कैफ़ियत

Shilpa Kunwar

जनाब! मन को सुकून और दिलों में उतर जाने वाले नज़्म, शायरी व ग़ज़ल सुनने के लिए आपने बिल्कुल सही विकल्प चुना है। यूं तो लफ्ज़ होंगे कैफ़ी साहब के, लेकिन आवाज होगी हमारी। कैफ़ी उन चुनिंदा शायरों में से हैं जिन्होंने रूमानियत के साथ-साथ समाज को भी अपने अशआरों में लिखा। उनके लफ़्ज़ बेहद आसानी से समझ आ कर दिल में उतर जाते हैं। तो जुड़े रहिए और सुनते रहिए "कैफ़ियत"।

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जनाब! मन को सुकून और दिलों में उतर जाने वाले नज़्म, शायरी व ग़ज़ल सुनने के लिए आपने बिल्कुल सही विकल्प चुना है। यूं तो लफ्ज़ होंगे कैफ़ी साहब के, लेकिन आवाज होगी हमारी। कैफ़ी उन चुनिंदा शायरों में से हैं जिन्होंने रूमानियत के साथ-साथ समाज को भी अपने अशआरों में लिखा। उनके लफ़्ज़ बेहद आसानी से समझ आ कर दिल में उतर जाते हैं। तो जुड़े रहिए और सुनते रहिए "कैफ़ियत"।