New Bois Locker Room

Ashok Krishnan

पितृसत्ता क्या सिर्फ औरतों को सताती है? मर्द है तो औरतों को शुभकामनाएं देने के अलावा कुछ नहीं कर सकते? ज़िम्मेदारी सबकी बनती ह। मर्द को भी दर्द होना चाहिए जब Bois Locker Room जैसी घटना होती ह। इसीलिए तीन मर्दों ने सोचा - बात तो शुरू करनी चाहिए! आकाश उपासे की पहल, अशोक कृष्णन और मनोहर कबीर के सहयोग से - New Bois Locker Room एक बातचीत की शुरुवात है, जिसमे और लोग भी शामिल हो सकते ह। क्या आप भी ज़िम्मेदार महसूस करते है? तो सुनिए, शेयर कीजिये और जुड़िये इस प्रयास स।

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पितृसत्ता क्या सिर्फ औरतों को सताती है? मर्द है तो औरतों को शुभकामनाएं देने के अलावा कुछ नहीं कर सकते? ज़िम्मेदारी सबकी बनती ह। मर्द को भी दर्द होना चाहिए जब Bois Locker Room जैसी घटना होती ह। इसीलिए तीन मर्दों ने सोचा - बात तो शुरू करनी चाहिए! आकाश उपासे की पहल, अशोक कृष्णन और मनोहर कबीर के सहयोग से - New Bois Locker Room एक बातचीत की शुरुवात है, जिसमे और लोग भी शामिल हो सकते ह। क्या आप भी ज़िम्मेदार महसूस करते है? तो सुनिए, शेयर कीजिये और जुड़िये इस प्रयास स।