Babamandal

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Babamandal is a weekly monologue podcast hosted by Panini Anand, popularly known as 'Baba' among listeners for his unique blend of wisdom, wit, and storytelling. Every Sunday, Baba takes up subjects ranging from everyday curiosities to complex questions of our times, unpacking them in his signature desi style. Drawing from history, culture, religion, mythology, and society, he connects the past with the present to offer fresh perspectives on familiar issues. Insightful, engaging, and richly layered with anecdotes and references, Babamandal is a space where knowledge meets conversation, and serious ideas are explored with warmth, humor, and depth.

  1. 2d ago

    पितरों को जो चढ़ाते हैं, वो सच में खाते हैं क्या? श्राद्ध, तर्पण और पितृ ऋण को समझिए: बाबामंडल Ep 15

    क्या पितृ पक्ष में हमारे पूर्वज सचमुच भोजन और पानी की प्रतीक्षा करते हैं? पितृ कौन हैं, श्राद्ध और तर्पण का वास्तविक अर्थ क्या है और पितृ ऋण तथा पितृ दोष में क्या अंतर है? बाबामंडल के इस एपिसोड में पाणिनि आनंद बाबा से सुनिए ऋग्वेद में पितरों के उल्लेख से लेकर कर्ण की प्रचलित कथा, श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान, पंचबलि और पितृ पक्ष से जुड़ी मान्यताओं पर विस्तार से चर्चा. साथ ही जानिए कि पितृ दोष का संबंध मूल वैदिक परंपरा से कितना है और ज्योतिषीय व्याख्याओं से कितना. क्या पितृ पक्ष अशुभ है? क्या श्राद्ध केवल कर्मकांड है? और अगर कोई विधि-विधान न कर पाए तो क्या पूर्वजों के प्रति उसका दायित्व समाप्त हो जाता है? पितरों को डर से नहीं, कृतज्ञता से याद करने की परंपरा को समझिए. होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूस: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

    पितरों को जो चढ़ाते हैं, वो सच में खाते हैं क्या? श्राद्ध, तर्पण और पितृ ऋण को समझिए: बाबामंडल Ep 15
  2. Sep 27

    मांसाहार की बहस प्लेट पर क्यों? अहिंसा, शाकाहार & भोजन की राजनीति: बाबामंडल Ep 14

    मांसाहार और शाकाहार की बहस सिर्फ़ थाली तक सीमित नहीं है. इसके पीछे धर्म, पहचान, जाति, अहिंसा, पर्यावरण, कृषि, बाज़ार और नैतिकता के कई सवाल जुड़े हैं. हम क्या खाते हैं, क्यों खाते हैं और अपने खाने के आधार पर दूसरों को कैसे देखते हैं. क्या मांस खाना हिंसा है? क्या शाकाहारी होना ही अहिंसक होने की गारंटी है? क्या अहिंसा केवल हमारी थाली तक सीमित हो सकती है? और अगर प्रकृति में जीवन एक-दूसरे पर निर्भर है, तो हिंसा और अहिंसा को हम कैसे समझें? इस एपिसोड में बात मांसाहार और शाकाहार से आगे जाकर भोजन, उपभोक्तावाद, कृषि, मीट एक्सपोर्ट, पर्यावरण और गांधी की अहिंसा तक पहुंचती है. असली सवाल यह है कि हमारी थाली बदलने से अहिंसा आती है या हमारे व्यवहार और सोच बदलने से? क्या हिंसा सिर्फ़ वहां है जहां खून दिखाई देता है? क्या प्रकृति करुणा से चलती है या संतुलन से? थाली में क्या है, यह सवाल कब से इतना बड़ा हो गया कि उससे इंसान की पहचान तय होने लगी? 'बाबामंडल' में इन्हीं सवालों की पड़ताल पाणिनि आनंद बाबा के साथ. प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

    मांसाहार की बहस प्लेट पर क्यों? अहिंसा, शाकाहार & भोजन की राजनीति: बाबामंडल Ep 14
  3. Sep 20

    मांस खाना पाप कब बना? धर्म, इतिहास और शाकाहार-मांसाहार का पाखंड: बाबामंडल Ep 13

    मांसाहार सिर्फ़ खाने की चीज़ है या धर्म, जाति, शुद्धता और राजनीति का भी सवाल? मनुष्य के भोजन का इतिहास बहुत पुराना है. लेकिन भारत के खान-पान की कहानी और भी जटिल है. बाबामंडल के इस एपिसोड में पाणिनि आनंद 'बाबा' से समझिए भारत में शाकाहार और मांसाहार की कहानी वास्तव में कितनी पुरानी, जटिल और विविध है. इस पॉडकास्ट में मिलेंगे कई सुलगते हुए सवालों के जवाब. मसलन- क्या प्राचीन भारतीय परंपराओं में मांसाहार हमेशा वर्जित था? वेदों, आयुर्वेद, रामायण और महाभारत में भोजन को लेकर क्या तस्वीर मिलती है? शाकाहार कब और कैसे धार्मिक-सामाजिक पहचान से जुड़ने लगा? अलग-अलग क्षेत्रों, संप्रदायों और समुदायों में खान-पान इतना अलग क्यों रहा? हमने किसी के खाने को उसके धर्म, चरित्र या श्रेष्ठता का पैमाना कब बना दिया? ध्यान रहे...यह चर्चा मांसाहार को बढ़ावा देने या शाकाहार का विरोध करने के लिए नहीं है. होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड: सूरज सिंह

    मांस खाना पाप कब बना? धर्म, इतिहास और शाकाहार-मांसाहार का पाखंड: बाबामंडल Ep 13
  4. Sep 13

    जापान से थाईलैंड तक...गणपति का यह रूप पूरी दुनिया में क्यों पूजा जाता है?: बाबामंडल Ep 12

    गणेशजी को विनायक, गजानन और विघ्नहर्ता क्यों कहा जाता है? गणपति के अलग-अलग नामों और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं से लेकर गणेशजी और प्रकृति के संबंध तक, 'बाबामंडल' के इस एपिसोड में कई दिलचस्प सवालों के जवाब मिलेंगे. जानिए गणेशजी को जामुन, कैथा, दूर्वा और मोदक क्यों चढ़ाए जाते हैं, उनके बड़े कान, छोटी आंखें, सूंड और लंबोदर का क्या अर्थ है और गणेश-कार्तिकेय की कहानी क्या कहती है. साथ ही भारत से बाहर गणेश पूजा की परंपरा, गणेशोत्सव का इतिहास और 1893 में लोकमान्य तिलक की भूमिका पर भी चर्चा होगी. विनायक से गजानन और विघ्नकर्ता से विघ्नहर्ता बनने तक गणपति की अनसुनी कहानियां सुनिए पाणिनि आनंद उर्फ़ बाबा से. होस्ट:पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

    जापान से थाईलैंड तक...गणपति का यह रूप पूरी दुनिया में क्यों पूजा जाता है?: बाबामंडल Ep 12
  5. Sep 6

    अचानक कुछ नहीं होता! जो दिखता है, उसके पीछे क्या?: बाबामंडल, Ep 11

    क्या दुनिया में होने वाली बड़ी घटनाएं या हमारे जीवन में आने वाले बदलाव वाकई 'अचानक' होते हैं? नेपाल का जल प्रलय हो, 9/11 का हमला हो या किसी का अचानक आया हार्ट अटैक, तानाशाही, क्रांति, सफलता, असफलता, Love at First Sight से लेकर Break up तक—क्या इनके पीछे कोई लंबी प्रक्रिया नहीं होती? 'बाबामंडल' (Babamandal) के इस एपिसोड में पाणिनि आनंद उर्फ़ बाबा बात कर रहे हैं 'अचानक' (Suddenness) के पीछे छिपे सत्य और बोध की. जानेंगे कि कैसे हमारी सीमित दृष्टि हमें चीजों को अचानक दिखाती है, जबकि वास्तविकता कुछ और ही होती है. होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

    अचानक कुछ नहीं होता! जो दिखता है, उसके पीछे क्या?: बाबामंडल, Ep 11
  6. Aug 30

    प्रतिभा का सबसे बड़ा दुश्मन कौन? टैलेंट के साइड इफेक्ट क्या हैं: बाबामंडल

    प्रतिभा क्या है? क्या ये सिर्फ जींस और न्यूरोलॉजी का खेल है या फिर अवसर और परिस्थितियों की कहानी? बाबामंडल के इस एपिसोड में पाणिनि आनंद 'बाबा' गहराई से समझा रहे हैं कि कैसे समाज हमारी विशिष्टता को 'बोनसाई' (Bonsai) की तरह ट्रिम कर देता है. क्या सफलता का दबाव हमारी मौलिक प्रतिभा का दुश्मन बन गया है? हम Vincent van Gogh के अवसाद से लेकर Leonardo da Vinci की अद्वितीयता तक के सफर की तफ़्तीश करेंगे. टैलेंट के साइड इफेक्ट से लेकर इसकी इकोनॉमी को समझने के लिए सुनिए पूरा पॉडकास्ट. होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

    प्रतिभा का सबसे बड़ा दुश्मन कौन? टैलेंट के साइड इफेक्ट क्या हैं: बाबामंडल
  7. Aug 23

    रक्षाबंधन - किसकी रक्षा, कैसा बंधन? राखी का अनसुना और अलिखित इतिहास: बाबामंडल

    क्या रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व है या परंपरा? इसके पीछे कोई गहरा मनोवैज्ञानिक और सामाजिक अर्थ छिपा है? 'बाबा मंडल' के इस एपिसोड में हम रक्षाबंधन की जड़ों तक जाने की कोशिश करेंगे. जहां इतिहास और शास्त्रों में 'राखी' शब्द का सीधा उल्लेख मिलना मुश्किल है, वहीं हमारी लोक परंपराओं ने इस ख़ूबसूरत रिश्ते को सदियों से संजोकर रखा है. हुमायूं-रानी कर्णावती की कहानियों से लेकर ऋषियों और राजाओं के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 'रक्षा सूत्र' तक, हम जानेंगे कि यह धागा कैसे वचन और बंधुत्व का प्रतीक बना. आज के बदलते दौर में रक्षाबंधन सिर्फ भाई द्वारा सुरक्षा का नहीं, बल्कि बहन की 'मुक्ति' और उसकी पहचान का उत्सव कैसे है, आइए समझते हैं पाणिनि आनंद उर्फ़ 'बाबा' से. इस पॉडकास्ट में सुनिए: राखी का अनसुना और अलिखित इतिहास पौराणिक कथाओं का सच: राजा बलि, कृष्ण-द्रौपदी और सिकंदर के प्रसंग भारतीय संस्कृति में 'रक्षा सूत्र' का वैज्ञानिक और सामाजिक तर्क सामाजिक एकता और आंदोलनों में राखी की भूमिका 21वीं सदी में भाई-बहन के रिश्ते की नई परिभाषा होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

    रक्षाबंधन - किसकी रक्षा, कैसा बंधन? राखी का अनसुना और अलिखित इतिहास: बाबामंडल
  8. Aug 16

    पकौड़े का गरुड़ पुराण से क्या रिश्ता है? चटनी-पकौड़ी का अनसुना इतिहास: बाबामंडल Ep 08

    बारिश की पहली बूंद गिरते ही पकौड़े क्यों याद आते हैं? आखिर पकौड़ी और चटनी के बीच ऐसा क्या रिश्ता है कि एक के बिना दूसरा अधूरा लगता है? और क्या आपको पता है कि पकौड़ी की कहानी सिर्फ़ हमारी कढ़ाही तक सीमित नहीं है...इसकी जड़ें मेसोपोटामिया तक जाती हैं और इसका एक अजीब-सा कनेक्शन गरुड़ पुराण से भी निकल आता है! पकवट, बटका और परिका—कैसे बदले पकौड़ी के नाम? चटनी के पाँच प्रकार कौन से हैं? सबसे स्वादिष्ट चटनी-पकौड़ी कौन सी है? पाणिनी आनंद 'बाबा' के साथ बाबामंडल के इस चटपटे एपिसोड में उतरिए पकौड़ी और चटनी की उस दुनिया में, जिसे हम खाते तो रोज़ हैं, लेकिन जानते बहुत कम हैं. होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

    पकौड़े का गरुड़ पुराण से क्या रिश्ता है? चटनी-पकौड़ी का अनसुना इतिहास: बाबामंडल Ep 08

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