Motivational & Moral Hindi Short Stories

Munish Ahuja

Inspiring stories about spirituality, inner strength, inner peace, spiritual growth and the powers of the mind, taken from different newspapers and magazines. The stories show the power of thought in action, and speak about the spirit that is beyond the mind. These stories are meant to teach, inspire, and motivate. Subscribe | Share | Like | Comment

Episodes

  1. 12/08/2022

    1. सबसे प्यारा अपना घर (हर कहानी कुछ कहती है) Hindi Moral Story (नैतिक कहानियाँ) Spiritual TV

    हर कहानी कुछ कहती है "सबसे प्यारा अपना घर" वैसे तो सभी के पास कहने के लिए कोई कहानी होती है पर हर कोई अपनी कहानी नही कहता और वही कहानियाँ दुसरो के माध्यम से हम तक आकर कुछ कहती है। जी हाँ, 'हर कहानी कुछ कहती है', जब भी हम कोई कहानी सुनते है जिसमे हम खुद को पा जाते है या मानो लगता है ये कहानी हमसे हमारी ही कहानी कह रही हो। ऐसी ही कुछ कहानियाँ, जो कहीं न कहीं आपको खुद से मिलवाएगी और कुछ कहानियाँ वो जो आपसे कुछ कह जाएगी। हम- आप शायद खामोश भी रह जाए पर ये कहानियाँ बिन कहे बहुत कुछ कह जाती है, क्योंकि "हर कहानी कुछ कहती है"।   सबसे प्यारा अपना घर (हर कहानी कुछ कहती है) Hindi Moral Story (नैतिक कहानियाँ हिंदी में) Spiritual TV  #SpiritualTV #MoralStory #IndianStory #SpiritualStories #ReligiousStories

  2. 07/18/2021

    Sai Baba Ji ki Real Stories | श्री साईं कथा व लीला | 21 Real Stories

    Episodes 2 to 22 Real Stories of Sai Baba Ji श्री साईं बाबा के नाम से कोई विरला व्यक्ति ही होगा जो उनसे परिचित न हो| वे कलयुग के महान अवतार थे| उन्होंने किस देश, जाति, धार्मिक परिवार व कुल में जन्म लिया, यह कोई नहीं जानता| उनके पूर्वज कौन थे, उनके पिता व माता कौन थी, यह कोई नहीं जानता|  हेमातपंड ने साईं बाबा से उनके जीवन के विषय में जानने की इच्छा प्रगट की थी| पर उन्हें बाबा जी से कोई जानकारी नहीं मिल सकी| बाबा ने किसी को भी अपने विषय में नहीं बताया था| एक बार जब बाबा म्हालसापति के साथ एकांत में बैठे थे तो उन्होंने अपनी जन्म तिथि बताई| उन्होंने कागज के एक पुर्जे पर बाबा की जन्म तिथि लिख कर रख दी| वह कागज का पुर्जा हेमातपंड के हाथ लग गया| इसी पुर्जे के आधार पर वह बाबा की जीवनी लिखने लगे| पुर्जे के आधार पर बाबा का जन्म 27 सितम्बर 1838 ईस्वी को हुआ था| पर बाबा के जीवन की वास्तविकता को कोई नहीं जानता| शिरडी गाँव की वृद्धा जो नाना चोपदार की माँ थी उसके अनुसार एक युवा जो अत्यन्त सुन्दर नीम वृक्ष के नीचे समाधि में लीन दिखाई पड़ा| अति अल्प आयु में बालक को कठोर तपस्या में देख कर लोग आश्चर्य चकित थे| तपस्या में लीन बालक को सर्दी-गर्मी व वर्षा की जरा भी चिंता न थी| आत्मसंयमी बालक के दर्शन करने के लिए अपार जन समूह उमड़ने लगा| यह अदभुत बालक दिन में किसी का साथ नहीं करता था| उसे रात्रि के सुनसान वातावरण में कोई भय नहीं सताता था| “यह बालक कहाँ से आया था?” यह प्रश्न सबको व्याकुल कर देता था| दिखने में वह बालक बहुत सुन्दर था| जो उसे एक बार देख लेता उसे बार बार देखने की इच्छा होती| वे इस बात से हैरान थे कि यह सुन्दर रूपवान बालक दिन रात खुले आकाश के नीचे कैसे रहता है| वह प्रेम और वैराग्य की साक्षात् मूर्ति दिखाई पड़ते थे| उन्हें अपने मान अपमान की कभी चिंता नहीं सताती थी| वे साधारण मनुष्यों के साथ मिलकर रहते थे, न्रत्य देखते, गजल व कवाली सुनते हुए अपना सिर हिलाकर उनकी प्रशंसा भी करते| इतना सब कुछ होते हुए भी उनकी समाधि भंग न होती| जब दुनिया जागती थी तब वह सोते थे, जब दुनिया सोती थी तब वह जागते थे| बाबा ने स्वयं को कभी भगवान नहीं माना| वह प्रत्येक चमत्कार को भगवान का वरदान मानते| सुख – दुःख उनपर कोई प्रभाव न डालते थे| संतो का कार्य करने का ढंग अलग ही होता है| कहने को साईं बाबा एक जगह निवास करते थे पर उन्हें विश्व एक समस्त व्यवहारों व व्यापारों का पूर्ण ज्ञान था| Read More: https://spiritualworld.co.in/an-introduction-to-shirdi-wale-shri-sai-baba-ji-shri-sai-baba-ji-ka-jeevan/

    Sai Baba Ji ki Real Stories | श्री साईं कथा व लीला | 21 Real Stories

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