एक कविता

Priya Shukla

कविता, शायरी, किताबें और कहानियां बस यही तो हैं इंसान की कमजोरियां। कभी किताबों में तो कभी फिल्मों में सुनते हैं सब आज कुछ पॉडकास्ट पर भी सुन लो मेरी कुछ गुस्ताखियां😎

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कविता, शायरी, किताबें और कहानियां बस यही तो हैं इंसान की कमजोरियां। कभी किताबों में तो कभी फिल्मों में सुनते हैं सब आज कुछ पॉडकास्ट पर भी सुन लो मेरी कुछ गुस्ताखियां😎