इज़हार-ए-ख़यालात

Sarita Tripathi

समाज का आईना : मेरी आवाज़, जो दीखती नहीं पर सुनाई देती है, और बयां करती है वह सच्चाई जो दीखता सब को है पर कोई उसपर बात नहीं करता।

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समाज का आईना : मेरी आवाज़, जो दीखती नहीं पर सुनाई देती है, और बयां करती है वह सच्चाई जो दीखता सब को है पर कोई उसपर बात नहीं करता।