Sach Honge Sare Sapne by Vikas Kumar

sach honge sare sapne

मैं हर रोज कुछ नया सीख कर अपने आप में सुधार करने की कोशिश कर रहा हूं और इस बंदी में अपना कुछ अक्लमंदी लगा के आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूं। मैंने इसी बंदी में ही अपने अंतरात्मा से बात की और अंतर्मन कि आवाज सुन कर लिखना और सुनाना शुरू किए हूं। जान लो अपने आप को, जो मिल न सका इस पहचान को। चलो कुछ सीखे इस बंदी में, वरना समय निकाला जाएगा आने वाला मंदी में।

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मैं हर रोज कुछ नया सीख कर अपने आप में सुधार करने की कोशिश कर रहा हूं और इस बंदी में अपना कुछ अक्लमंदी लगा के आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूं। मैंने इसी बंदी में ही अपने अंतरात्मा से बात की और अंतर्मन कि आवाज सुन कर लिखना और सुनाना शुरू किए हूं। जान लो अपने आप को, जो मिल न सका इस पहचान को। चलो कुछ सीखे इस बंदी में, वरना समय निकाला जाएगा आने वाला मंदी में।