎶 "हंसा पायो मान सरोवर, ताल तलैया क्यों डोले... मन मस्त हुआ फिर क्यों बोले" - [56:13] - 🎶 "हीरा पायो गांठ गठियायो, बार-बार वाको क्यों खोले" - [59:34] --- वीडियो के लिए शीर्षक (Titles) 1. असली तप क्या है? बाबाजी ने तोड़े सदियों पुराने भ्रम 2. क्या शास्त्रों में भगवान मिलते हैं? जानिए आध्यात्मिक सत्य 3. देहधारी गुरु: शरीर की पूजा करें या ज्ञान की? 4. जीव हत्या क्यों पाप है? ब्रह्मांड का एक गहरा रहस्य 5. "मन मस्त हुआ फिर क्यों बोले": परम शांति और आनंद का राज --- सामान्य हैशटैग्स (Hashtags) #BabaJiVijayVats #SpiritualWisdom #Tapasya #TrueGuru #ScripturesTruth #InnerPeace #KabirDoha #StopAnimalCruelty #SelfRealization --- नाम हैशटैग्स (Name Hashtags) #BabaJi #Kabir #Gorakhnath #JawaharlalNehru #GuruGobindSingh

    1h 1m
  2. 18 Feb 26 - आत्मा का भोजन क्या है? "मिठत नीवीं नानका" का गहरा आध्यात्मिक रहस्य!! Must Watch

    2D AGO

    18 Feb 26 - आत्मा का भोजन क्या है? "मिठत नीवीं नानका" का गहरा आध्यात्मिक रहस्य!! Must Watch

    00:00 - नाम जपने पर शक्ति खर्च करना व्यर्थ क्यों है? (Why wasting energy on chanting names is futile?) 01:45 - "तू मुझे याद रख मेहर वालिया" - गीत (Song: You remember me, O merciful one) 🎶 05:16 - आत्मा का भोजन क्या है? (What is the food of the soul?) 06:42 - "आ लग जा गले दिलरुबा" - आत्मा की पुकार (Song: Come embrace me, sweetheart) 🎶 10:09 - "मिठत नीवीं नानका गुण चंगाइयां तत" का असली अर्थ (True meaning of Baba Nanak's verse on sweetness and humility) 13:50 - "भूली दास्तां लो फिर याद आ गई" - गीत (Song: The forgotten story is remembered again) 🎶 15:16 - भगवान का कोई नाम नहीं होता, ये सब इंसानों के दिए हैं (God has no name, these are all given by humans) 18:45 - ब्रह्मचर्य का असली अर्थ क्या है? (What is the true meaning of Celibacy?) 22:13 - "दो घूंट पिला दे साकिया" - आध्यात्मिक रस (Song: Pour me two sips, O cupbearer) 🎶 26:06 - "कलियों ने घूंघट खोले" - गीत (Song: Buds have unveiled) 🎶 28:19 - नमाज़ का असली अर्थ 'नमन' है (The true meaning of Namaz is bowing down/surrender) 31:16 - बकरीद: अहंकार की बलि की जगह मासूमों की बलि (Bakrid: Sacrificing innocents instead of sacrificing ego) 32:50 - बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही उल्लू काफी है (Shayari: One owl is enough to ruin the garden) ✒️ 36:05 - जीवन में जो भी हो, उसे स्वीकार करें (Accept whatever happens in life) 37:27 - "ऐ खुदा हर फैसला तेरा मुझे मंजूर है" - गीत (Song: O God, every decision of yours is acceptable to me) 🎶 --- सारांश (Summary) इस वीडियो में बाबाजी स्पष्ट करते हैं कि परमात्मा को हमारे द्वारा जपे गए नामों या शब्दों की आवश्यकता नहीं है; यह केवल हमारी ऊर्जा का व्यर्थ खर्च है। वे समझाते हैं कि शरीर और मन का भोजन जैसे रोटी और नींद है, वैसे ही आत्मा का भोजन हम स्वयं (हमारा ध्यान) हैं। बाबाजी गुरु नानक देव जी की वाणी "मिठत नीवीं नानका गुण चंगाइयां तत" का गहरा अर्थ बताते हुए कहते हैं कि नम्रता और अहंकार शून्यता ही असली मिठास और आनंद है। वे नमाज़ और बकरीद जैसे त्योहारों के पीछे के वास्तविक आध्यात्मिक अर्थ (अहंकार को झुकाना और मारना) को समझाते हैं और आलोचना करते हैं कि आज धर्म केवल दिखावे और कर्मकांडों में सिमट कर रह गया है। अंत में, बाबाजी संदेश देते हैं कि जीवन की हर स्थिति को परमात्मा की इच्छा मानकर सहज भाव से स्वीकार करना ही असली ध्यान है। --- मुख्य विषय (Topics) * नाम जप और कर्मकांडों की निरर्थकता (Futility of chanting and rituals) * आत्मा का वास्तविक भोजन और आत्म-ज्ञान (True food of the soul and self-knowledge) * ब्रह्मचर्य का आध्यात्मिक अर्थ: ऊर्जा का संरक्षण (Spiritual meaning of Brahmacharya: Conservation of energy) * नमाज़ और बलि प्रथा का प्रतीकात्मक सत्य बनाम वर्तमान कर्मकांड (Symbolic truth of Namaz and sacrifice vs current rituals) * बाबा नानक की वाणी और नम्रता का महत्व (Baba Nanak's teachings and importance of humility) * ईश्वरीय रज़ा में राजी रहना (Acceptance of God's will) --- Shorts Style Topics - भगवान का नाम जपना क्यों व्यर्थ है? बाबाजी का करारा सच [00:00] 🚫📿 - तुम्हारी आत्मा हमेशा भूखी क्यों रहती है? जानो असली भोजन [05:16] 🧘‍♂️✨ - नमाज़ का असली मतलब नमन करना है, अहंकार बढ़ाना नहीं! [28:19] 🕌🙇‍♂️ - बकरीद में जानवर की नहीं, अहंकार की बलि देनी थी! [31:16] 🐐🗡️ - "ऐ खुदा तेरा हर फैसला मंजूर है" - सुखी जीवन का राज [37:27] 😌🎶 --- Music Segments (Geet/Shayari) - 🎶 "तू मुझे याद रख मेहर वालिया, सैयां रखीं चरण दे कोल मेरा वालिया" - [01:45] - 🎶 "आ लग जा गले दिलरुबा" - [06:42] - 🎶 "भूली दास्तां लो फिर याद आ गई, नजर के सामने घटा सी छा गई" - [13:50] - 🎶 "दो घूंट पिला दे साकिया, बाकी मेरे ते रोड़ दे" - [22:13] - 🎶 "कलियों ने घूंघट खोले, हर फूल पे भंवरा डोले" - [26:06] - ✒️ "बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही उल्लू काफी है, हर शाख पे उल्लू बैठा है अंजाम गुलिस्तां क्या होगा" - [32:50] (शायरी) - 🎶 "ऐ खुदा हर फैसला तेरा मुझे मंजूर है, सामने तेरे तेरा बंदा बहुत मजबूर है" - [37:27] --- सामान्य हैशटैग्स (Hashtags) #BabaJiVijayVats #SpiritualAwakening #TrueReligion #NamazMeaning #SelfRealization #Acceptance #InnerPeace #GuruNanak #SpiritualWisdom #BeyondRituals --- नाम हैशटैग्स (Name Hashtags) #BabaJi #GuruNanak #Meera #Kabir #Krishna #Buddha #Mahavira

    38 min
  3. 17 Feb 26 - ध्यान बार-बार क्यों भटकता है? अनहद नाद और सहज समाधि का रहस्य!!

    3D AGO

    17 Feb 26 - ध्यान बार-बार क्यों भटकता है? अनहद नाद और सहज समाधि का रहस्य!!

    00:00 - सहज योग क्या है? (What is Sahaja Yoga?) 01:30 - अनाहत नाद और सहज योग का संबंध (Connection between Anahad Naad and Sahaja Yoga) 03:00 - ध्यान और परिश्रम बनाम सहजता (Meditation and effort vs Spontaneity) 05:00 - बिना प्रयास अनहद नाद का प्रकटीकरण (Manifestation of Anahad Naad without effort) 08:00 - "सहज समाधि भली रे संतो" का अर्थ (Meaning of "Sahaj Samadhi Bhali Re Santo") 12:00 - नाद से वैराग्य की उत्पत्ति (Emergence of detachment from Naad) 16:00 - कृष्ण की बांसुरी और गोपियों का खिंचाव (Krishna's flute and the attraction of Gopis) 22:00 - मन का मित्र बनना और राम भजन का आनंद (Mind becoming a friend and the joy of Ram Bhajan) 28:00 - ध्यान का बार-बार फिसलना: कंकड़-पत्थर vs हीरे (Mind slipping repeatedly: Pebbles vs Diamonds) 31:00 - अभ्यास और वैराग्य: प्रेम का अवतरण (Practice and Detachment: Descent of Love) 36:00 - संसार एक स्वप्न की भांति (The world as a dream) 41:00 - मृत्यु के समय सब कुछ छोड़ जाना (Leaving everything behind at the time of death) --- सारांश (Summary) इस वीडियो में बाबाजी 'सहज योग' और 'सहज समाधि' के गहरे आध्यात्मिक अर्थ पर चर्चा करते हैं। वे समझाते हैं कि सहज योग वह है जहाँ आपको कोई परिश्रम नहीं करना पड़ता; यह परमात्मा की कृपा से स्वयं घटित होता है। बाबाजी अनहद नाद (भीतरी गूंज) को सहज योग का सबसे बड़ा प्रमाण बताते हैं। वे एक भक्त का प्रश्न लेते हैं जिसका ध्यान विपश्यना से हटकर बार-बार इस भीतरी नाद की ओर चला जाता है। बाबाजी कहते हैं कि मन स्वाभाविक रूप से उस ओर भागता है जहाँ उसे परम आनंद (हीरे) मिलता है, और सांसारिक ध्यान (कंकड़-पत्थर) छूट जाते हैं। वे समझाते हैं कि जब अनहद नाद गूंजने लगता है, तो संसार के प्रति वैराग्य स्वयं ही जन्म ले लेता है और संसार एक स्वप्न की तरह प्रतीत होने लगता है। --- मुख्य विषय (Topics) * सहज योग की परिभाषा और महत्ता (Definition and importance of Sahaja Yoga) * अनहद नाद: बिना प्रयास का ध्यान (Anahad Naad: Effortless meditation) * सांसारिक ध्यान पद्धतियों की सीमाएं (Limitations of worldly meditation techniques) * वैराग्य और संसार की नश्वरता (Detachment and the mortality of the world) * कृष्ण की बांसुरी का प्रतीकात्मक अर्थ (Symbolic meaning of Krishna's flute) * मन की एकाग्रता और आनंद की प्राप्ति (Concentration of mind and attainment of bliss) --- Shorts Style Topics - सहज योग क्या है? जो बिना मेहनत के मिल जाए! [00:00] 🧘‍♂️✨ - ध्यान बार-बार क्यों टूटता है? बाबाजी का गहरा जवाब [28:00] 🤔💭 - अनहद नाद: जब भीतर गूंजने लगे असली संगीत [05:00] 🎶👂 - कंकड़-पत्थर छोड़ो, असली हीरे (आनंद) को पकड़ो! [28:00] 💎🤲 - संसार एक सपना है: जाग जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा [36:00] 😴🌍 - कृष्ण की बांसुरी सुनकर गोपियां क्यों भागती थीं? असली रहस्य [16:00] 🪈🏃‍♀️ --- Music Segments (Geet/Shayari) - 🎶 "सहज समाधि भली रे संतो" - [08:30] - 🎶 "बाज आए इस मोहब्बत से तो उठा ले पानदान अपना" - [12:49] (शायरी/काव्य पंक्ति) - 🎶 "प्रेम न बाड़ी ऊपजै, प्रेम न हाट बिकाय, राजा परजा जेहि रुचै सीस देइ ले जाय" - कबीर दास जी का दोहा [18:13] - 🎶 "मन लाग्यो मेरो राम फकीरी में, जो सुख पाऊं राम भजन में..." - [22:52] - 🎶 "चल मनसा उस देश जहाँ पिया बसते" - [26:02] (भावार्थ) - 🎶 "बड़े शौक से सुन रहा था जमाना, हमीं सो गए दास्तां कहते-कहते" - [33:36] - 🎶 "ज्यों की त्यों धर दीनी चदरिया" - [40:32] --- वीडियो के लिए शीर्षक (Titles) 1. सहज योग क्या है? बिना प्रयास के परम आनंद कैसे पाएं? 2. ध्यान क्यों भटकता है? अनहद नाद और सहज समाधि का रहस्य 3. मन को कंट्रोल करने का सबसे आसान तरीका: सहज योग 4. कृष्ण की बांसुरी और गोपियों का प्रेम: एक गहरा आध्यात्मिक रहस्य 5. संसार एक सपना है: अनहद नाद से पाएं वैराग्य --- सामान्य हैशटैग्स (Hashtags) #BabaJiVijayVats #SahajaYoga #AnahadNaad #EffortlessMeditation #SpiritualAwakening #InnerPeace #SahajSamadhi #Detachment #MindControl #KabirDoha --- नाम हैशटैग्स (Name Hashtags) #BabaJi #Kabir #Krishna #Buddha #Mahavira #Chaitanya

    44 min
  4. 16/2/26 - मन के पेंडुलम को कैसे रोकें? इच्छाओं का मनोविज्ञान: जीने और मरने की चाहत!!

    4D AGO

    16/2/26 - मन के पेंडुलम को कैसे रोकें? इच्छाओं का मनोविज्ञान: जीने और मरने की चाहत!!

    00:00 - मोनिका का प्रश्न: "मेरा जन्मदिन ही मेरा मरण दिन बन जाए" (Monica's question: "May my birthday become my death day") 01:30 - मरने की तमन्ना भी एक इच्छा है, एक बोझ है (Desire to die is also a desire, a burden) 05:30 - देवता और दैत्य दोनों बोझ हैं (Both deity and demon are burdens) 09:00 - हीरों का भार और गोबर का भार (Burden of diamonds vs burden of dung) 14:00 - जीवन और मृत्यु: दोनों इच्छाएं नर्क की तरफ ले जाती हैं (Life and Death: Both desires lead to hell) 18:30 - पेंडुलम और मन का स्वभाव: मध्य बिंदु की खोज (Pendulum and nature of mind: Finding the center point) 22:00 - "पल भर के लिए मेहमान यहाँ" - वर्तमान क्षण की अहमियत (Song: Guest here for a moment - Importance of present moment) 🎶 26:30 - भगवान का नाम जपना: दौड़ना या ठहरना? (Chanting God's name: Running or stopping?) 30:00 - मन का पेंडुलम और वासना की शक्ति (Pendulum of mind and power of lust/desire) 36:00 - मन का दौड़ना बंद कैसे करें? क्रिया योग (How to stop the mind from running? Kriya Yoga) 41:30 - अचेतन मन की सफाई: कैथार्सिस (Cleansing of the Unconscious Mind: Catharsis) 45:30 - मृत्यु का भय और दबी हुई भावनाएं (Fear of death and suppressed emotions) 47:30 - "मैं ये सोचकर उसके दर से उठा था" - गजल (Ghazal: I left thinking she would stop me) 🎶 52:30 - अनहद नाद और असली खुमारी (Anahad Naad and true spiritual intoxication) 56:50 - "जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल" का असली अर्थ (True meaning of "Jo Bole So Nihal, Sat Sri Akal") --- सारांश (Summary) इस वीडियो में बाबाजी मोनिका के प्रश्न का उत्तर देते हैं, जिसकी इच्छा है कि उसका जन्मदिन ही उसका मरण दिन बन जाए। बाबाजी गहराई से समझाते हैं कि "मरने की इच्छा" भी "जीने की इच्छा" की तरह ही मन का एक भारी बोझ (वासना) है। चाहे बोझ सोने का हो या कूड़े का, बोझ तो बोझ ही होता है। वे मन की तुलना एक पेंडुलम और साइकिल से करते हैं, जो अतियों (Extremes) के बीच भागता रहता है, और बताते हैं कि परम आनंद 'मध्य बिंदु' (Center point/Present moment) में ठहरने में है। बाबाजी अचेतन मन में दबे मृत्यु के भय और वासनाओं को बाहर निकालने के लिए क्रिया योग और 'कैथार्सिस' (Catharsis) की विधि समझाते हैं, जिससे व्यक्ति सभी इच्छाओं से मुक्त होकर अनहद नाद और अखंड आनंद को प्राप्त कर सके। --- मुख्य विषय (Topics) * इच्छाओं का मनोविज्ञान: जीने और मरने की चाहत (Psychology of Desires: Will to live and die) * मन का पेंडुलम और मध्य बिंदु (Pendulum of the Mind and the Center Point) * क्रिया योग और कैथार्सिस (Kriya Yoga and Catharsis) * अचेतन मन और दबी हुई भावनाएं (Unconscious Mind and Suppressed Emotions) * अनहद नाद और आध्यात्मिक खुमारी (Anahad Naad and Spiritual Intoxication) * वर्तमान क्षण में ठहरने का महत्व (Importance of staying in the Present Moment) --- Shorts Style Topics - मरने की इच्छा क्यों खतरनाक है? बाबाजी का जवाब [01:30] 💀🚫 - मन एक पेंडुलम है, इसे कैसे रोकें? [18:30] ⏳🛑 - क्या आप भी अपनी भावनाओं को दबाते हैं? 'कैथार्सिस' का राज [41:30] 🧠🧹 - भगवान का नाम जपना: क्या यह भी एक दौड़ है? [26:30] 📿🏃‍♂️ - "पल भर के लिए मेहमान यहाँ" - जिंदगी का असली सच [22:00] ⏱️🎶 - "जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल" का आध्यात्मिक अर्थ [56:50] 🙏✨ --- Music Segments (Geet/Shayari) - 🎶 "पल भर के लिए मेहमान यहाँ, मालूम नहीं मंजिल है कहाँ" - [21:08] - 🎶 "वो काला एक बांसुरी वाला, सुध बिसरा गयो मोरी रे" - [26:47] - 🎶 "मैं ये सोचकर उसके दर से उठा था, कि वो रोक लेगी मना लेगी मुझको" - [47:41] - 🎶 "सोए हुए थे चैन से ओढ़े हुए कफ़न, यहाँ भी सताने आ गए" - [54:54] (शायरी/पंक्ति) --- वीडियो के लिए शीर्षक (Titles) 1. मरने की इच्छा भी एक वासना है! बाबाजी ने खोला मन का गहरा राज 2. मन के पेंडुलम को कैसे रोकें? 'मध्य बिंदु' का आध्यात्मिक रहस्य 3. डिप्रेशन और मृत्यु का भय: 'कैथार्सिस' और क्रिया योग से पाएं मुक्ति 4. क्या भगवान का नाम जपना भी एक वासना है? 5. "पल भर के लिए मेहमान यहाँ": वर्तमान में जीने की कला --- सामान्य हैशटैग्स (Hashtags) #BabaJiVijayVats #SpiritualWisdom #Catharsis #KriyaYoga #MindControl #OvercomeDepression #PresentMoment #DesirelessState #AnahadNaad #InnerPeace --- नाम हैशटैग्स (Name Hashtags) #BabaJi #Buddha #Kabir #Nanak #Krishna

    57 min
  5. 14 Feb 26 - शरीर में देवी-देवता का आना: सच्चाई या पाखंड? देवता सिर्फ़ देता है माँगता नहीं! Must Watch

    5D AGO

    14 Feb 26 - शरीर में देवी-देवता का आना: सच्चाई या पाखंड? देवता सिर्फ़ देता है माँगता नहीं! Must Watch

    00:00 - पत्नी पर देवी आने की समस्या: अभिषेक भूषण का प्रश्न (Wife possessed by Goddess: Abhishek Bhushan's question) 02:30 - देवता और दानव का अंतर: जो मांगे वो दानव, जो दे वो देव (Difference between Deity and Demon: Asker is demon, Giver is deity) 06:30 - धर्म के नाम पर भय और लोभ का व्यापार (Business of Fear and Greed in the name of Religion) 12:30 - कोरोना और वैक्सीनेशन: बाबाजी का अनुभव (Corona and Vaccination: Baba Ji's experience) 15:30 - गायत्री मंत्र की वैज्ञानिकता और 'टंकार' का रहस्य (Science of Gayatri Mantra and the secret of its 'Sound') 19:50 - मंदिरों में पशु बलि और पुजारियों का लोभ (Animal sacrifice in temples and greed of priests) 25:30 - जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा और हादसों का सच (Jagannath Puri Rath Yatra and truth behind accidents) 27:00 - "रात जितनी भी संगीन होगी, सुबह उतनी ही रंगीन होगी" (Song: However dark the night, morning will be colorful) 🎶 31:00 - शराब और बेहोशी: पाप करने का बहाना (Alcohol and Unconsciousness: Excuse to commit sin) 36:00 - कथावाचकों का पाखंड और शास्त्रों की नकल (Hypocrisy of storytellers and copying scriptures) 38:00 - सीता का अपहरण और राम का विवेक (Kidnapping of Sita and Ram's wisdom) 41:30 - शिष्यों के साथ यौन संबंध: पाश्विक वृत्तियां (Sexual relations with disciples: Animalistic instincts) 48:00 - श्राद्ध का पाखंड: शराब और लेग पीस (Hypocrisy of Shradh: Alcohol and Leg piece) 54:00 - "मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया" - जीवन जीने की कला (Song: I kept accompanying life) 🎶 01:02:00 - बाबाजी की चेतावनी: ढोंगियों को मेरे पास भेजो (Baba Ji's warning: Send the hypocrites to me) --- सारांश (Summary) इस वीडियो में बाबाजी एक शिष्य के प्रश्न का उत्तर देते हैं जिसकी पत्नी पर 'धारी देवी' आती है और मंदिर व विशेष पूजा की मांग करती है। बाबाजी स्पष्ट करते हैं कि जो मांगे वह देवी-देवता नहीं हो सकता; मांगने वाले लोभी पंडित और पाखंडी होते हैं। वे धर्म के नाम पर फैले भय और लोभ, मंदिरों में दी जाने वाली पशु बलि, और कर्मकांडों की कड़ी आलोचना करते हैं। बाबाजी गायत्री मंत्र के वैज्ञानिक उपयोग (ध्वनि तरंगों से नकारात्मकता दूर करना) की बात करते हैं। अंत में, वे "मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया" गीत के माध्यम से समभाव (सुख-दुख में एक समान रहना) का संदेश देते हैं। --- मुख्य विषय (Topics) * देवी-देवताओं का आना और पाखंड (Possession by Deities and Hypocrisy) * धर्म के नाम पर व्यापार और भय (Business and Fear in the name of Religion) * गायत्री मंत्र का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व (Scientific and Spiritual importance of Gayatri Mantra) * पशु बलि और मांसाहार का विरोध (Opposition to Animal Sacrifice and Non-vegetarianism) * कथावाचकों और गुरुओं का चारित्रिक पतन (Moral decline of Storytellers and Gurus) * श्राद्ध और कर्मकांडों की निरर्थकता (Futility of Shradh and Rituals) * सुख और दुख में समभाव (Equanimity in Joy and Sorrow) --- Shorts Style Topics - पत्नी पर देवी आती है और मंदिर मांगती है? बाबाजी का जवाब [02:30] 😠👹 - जो भगवान तुमसे मांगे, वो भगवान नहीं! [06:30] 🤲❌ - गायत्री मंत्र का असली विज्ञान क्या है? [15:30] 🕉️🔬 - मंदिरों में बलि भगवान के लिए या पुजारियों के लिए? [19:50] 🐐🥩 - श्राद्ध में शराब और लेग पीस? बाबाजी का खुलासा [48:00] 🍗🍷 - "मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया" - असली वैराग्य [54:00] 🚶‍♂️🎶 --- Music Segments (Geet/Shayari) - 🎶 "रात जितनी भी संगीन होगी, सुबह उतनी ही रंगीन होगी" - [27:01] - 🎶 "गम ना कर गर है बादल घनेरा, किसके रोके रुका है सवेरा" - [27:42] - 🎶 "मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया, हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया" - [54:55] - 🎶 "बर्बादियों का शोक मनाना फजूल था, बर्बादियों का जश्न मनाता चला गया" - [55:26] - 🎶 "जो मिल गया उसी को मुकद्दर समझ लिया, जो खो गया मैं उसको भुलाता चला गया" - [56:39] - 🎶 "गम और खुशी में फर्क ना महसूस हो जहाँ, मैं दिल को उस मुकाम पे लाता चला गया" - [58:04] --- सामान्य हैशटैग्स (Hashtags) #BabaJiVijayVats #HypocrisyInReligion #GayatriMantraScience #AnimalSacrifice #SpiritualWisdom #LifePhilosophy #Equanimity #StopSuperstition #TrueDevotion --- नाम हैशटैग्स (Name Hashtags) #BabaJi #Vishwamitra #DhariDevi #Kamakhya #JagannathPuri

    1h 7m
  6. 13/2/26 - आत्म-साक्षात्कार का रहस्य: शरीर से आत्मा की ओर!! कुंती ने कृष्ण से दुख क्यों मांगा?

    FEB 12

    13/2/26 - आत्म-साक्षात्कार का रहस्य: शरीर से आत्मा की ओर!! कुंती ने कृष्ण से दुख क्यों मांगा?

    00:00 - सुसाइड: हताशा और इच्छाओं का परिणाम (Suicide: Result of despair and desires)03:00 - साध्वी प्रेम भाईसा की मृत्यु: क्या हुआ? (Death of Sadhvi Prem Bhaisa: What happened?)07:00 - संस्कार और पुनर्जन्म: साधु vs असाधु (Samskaras and Rebirth: Sadhu vs Asadhu)12:00 - नाम जप और अचेतन मन (Chanting Name and Unconscious Mind)17:00 - कुंती ने कृष्ण से दुख क्यों मांगा? (Why did Kunti ask for sorrow from Krishna?)24:00 - पांडु और ऋषि किंदम का श्राप (Pandu and Curse of Sage Kindama)28:00 - पांडु की मृत्यु और कुंती का आत्म-साक्षात्कार (Death of Pandu and Kunti's Self-Realization)34:00 - "जो मैं ऐसा जानती, प्रीत किए दुख होय" (Song: If I knew love brings sorrow) 🎶38:00 - "मांग के साथ तुम्हारा, मैंने मांग लिया संसार" (Song: With you, I asked for the world) 🎶48:00 - परमात्मा के प्रचारकों का अंत (End of God's Preachers)57:00 - आशुतोष महाराज: समाधि या मृत्यु? (Ashutosh Maharaj: Samadhi or Death?)01:03:00 - दुख का महत्व: आत्म-ज्ञान का मार्ग (Importance of Sorrow: Path to Self-Knowledge)01:08:00 - "पितु मात स्वामी सखा हमारे" (Song: You are my father, mother, master, friend) 🎶---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी आत्महत्या के कारणों और साध्वी प्रेम भाईसा की आकस्मिक मृत्यु पर चर्चा करते हैं। वे समझाते हैं कि आत्महत्या हताशा का परिणाम है, जबकि कुछ मौतें कर्मों और संस्कारों से जुड़ी होती हैं। बाबाजी कुंती द्वारा कृष्ण से दुख मांगने के गहरे रहस्य को उजागर करते हैं—दुख से अहंकार टूटता है और आत्म-साक्षात्कार होता है। वे पांडु की मृत्यु और कुंती की मनःस्थिति का वर्णन करते हैं। बाबाजी आशुतोष महाराज की तथाकथित समाधि और उनके शिष्यों के भ्रम पर भी कड़ा प्रहार करते हैं। अंत में, वे कहते हैं कि दुख परमात्मा का वरदान हो सकता है यदि उसे सही ढंग से स्वीकार किया जाए।---मुख्य विषय (Topics)* आत्महत्या और मानसिक अवसाद (Suicide and Mental Depression)* कुंती का वैराग्य और दुख की मांग (Kunti's Renunciation and Demand for Sorrow)* पांडु की मृत्यु और ऋषि किंदम का श्राप (Pandu's Death and Curse of Sage Kindama)* आशुतोष महाराज और समाधि का सच (Truth of Ashutosh Maharaj and Samadhi)* नाम जप और अचेतन मन का मनोविज्ञान (Psychology of Name Chanting and Unconscious Mind)* दुख और आत्म-साक्षात्कार (Sorrow and Self-Realization)---Shorts Style Topics- कुंती ने कृष्ण से दुख क्यों मांगा? बाबाजी का जवाब [17:00] 😭🙏- साध्वी प्रेम भाईसा की मौत का सच क्या है? [01:45] 🕯️🤔- पांडु की मृत्यु कैसे हुई? ऋषि किंदम का श्राप [24:00] 🏹💀- आशुतोष महाराज: क्या वो वापस आएंगे? [57:00] ❄️❌- आत्महत्या क्यों करते हैं लोग? आध्यात्मिक कारण [05:30] 🧠😔- "जो मैं ऐसा जानती, प्रीत किए दुख होय" - मीरा का दर्द [34:30] 💔🎶---Music Segments (Geet/Shayari)- 🎶 "जो मैं ऐसा जानती, प्रीत किए दुख होय" - [34:33]- 🎶 "मांग के साथ तुम्हारा, मैंने मांग लिया संसार" - [38:20]- 🎶 "पितु मात स्वामी सखा हमारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा" - [01:08:38]---वीडियो के लिए शीर्षक (Titles)1. कुंती ने कृष्ण से दुख क्यों मांगा? एक गहरा आध्यात्मिक रहस्य2. साध्वी प्रेम भाईसा की मृत्यु: क्या है सच्चाई?3. आशुतोष महाराज: समाधि या मृत्यु? बाबाजी का बड़ा खुलासा4. आत्महत्या क्यों करते हैं लोग? हताशा या कुछ और?5. पांडु का श्राप और कुंती का आत्म-ज्ञान: महाभारत का एक अनसुना पहलू---सामान्य हैशटैग्स (Hashtags)#BabaJiVijayVats #SuicidePrevention #KuntiKrishna #PanduDeath #AshutoshMaharaj #SpiritualWisdom #LifeAndDeath #SelfRealization #MahabharataSecrets---नाम हैशटैग्स (Name Hashtags)#BabaJi #Kunti #Pandu #Krishna #AshutoshMaharaj #PremBhaisa #Meera

    1h 11m
  7. 12 Feb 26 - कैसे पता चले मैं परमात्मा के कितना करीब हूं? Must watch

    FEB 11

    12 Feb 26 - कैसे पता चले मैं परमात्मा के कितना करीब हूं? Must watch

    00:00 - परमात्मा के करीब होने का पैमाना क्या है? (What is the measure of being close to God?) 01:30 - रोशनी या रंग दिखना क्या परमात्मा की निकटता है? (Is seeing light or colors proximity to God?) 04:00 - आनंद ही एकमात्र पैमाना है (Bliss is the only measure) 07:00 - शरीर खंडित हो सकता है, आनंद नहीं (Body can be fragmented, Bliss cannot) 10:30 - डेल्टा वेव्स और जीरो हर्ट्ज़: वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Delta Waves and Zero Hertz: Scientific View) 13:30 - नागार्जुन का शून्यवाद (Nagarjuna's Voidism) 17:00 - आनंद का कोई विपरीत नहीं होता (Bliss has no opposite) 24:30 - "मैं बहुत दूर चला" - विरह गीत (Song: I went very far) 🎶 27:00 - मरने के बाद क्या साथ जाता है? (What goes along after death?) 33:00 - अन्नमय कोष से आनंदमय कोष तक (From Annamaya Kosha to Anandamaya Kosha) 36:00 - बाबाजी की डाइट: 14 साल से सिर्फ दूध (Baba Ji's Diet: Only milk for 14 years) 43:00 - महावीर का कैवल्य ज्ञान (Mahavira's Kaivalya Gyan) 53:00 - सचखंड कोई भौगोलिक जगह नहीं है (Sachkhand is not a geographical place) 58:00 - "जीवन से भरी तेरी आँखें" - गीत (Song: Your eyes full of life) 🎶 01:03:00 - परमात्मा ने हमें अलग नहीं किया, हम खुद हुए (God didn't separate us, we separated ourselves) 01:06:30 - "मैं यह सोचकर उसके दर से उठा था" - गजल (Ghazal: I left thinking she would stop me) 🎶 --- सारांश (Summary) इस वीडियो में बाबाजी परमात्मा के करीब होने के सही पैमाने पर चर्चा करते हैं। वे स्पष्ट करते हैं कि रोशनी या रंग दिखना कोई पैमाना नहीं है, बल्कि 'आनंद' का बढ़ना ही एकमात्र सही संकेत है। बाबाजी डेल्टा वेव्स और जीरो हर्ट्ज़ के माध्यम से समाधि की अवस्था को वैज्ञानिक ढंग से समझाते हैं। वे नागार्जुन के शून्यवाद और पंच कोषों (अन्नमय से आनंदमय) की व्याख्या करते हैं। बाबाजी अपनी डाइट (सिर्फ दूध) और सचखंड की वास्तविकता (यह भीतर है, बाहर नहीं) के बारे में भी बताते हैं। अंत में, वे एक गजल के माध्यम से समझाते हैं कि परमात्मा हमें रोकता नहीं, बल्कि हमें स्वतंत्र छोड़ देता है। --- मुख्य विषय (Topics) * परमात्मा की प्राप्ति के लक्षण (Signs of God Realization) * आनंद और सुख में अंतर (Difference between Bliss and Happiness) * डेल्टा वेव्स और समाधि (Delta Waves and Samadhi) * नागार्जुन का शून्यवाद (Nagarjuna's Philosophy of Void) * पंच कोष और आध्यात्मिक उन्नति (Pancha Koshas and Spiritual Progress) * सचखंड और मृत्यु के बाद का जीवन (Sachkhand and Life after Death) * परमात्मा और जीव का संबंध (Relationship between God and Soul) --- Shorts Style Topics - परमात्मा के करीब हैं या नहीं? कैसे जानें [04:00] 🤔✨ - क्या मरने के बाद सचखंड मिलता है? बाबाजी का खुलासा [53:00] 🏞️❌ - 14 साल से सिर्फ दूध पर कैसे जिंदा हैं बाबाजी? [36:00] 🥛😲 - डेल्टा वेव्स और जीरो हर्ट्ज़ का रहस्य [10:30] 🧠📉 - नागार्जुन का शून्यवाद क्या है? [13:30] ⚫🧘‍♂️ - परमात्मा हमें अपने पास क्यों नहीं बुलाता? [01:09:00] 🚶‍♂️💔 --- Music Segments (Geet/Shayari) - 🎶 "मैं बहुत दूर, बहुत दूर चला" - [24:35] - 🎶 "जीवन से भरी तेरी आँखें, मजबूर करें जीने के लिए" - [58:16] - 🎶 "मैं यह सोचकर उसके दर से उठा था, कि वो रोक लेगी मना लेगी मुझको" - [01:06:38] --- वीडियो के लिए शीर्षक (Titles) 1. कैसे पता चले मैं परमात्मा के कितना करीब हूँ? क्या है सही मापदंड? 2. डेल्टा वेव्स और समाधि: विज्ञान और आध्यात्म का संगम 3. सचखंड का सच: क्या मरने के बाद कोई लेने आता है? 4. आनंद ही एकमात्र पैमाना है: रोशनी और रंगों के भ्रम से बचें 5. परमात्मा ने हमें अलग क्यों किया? एक गहरा आध्यात्मिक रहस्य --- सामान्य हैशटैग्स (Hashtags) #BabaJiVijayVats #GodRealization #DeltaWaves #Samadhi #Nagarjuna #PanchaKosha #SachkhandTruth #SpiritualScience #BlissVsHappiness --- नाम हैशटैग्स (Name Hashtags) #BabaJi #Nagarjuna #Mahavira #RadhaSoami #Sachkhand

    1h 16m

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