Baba ji Vijay Vats

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The purpose of creating this channel is to show people the right path, which keeps raising many questions in their mind, it is our full effort to get some answers. Whatever audio you are listening to here have not a motive to hurt the feelings of any person, religion, or community. That is why if someones gets hurt due to our efforts, then we apologize in advance.

  1. 24 Feb 26 - बाबा आप नाम जप को पाखंड कहते हैं और बाबा नानक “नाम जपने” को कहते है! किसकी बात सही मानें??

    18H AGO

    24 Feb 26 - बाबा आप नाम जप को पाखंड कहते हैं और बाबा नानक “नाम जपने” को कहते है! किसकी बात सही मानें??

    00:00 - इंसान को अपनी जिंदगी कैसे जीनी चाहिए? (How should a person live their life?) 01:30 - धर्मों की 'कमेंडमेंट्स' (नियम) जीवन में बंधन हैं (Religious 'Commandments' are burdens in life) 02:21 - बाबा नानक का सूत्र: किरत करो, नाम जपो, वंड छको (Baba Nanak's formula: Kirat Karo, Naam Japo, Vand Chhako) 08:45 - स्मरण करना (भगवान का नाम जपना) व्यर्थ क्यों है? (Why is chanting God's name futile?) 16:08 - परिवार में क्लेश का सबसे बड़ा कारण: पक्षपात (Biggest cause of family disputes: Partiality) 23:51 - जिस उम्र में कुछ नया करना चाहिए, लोग माला फेरने लगते हैं (At the age to create, people start chanting rosaries) 26:27 - भगवान से दुख क्यों मांगना चाहिए? (Why should we ask God for sorrow?) 32:57 - कबीर के दोहे का असली अर्थ: "दुख में सुमिरन सब करे..." (True meaning of Kabir's couplet on remembrance in sorrow) 38:01 - नाम जपने का असली मतलब क्या है? (What is the true meaning of chanting the Name?) 46:24 - किसानों की मेहनत और असली 'खून-पसीने की कमाई' (Farmers' hard work and true 'blood-sweat earnings') 58:36 - पहाड़ों वाली माता की शिकायत: जागरण वाले सोने नहीं देते! (Complaint of Goddess Pahadawali: Jagran singers don't let me sleep!) 01:04:09 - "ताल मिले नदी के जल में..." - गीत (Song: The lake meets the river water) 🎶 --- सारांश (Summary) इस वीडियो में बाबाजी परम प्रकाश के प्रश्न का उत्तर देते हैं कि इंसान को अपनी जिंदगी कैसे जीनी चाहिए। बाबाजी बाबा नानक के मूल मंत्र—"किरत करो (ईमानदारी से काम करो), नाम जपो (परमात्मा का धन्यवाद करो), और वंड छको (अपनी कमाई दूसरों के साथ बांटो)"—की गहराई से व्याख्या करते हैं। वे समझाते हैं कि धर्मों द्वारा थोपे गए नियम (Commandments) मनुष्य को बांधते हैं, जबकि लक्ष्य स्वतंत्र होना है। बाबाजी स्पष्ट करते हैं कि 24 घंटे माला फेरना या नाम जपना व्यर्थ है; सच्चा स्मरण दुख में परमात्मा को पुकारना और सुख में उसका हृदय से धन्यवाद करना है। वे परिवारों में पक्षपात, किसानों की मेहनत और समाज में फैले धार्मिक कर्मकांडों (जैसे तेज आवाज में जागरण) पर भी कटाक्ष करते हैं। अंत में, वे एक मधुर गीत के माध्यम से आत्मा के परमात्मा में विलीन होने का संदेश देते हैं। --- मुख्य विषय (Topics) * जीवन जीने का सही तरीका और बाबा नानक का दर्शन (Right way to live life and Baba Nanak's philosophy) * नाम जपने का पाखंड बनाम असली स्मरण (Hypocrisy of chanting vs True remembrance) * पारिवारिक कलह के कारण और समाधान (Causes of family disputes and solutions) * भगवान से दुख क्यों मांगना चाहिए (Why one should ask for sorrow from God) * धार्मिक कर्मकांड (जागरण, लाउडस्पीकर) और उनका दुष्प्रभाव (Religious rituals and their negative impact) * किसानों का सम्मान और नेताओं/अधिकारियों पर कटाक्ष (Respect for farmers and satire on politicians/officers) --- Shorts Style Topics - जीवन जीने का सबसे बेस्ट तरीका: बाबा नानक के 3 गोल्डन रूल्स! 🌟 [02:21] - क्या 24 घंटे राम-राम जपना पागलपन है? बाबाजी का कड़वा सच 📿🚫 [08:45] - कबीर के इस दोहे का मतलब आज तक किसी ने सही नहीं समझा! 📖🤔 [32:57] - भगवान से सुख नहीं, दुख मांगो! जानिए क्यों? 🙏💥 [26:27] - माता रानी को भी जागरण से परेशानी होती है? बाबाजी का करारा व्यंग्य 😂🔊 [58:36] --- Music Segments (Geet/Shayari) - 🎶 "तू मुझे याद रख मेहर वालिया, सैयां रखीं चरण दे कोल मेरा वालिया" - [01:45] - 🎶 "आ लग जा गले दिलरुबा" - [05:46] - 🎶 "भूली दास्तां लो फिर याद आ गई, नजर के सामने घटा सी छा गई" - [13:50] - 🎶 "दो घूंट पिला दे साकिया, बाकी मेरे ते रोड़ दे" - [24:38] - 🎶 "तेरी जुल्फों से जुदाई तो नहीं मांगी थी, कैद मांगी थी रिहाई तो नहीं मांगी थी" - [23:25] - 🎶 "ताल मिले नदी के जल में, नदी मिले सागर में..." - [01:04:09] --- वीडियो के लिए शीर्षक (Titles) 1. सुखी जीवन कैसे जिएं? बाबा नानक के 3 जादुई सूत्र - किरत करो, नाम जपो, वंड छको 2. भगवान का नाम जपना समय की बर्बादी है! बाबाजी ने खोला कड़वा सच 3. कबीर के दोहे का असली मतलब: "दुख में सुमिरन सब करे..." 4. जागरण के नाम पर शोर: माता रानी भी हैं परेशान! बाबाजी का करारा व्यंग्य 5. परिवार में क्लेश क्यों होता है? माता-पिता की ये एक गलती है जिम्मेदार --- सामान्य हैशटैग्स (Hashtags) #BabaJiVijayVats #GuruNanak #LifeLessons #SpiritualAwakening #TrueDevotion #StopHypocrisy #KiratKaro #KabirDoha #InnerPeace #MeaningOfLife ---

    1h 7m
  2. 1D AGO

    22 feb 26 - भगवान ने ऐसी दुनिया बनाई ही क्यों? क्या भगवान 33 करोड़ देवताओं की पूजा से ईर्ष्या करता है?

    00:00 - शंकर दयाल शर्मा का प्रश्न: परमात्मा ऐसी सृष्टि बनाता ही क्यों है? (Shankar Dayal Sharma's question: Why does God create such a world?)02:18 - परमात्मा का जवाब: भोगने की इच्छा तुमने पैदा की है (God's reply: You created the desire to indulge)03:52 - पिछले दरवाजे से निकलने का विकल्प (Option to exit from the back door)08:37 - शंकर दयाल vs लाओत्से: शिकायत और रज़ा (Shankar Dayal vs Lao Tzu: Complaint and Acceptance)15:28 - ओल्ड टेस्टामेंट: 'आई एम ए जेलस गॉड' (Old Testament: 'I am a jealous God')21:30 - "राजी हैं हम उसी में जिसमें तेरी रज़ा है" (We are happy in whatever is Your will)28:03 - 33 करोड़ देवी-देवताओं की पूजा पर कटाक्ष (Satire on the worship of 33 crore gods)29:19 - रामकृष्ण परमहंस और तोतापुरी का प्रसंग: कल्पना की काली का सिर काटना (Anecdote of Ramakrishna Paramahamsa and Totapuri: Cutting the head of imaginary Kali)33:56 - बाबाजी का कच्चा धागा और 72 घंटे का जीवन (Baba Ji's raw thread and 72 hours of life)38:48 - "जांच मेनू आ गई गम खाण दी" - जीने का सलीका (Song: I have learned the art of swallowing sorrow) 🎶42:10 - "विधना तेरे लेख किसी के समझ ना आते हैं" (Song: Creator, no one understands your writings) 🎶45:23 - इश्क पे जोर नहीं: परमात्मा से प्रेम (No control over love: Love for God)51:00 - मोक्ष की सही परिभाषा (True definition of Salvation)55:32 - गुरु तेग बहादुर और माखन शाह लुबाणा की कहानी: "गुरु लाधो रे" (Story of Guru Tegh Bahadur and Makhan Shah Lubana: "Found the Guru")56:59 - "मधुबन में राधिका नाचे रे" - भीतर का आनंद (Song: Radhika dances in Madhuban) 🎶01:02:08 - "काहे रे बन खोजन जाई" - परमात्मा तो भीतर है (Song: Why go searching in the forest) 🎶

    1h 4m
  3. 21/2/26 - घटनाएं पूर्व निश्चित हैं तो संकट से कैसे बचें? बाबाजी की वो भविष्यवाणी जिससे जज भी कांप गए

    3D AGO

    21/2/26 - घटनाएं पूर्व निश्चित हैं तो संकट से कैसे बचें? बाबाजी की वो भविष्यवाणी जिससे जज भी कांप गए

    00:00 - क्या बाबाजी अपनी मृत्यु का समय जानते हैं? (Does Baba Ji know the time of his death?) 01:36 - एक जज और उनके परिवार की सच्ची कहानी (A true story of a Judge and his family) 06:00 - ज्योतिष विज्ञान की गहराई: बाबाजी की सटीक भविष्यवाणी (Depth of Astrology: Baba Ji's accurate prediction) 11:00 - टूटी टांग और शादी का फैसला: क्या हुआ आगे? (Broken leg and the decision of marriage: What happened next?) 16:05 - क्या शादी हुई या रिश्ता टूट गया? (Did the marriage happen or was it broken?) 19:04 - बाबाजी के भाई की मृत्यु की पूर्व भविष्यवाणी (Prediction of Baba Ji's brother's death) 24:00 - नियति (Destiny) बनाम कर्म (Karma): अगर सब तय है, तो हम स्वतंत्र कैसे? (Destiny vs Karma: If everything is fixed, how are we free?) 29:49 - महाभारत की कथा: लाक्षागृह और पांडवों का बचाव (Mahabharata story: Lakshagriha and the survival of the Pandavas) 36:00 - सहदेव की भविष्यवाणी और विदुर का रहस्यमयी इशारा (Sahadeva's prediction and Vidura's mysterious hint) 41:00 - चिंता करने से 'तीसरा नेत्र' (Third Eye) बंद हो जाता है (Worrying closes the 'Third Eye') 48:42 - कबीर के दोहे: अनहोनी और होनी का रहस्य (Kabir's couplet: The mystery of the inevitable and the impossible) 54:16 - अपनी जीवन की पतवार भगवान को सौंप दो (Hand over the steering wheel of your life to God) 57:37 - "मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है" - भजन (Bhajan: Everything is happening by your grace) 🎶 --- सारांश (Summary) इस वीडियो में बाबाजी साहब सिंह के प्रश्न का उत्तर देते हुए बताते हैं कि वे अपनी मृत्यु का समय जानते हैं। इसके बाद वे अपनी एक पुरानी सच्ची घटना सुनाते हैं जहाँ उन्होंने एक जज की बेटी के होने वाले पति के बारे में सटीक भविष्यवाणी की थी कि मंगनी के 6 दिन बाद उसकी टांग टूट जाएगी और शादी के बाद मृत्यु हो जाएगी। बाबाजी नियति (Destiny) और कर्म (Karma) के गहरे रहस्य पर प्रकाश डालते हैं कि जब सब कुछ पूर्व निर्धारित है, तो मनुष्य स्वतंत्र कैसे है। वे महाभारत के लाक्षागृह प्रसंग (जहाँ पांडव आग से बच निकलते हैं) का उदाहरण देकर समझाते हैं कि यद्यपि घटनाएँ तय होती हैं, लेकिन परमात्मा द्वारा दी गई 'बुद्धि' और 'ईश्वरीय कृपा' से मनुष्य अनहोनी को टाल सकता है। अंत में, बाबाजी संदेश देते हैं कि अपने जीवन की नाव की पतवार भगवान को सौंप देनी चाहिए, तभी जीवन सुखमय होता है। --- मुख्य विषय (Topics) * मृत्यु का पूर्व ज्ञान और ज्योतिष विज्ञान (Foresight of death and Astrological science) * नियति (Destiny) बनाम मनुष्य की स्वतंत्रता (Freedom of choice) * महाभारत: लाक्षागृह और पांडवों की रक्षा (Mahabharata: Lakshagriha and the survival of Pandavas) * तीसरे नेत्र (Third Eye) पर चिंता का प्रभाव (Effect of worry on the Third Eye) * कबीर के दर्शन में होनी और अनहोनी का रहस्य (Mystery of Destiny in Kabir's philosophy) * परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण (Total surrender to God) --- Shorts Style Topics - क्या कोई अपनी मौत का समय जान सकता है? बाबाजी का जवाब [00:00] ⏳💀 - बाबाजी की वो भविष्यवाणी जिससे जज भी कांप गए थे! [06:00] 😨🔮 - क्या सब कुछ पहले से तय है? तो हम कर्म क्यों करें? [24:00] 📜🤔 - महाभारत का वो सीक्रेट जिसने पांडवों को आग से बचाया [29:49] 🔥🛡️ - ज्यादा टेंशन लेने से आपका 'तीसरा नेत्र' बंद हो जाता है! [41:00] 👁️🚫 - अपनी जिंदगी का स्टेरिंग भगवान को सौंप कर देखो! [54:16] 🛞✨ --- Music Segments (Geet/Shayari) - 🎶 "अनहोनी होवे नहीं जो होनी सो होए, मूर्ख मनवा सोचकर फिर काहे को रोए" - कबीर दास जी का दोहा [48:51] - 🎶 "अनहोनी होकर रहे होनहार मिट जाए, ऐसे दीनानाथ को किस विधि कहूं बखाए" - [50:26] - 🎶 "मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है, करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है" - [57:37] --- सामान्य हैशटैग्स (Hashtags) #BabaJiVijayVats #DestinyVsKarma #AstrologyFacts #MahabharatStories #SpiritualWisdom #SurrenderToGod #InnerPeace #KabirDoha #ThirdEyeAwakening --- नाम हैशटैग्स (Name Hashtags) #BabaJi #Kabir #Krishna #Pandavas #Yudhishthir #Sahadeva #Vidura #Bhima

    1 hr
  4. 20 Feb 26 - क्या परमात्मा के ऊपर भी कोई परमात्मा है? 'समझना' बनाम 'पीना': आध्यात्म कोई विषय नहीं है

    4D AGO

    20 Feb 26 - क्या परमात्मा के ऊपर भी कोई परमात्मा है? 'समझना' बनाम 'पीना': आध्यात्म कोई विषय नहीं है

    00:00 - क्या परमात्मा से ऊपर भी कोई परमात्मा है? (Is there a God above God?)01:45 - बाबाजी का अपनी पत्नी के साथ मज़ाकिया वाकया (Baba Ji's funny incident with his wife)06:29 - 'समझना' बनाम 'पीना': आध्यात्म कोई विषय नहीं है ('Understanding' vs 'Drinking': Spirituality is not a subject)12:14 - बुद्ध का शून्यवाद: कोई परमात्मा नहीं है (Buddha's Voidism: There is no God)17:54 - "ज्योत निरंजन ओम ओंकार..." - नाम जपने पर कटाक्ष ("Jyot Niranjan Om Onkar..." - Satire on name chanting)24:38 - "दो घूंट पिला दे साकिया" - आध्यात्मिक रस (Song: Pour me two sips, O cupbearer) 🎶29:45 - ज्ञान नहीं, स्वयं को जानो (Not knowledge, know yourself)36:21 - "पलकों की गलियों में चेहरे बहारों के..." - गद्दियों का मोह (Song: Faces of spring in the alleys of eyelids - Attachment to thrones) 🎶40:22 - "मैं ये सोच कर उसके दर से उठा था..." - विरह गज़ल (Ghazal: I left his door thinking...) 🎶47:22 - "तारुफ रोग हो जाए तो उसको भूलना बेहतर..." - सूचनाओं का बोझ (Shayari: If familiarity becomes a disease, better to forget it) ✒️53:02 - संत कबीर: "गोधन, गजधन, बाजिधन... जब आवे संतोष धन" (Sant Kabir: When the wealth of contentment arrives...)55:37 - "आ लौट के आजा मेरे मीत..." - परमात्मा की पुकार (Song: Come back my friend - God's call) 🎶01:03:03 - मौत का डर और लकड़हारे की कहानी (Fear of death and the woodcutter's story)01:13:22 - "हुकम है अंदर सब को, बाहर हुकम न कोई" - गुरु नानक देव जी की वाणी (Guru Nanak: The command is inside everyone, no command outside)

    1h 17m
  5. 19 Feb 26 - असली तप क्या है? गुरु मान्यो ग्रंथ का सही अर्थ? शास्त्र और गुरु की भूमिका!! Must Watch

    5D AGO

    19 Feb 26 - असली तप क्या है? गुरु मान्यो ग्रंथ का सही अर्थ? शास्त्र और गुरु की भूमिका!! Must Watch

    00:00 - तप और तपश्चर्या क्या है? (What is Tap and Tapascharya?) 04:00 - मन और इंद्रियों का पक्षाघात (Paralysis of mind and senses) 09:58 - क्या शास्त्रों में परमात्मा होता है? (Is God in the scriptures?) 15:49 - देहधारी गुरु को मानना चाहिए या नहीं? (Should a living Guru be accepted or not?) 18:43 - 'गुरु मान्यो ग्रंथ' का असली अर्थ (True meaning of 'Guru Manyo Granth') 21:00 - पंच तत्वों का महत्व और सम्मान (Importance and respect of the five elements) 26:41 - देह से नहीं, गुरु के ज्ञान से नेह लगाओ (Don't attach to the body, attach to the Guru's knowledge) 34:10 - पदार्थों और शरीर का कृतज्ञ होना (Being grateful to elements and the body) 39:00 - जीव हत्या क्यों नहीं करनी चाहिए? (Why shouldn't we kill animals?) 46:00 - संत और शब्दों के ज्ञानी में अंतर (Difference between a Saint and a scholar of words) 50:30 - परमात्मा की स्वतंत्रता और जवाहरलाल नेहरू का किस्सा (God's freedom and Jawaharlal Nehru's anecdote) 55:28 - "मन मस्त हुआ फिर क्यों बोले" - कबीर का दोहा (Song: Mind is ecstatic, why speak now) 🎶 --- सारांश (Summary) इस वीडियो में बाबाजी ग्वालियर से पूछे गए तीन गहरे प्रश्नों के उत्तर देते हैं। वे समझाते हैं कि असली 'तप' शरीर को कष्ट देना नहीं, बल्कि मन और इंद्रियों को अपने वश में करना है। दूसरे प्रश्न पर वे कहते हैं कि शास्त्रों में परमात्मा नहीं, बल्कि परमात्मा तक पहुँचने का 'नक्शा' या फॉर्मूला होता है, और वे तब तक पूजनीय हैं जब तक मंजिल न मिल जाए। तीसरे प्रश्न पर बाबाजी स्पष्ट करते हैं कि देहधारी गुरु का शरीर (ढांचा) परमात्मा के प्रकटीकरण का साधन मात्र है, इसलिए शरीर से नहीं, बल्कि गुरु के भीतर बैठे ज्ञान से जुड़ना चाहिए। वे जीव हत्या का विरोध करते हैं और परमात्मा द्वारा दी गई असीम स्वतंत्रता (पाप करने की भी) का उदाहरण जवाहरलाल नेहरू के एक संस्मरण से देते हैं। अंत में, वे कबीर दास जी के भजन से मन के शांत और आनंदित होने का संदेश देते हैं। --- मुख्य विषय (Topics) * तप और तपश्चर्या की सही परिभाषा (True definition of Tap and Tapascharya) * शास्त्र और परमात्मा का संबंध: शास्त्र सिर्फ एक नक्शा हैं (Relationship between scriptures and God: Scriptures are just a map) * गुरु का भौतिक शरीर बनाम आध्यात्मिक तत्व (Physical body of the Guru vs Spiritual element) * 'गुरु मान्यो ग्रंथ' और पंच भौतिक शरीर का सम्मान (Significance of 'Guru Manyo Granth' and respecting the five elements) * जीव हत्या का ब्रह्मांडीय प्रभाव (Cosmic impact of animal killing) * परमात्मा की स्वतंत्रता बनाम सांसारिक तानाशाही (God's freedom vs Worldly dictatorship) --- Shorts Style Topics - असली तपस्या क्या है? उल्टे लटकना या मन को वश में करना? [00:00] 🧘‍♂️🧠 - क्या शास्त्रों में भगवान होते हैं? बाबाजी का करारा जवाब [09:58] 📖❌ - गुरु के शरीर की पूजा करनी चाहिए या नहीं? [15:49] 👤🙏 - भगवान हमें पाप करने से क्यों नहीं रोकता? [50:30] ⚖️🕊️ - जब मन को असली आनंद मिल जाता है, तो वो चुप क्यों हो जाता है? [55:28] 🤫✨ --- Music Segments (Geet/Shayari) - 🎶 "माला तो कर में फिरे, जीभ फिरे मुख माहि, मनवा तो चहुं दिस फिरे, यह तो सुमिरन नाहि" - कबीर दास जी का दोहा [08:00] - 🎶 "जिधर देखता हूँ उधर तू ही तू है, हर जर्रे में तू ही तो रूबरू है" - [24:46] - 🎶 "जन्म मरण का मेल है सपना, ये सपना बिसरा दे, कोई ना संग मरे रे..." - [29:14] - 🎶 "मरो हे जोगी मरो, मरण है मीठा, ऐसी मरनी मरो जिस मरनी मर गोरख डीठा" - [36:15] - 🎶 "हंसा पायो मान सरोवर, ताल तलैया क्यों डोले... मन मस्त हुआ फिर क्यों बोले" - [56:13] - 🎶 "हीरा पायो गांठ गठियायो, बार-बार वाको क्यों खोले" - [59:34] --- वीडियो के लिए शीर्षक (Titles) 1. असली तप क्या है? बाबाजी ने तोड़े सदियों पुराने भ्रम 2. क्या शास्त्रों में भगवान मिलते हैं? जानिए आध्यात्मिक सत्य 3. देहधारी गुरु: शरीर की पूजा करें या ज्ञान की? 4. जीव हत्या क्यों पाप है? ब्रह्मांड का एक गहरा रहस्य 5. "मन मस्त हुआ फिर क्यों बोले": परम शांति और आनंद का राज --- सामान्य हैशटैग्स (Hashtags) #BabaJiVijayVats #SpiritualWisdom #Tapasya #TrueGuru #ScripturesTruth #InnerPeace #KabirDoha #StopAnimalCruelty #SelfRealization --- नाम हैशटैग्स (Name Hashtags) #BabaJi #Kabir #Gorakhnath #JawaharlalNehru #GuruGobindSingh

    1h 1m
  6. 18 Feb 26 - आत्मा का भोजन क्या है? "मिठत नीवीं नानका" का गहरा आध्यात्मिक रहस्य!! Must Watch

    6D AGO

    18 Feb 26 - आत्मा का भोजन क्या है? "मिठत नीवीं नानका" का गहरा आध्यात्मिक रहस्य!! Must Watch

    00:00 - नाम जपने पर शक्ति खर्च करना व्यर्थ क्यों है? (Why wasting energy on chanting names is futile?) 01:45 - "तू मुझे याद रख मेहर वालिया" - गीत (Song: You remember me, O merciful one) 🎶 05:16 - आत्मा का भोजन क्या है? (What is the food of the soul?) 06:42 - "आ लग जा गले दिलरुबा" - आत्मा की पुकार (Song: Come embrace me, sweetheart) 🎶 10:09 - "मिठत नीवीं नानका गुण चंगाइयां तत" का असली अर्थ (True meaning of Baba Nanak's verse on sweetness and humility) 13:50 - "भूली दास्तां लो फिर याद आ गई" - गीत (Song: The forgotten story is remembered again) 🎶 15:16 - भगवान का कोई नाम नहीं होता, ये सब इंसानों के दिए हैं (God has no name, these are all given by humans) 18:45 - ब्रह्मचर्य का असली अर्थ क्या है? (What is the true meaning of Celibacy?) 22:13 - "दो घूंट पिला दे साकिया" - आध्यात्मिक रस (Song: Pour me two sips, O cupbearer) 🎶 26:06 - "कलियों ने घूंघट खोले" - गीत (Song: Buds have unveiled) 🎶 28:19 - नमाज़ का असली अर्थ 'नमन' है (The true meaning of Namaz is bowing down/surrender) 31:16 - बकरीद: अहंकार की बलि की जगह मासूमों की बलि (Bakrid: Sacrificing innocents instead of sacrificing ego) 32:50 - बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही उल्लू काफी है (Shayari: One owl is enough to ruin the garden) ✒️ 36:05 - जीवन में जो भी हो, उसे स्वीकार करें (Accept whatever happens in life) 37:27 - "ऐ खुदा हर फैसला तेरा मुझे मंजूर है" - गीत (Song: O God, every decision of yours is acceptable to me) 🎶 --- सारांश (Summary) इस वीडियो में बाबाजी स्पष्ट करते हैं कि परमात्मा को हमारे द्वारा जपे गए नामों या शब्दों की आवश्यकता नहीं है; यह केवल हमारी ऊर्जा का व्यर्थ खर्च है। वे समझाते हैं कि शरीर और मन का भोजन जैसे रोटी और नींद है, वैसे ही आत्मा का भोजन हम स्वयं (हमारा ध्यान) हैं। बाबाजी गुरु नानक देव जी की वाणी "मिठत नीवीं नानका गुण चंगाइयां तत" का गहरा अर्थ बताते हुए कहते हैं कि नम्रता और अहंकार शून्यता ही असली मिठास और आनंद है। वे नमाज़ और बकरीद जैसे त्योहारों के पीछे के वास्तविक आध्यात्मिक अर्थ (अहंकार को झुकाना और मारना) को समझाते हैं और आलोचना करते हैं कि आज धर्म केवल दिखावे और कर्मकांडों में सिमट कर रह गया है। अंत में, बाबाजी संदेश देते हैं कि जीवन की हर स्थिति को परमात्मा की इच्छा मानकर सहज भाव से स्वीकार करना ही असली ध्यान है। --- मुख्य विषय (Topics) * नाम जप और कर्मकांडों की निरर्थकता (Futility of chanting and rituals) * आत्मा का वास्तविक भोजन और आत्म-ज्ञान (True food of the soul and self-knowledge) * ब्रह्मचर्य का आध्यात्मिक अर्थ: ऊर्जा का संरक्षण (Spiritual meaning of Brahmacharya: Conservation of energy) * नमाज़ और बलि प्रथा का प्रतीकात्मक सत्य बनाम वर्तमान कर्मकांड (Symbolic truth of Namaz and sacrifice vs current rituals) * बाबा नानक की वाणी और नम्रता का महत्व (Baba Nanak's teachings and importance of humility) * ईश्वरीय रज़ा में राजी रहना (Acceptance of God's will) --- Shorts Style Topics - भगवान का नाम जपना क्यों व्यर्थ है? बाबाजी का करारा सच [00:00] 🚫📿 - तुम्हारी आत्मा हमेशा भूखी क्यों रहती है? जानो असली भोजन [05:16] 🧘‍♂️✨ - नमाज़ का असली मतलब नमन करना है, अहंकार बढ़ाना नहीं! [28:19] 🕌🙇‍♂️ - बकरीद में जानवर की नहीं, अहंकार की बलि देनी थी! [31:16] 🐐🗡️ - "ऐ खुदा तेरा हर फैसला मंजूर है" - सुखी जीवन का राज [37:27] 😌🎶 --- Music Segments (Geet/Shayari) - 🎶 "तू मुझे याद रख मेहर वालिया, सैयां रखीं चरण दे कोल मेरा वालिया" - [01:45] - 🎶 "आ लग जा गले दिलरुबा" - [06:42] - 🎶 "भूली दास्तां लो फिर याद आ गई, नजर के सामने घटा सी छा गई" - [13:50] - 🎶 "दो घूंट पिला दे साकिया, बाकी मेरे ते रोड़ दे" - [22:13] - 🎶 "कलियों ने घूंघट खोले, हर फूल पे भंवरा डोले" - [26:06] - ✒️ "बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही उल्लू काफी है, हर शाख पे उल्लू बैठा है अंजाम गुलिस्तां क्या होगा" - [32:50] (शायरी) - 🎶 "ऐ खुदा हर फैसला तेरा मुझे मंजूर है, सामने तेरे तेरा बंदा बहुत मजबूर है" - [37:27] --- सामान्य हैशटैग्स (Hashtags) #BabaJiVijayVats #SpiritualAwakening #TrueReligion #NamazMeaning #SelfRealization #Acceptance #InnerPeace #GuruNanak #SpiritualWisdom #BeyondRituals --- नाम हैशटैग्स (Name Hashtags) #BabaJi #GuruNanak #Meera #Kabir #Krishna #Buddha #Mahavira

    38 min
  7. 17 Feb 26 - ध्यान बार-बार क्यों भटकता है? अनहद नाद और सहज समाधि का रहस्य!!

    FEB 16

    17 Feb 26 - ध्यान बार-बार क्यों भटकता है? अनहद नाद और सहज समाधि का रहस्य!!

    00:00 - सहज योग क्या है? (What is Sahaja Yoga?) 01:30 - अनाहत नाद और सहज योग का संबंध (Connection between Anahad Naad and Sahaja Yoga) 03:00 - ध्यान और परिश्रम बनाम सहजता (Meditation and effort vs Spontaneity) 05:00 - बिना प्रयास अनहद नाद का प्रकटीकरण (Manifestation of Anahad Naad without effort) 08:00 - "सहज समाधि भली रे संतो" का अर्थ (Meaning of "Sahaj Samadhi Bhali Re Santo") 12:00 - नाद से वैराग्य की उत्पत्ति (Emergence of detachment from Naad) 16:00 - कृष्ण की बांसुरी और गोपियों का खिंचाव (Krishna's flute and the attraction of Gopis) 22:00 - मन का मित्र बनना और राम भजन का आनंद (Mind becoming a friend and the joy of Ram Bhajan) 28:00 - ध्यान का बार-बार फिसलना: कंकड़-पत्थर vs हीरे (Mind slipping repeatedly: Pebbles vs Diamonds) 31:00 - अभ्यास और वैराग्य: प्रेम का अवतरण (Practice and Detachment: Descent of Love) 36:00 - संसार एक स्वप्न की भांति (The world as a dream) 41:00 - मृत्यु के समय सब कुछ छोड़ जाना (Leaving everything behind at the time of death) --- सारांश (Summary) इस वीडियो में बाबाजी 'सहज योग' और 'सहज समाधि' के गहरे आध्यात्मिक अर्थ पर चर्चा करते हैं। वे समझाते हैं कि सहज योग वह है जहाँ आपको कोई परिश्रम नहीं करना पड़ता; यह परमात्मा की कृपा से स्वयं घटित होता है। बाबाजी अनहद नाद (भीतरी गूंज) को सहज योग का सबसे बड़ा प्रमाण बताते हैं। वे एक भक्त का प्रश्न लेते हैं जिसका ध्यान विपश्यना से हटकर बार-बार इस भीतरी नाद की ओर चला जाता है। बाबाजी कहते हैं कि मन स्वाभाविक रूप से उस ओर भागता है जहाँ उसे परम आनंद (हीरे) मिलता है, और सांसारिक ध्यान (कंकड़-पत्थर) छूट जाते हैं। वे समझाते हैं कि जब अनहद नाद गूंजने लगता है, तो संसार के प्रति वैराग्य स्वयं ही जन्म ले लेता है और संसार एक स्वप्न की तरह प्रतीत होने लगता है। --- मुख्य विषय (Topics) * सहज योग की परिभाषा और महत्ता (Definition and importance of Sahaja Yoga) * अनहद नाद: बिना प्रयास का ध्यान (Anahad Naad: Effortless meditation) * सांसारिक ध्यान पद्धतियों की सीमाएं (Limitations of worldly meditation techniques) * वैराग्य और संसार की नश्वरता (Detachment and the mortality of the world) * कृष्ण की बांसुरी का प्रतीकात्मक अर्थ (Symbolic meaning of Krishna's flute) * मन की एकाग्रता और आनंद की प्राप्ति (Concentration of mind and attainment of bliss) --- Shorts Style Topics - सहज योग क्या है? जो बिना मेहनत के मिल जाए! [00:00] 🧘‍♂️✨ - ध्यान बार-बार क्यों टूटता है? बाबाजी का गहरा जवाब [28:00] 🤔💭 - अनहद नाद: जब भीतर गूंजने लगे असली संगीत [05:00] 🎶👂 - कंकड़-पत्थर छोड़ो, असली हीरे (आनंद) को पकड़ो! [28:00] 💎🤲 - संसार एक सपना है: जाग जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा [36:00] 😴🌍 - कृष्ण की बांसुरी सुनकर गोपियां क्यों भागती थीं? असली रहस्य [16:00] 🪈🏃‍♀️ --- Music Segments (Geet/Shayari) - 🎶 "सहज समाधि भली रे संतो" - [08:30] - 🎶 "बाज आए इस मोहब्बत से तो उठा ले पानदान अपना" - [12:49] (शायरी/काव्य पंक्ति) - 🎶 "प्रेम न बाड़ी ऊपजै, प्रेम न हाट बिकाय, राजा परजा जेहि रुचै सीस देइ ले जाय" - कबीर दास जी का दोहा [18:13] - 🎶 "मन लाग्यो मेरो राम फकीरी में, जो सुख पाऊं राम भजन में..." - [22:52] - 🎶 "चल मनसा उस देश जहाँ पिया बसते" - [26:02] (भावार्थ) - 🎶 "बड़े शौक से सुन रहा था जमाना, हमीं सो गए दास्तां कहते-कहते" - [33:36] - 🎶 "ज्यों की त्यों धर दीनी चदरिया" - [40:32] --- वीडियो के लिए शीर्षक (Titles) 1. सहज योग क्या है? बिना प्रयास के परम आनंद कैसे पाएं? 2. ध्यान क्यों भटकता है? अनहद नाद और सहज समाधि का रहस्य 3. मन को कंट्रोल करने का सबसे आसान तरीका: सहज योग 4. कृष्ण की बांसुरी और गोपियों का प्रेम: एक गहरा आध्यात्मिक रहस्य 5. संसार एक सपना है: अनहद नाद से पाएं वैराग्य --- सामान्य हैशटैग्स (Hashtags) #BabaJiVijayVats #SahajaYoga #AnahadNaad #EffortlessMeditation #SpiritualAwakening #InnerPeace #SahajSamadhi #Detachment #MindControl #KabirDoha --- नाम हैशटैग्स (Name Hashtags) #BabaJi #Kabir #Krishna #Buddha #Mahavira #Chaitanya

    44 min

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