Vichar Bindu

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विचार बिन्दू सकारात्मकता की बात करता है, मानवता, नैतिक मूल्यों को बढ़ाबा देने की बात करता है, उसे हीं प्रचारित-प्रसारित करने की बात करता है. और इस दिशा में जो कुछ भी सहायक हो सकता है यथा साहित्य, जीवनी, विद्वानों- दार्शनिकों के उद्धरण, सफलता स्टोरी, देश-समाज से सम्बंधित लेख उन्हें हम प्रमुखता से प्रकाशित-प्रसारित करते हैं. हम संवाद की बात करते हैं. उन सभी वस्तुओं पर जिस पर संवाद की आवश्यकता है, हम संवाद करना चाहते हैं – संवाद के लिए वगैर किसी भेद-भाव लोगों को आमंत्रित करते हैं.

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  1. 05/09/2020

    इंशाजी बहूत दिन बीत चुके | कविता – इब्ने इंशा | स्वर – प्रवीण झा

    शेर मोहम्मद खान एक पाकिस्तानी शायर हुए. जो जालंधर में पैदा हुए और उनकी मृत्यु कराची पाकिस्तान में हुई. शेर मोहम्मद खान पंजाबी, हिंदी, उर्दू में  कविताएँ लिखते रहें हैं, गीत लिखते रहे, ट्रेवल ब्लॉग लिखते रहे और वो न्यूज पेपर काँलमनिस्ट भी थे. शेर मोहम्मद खान को लोग उनके नाम से नहीं बल्कि “इब्ने इंशा” के नाम से जानते हैं, जी वही ‘इब्ने इंशा’ जिनकी मशहूर नज्म है “कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तेरा, कुछ ने कहा ये चाँद है कुछ ने कहा चेहरा तेरा”  विचारबिंदु के पॉडकास्ट में सुनिए  इब्ने इंशा की एक कविता “इंशाजी बहूत दिन बीत चुके” सुनिए प्रवीण झा जी के स्वर में.

    इंशाजी बहूत दिन बीत चुके | कविता – इब्ने इंशा | स्वर – प्रवीण झा

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