
कलम की नोख
Sandeep Kumar
यह कविता हमारे समाज में खास कर शहरी समाज में विद्यमान उस वर्ग की दयनीय स्थिति को रेखांकित करती है, जिसे मार्क्सवाद ने सर्वहारा वर्ग और पूँजीपति में विभक्त किया है।
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- 4 Episodes
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यह कविता हमारे समाज में खास कर शहरी समाज में विद्यमान उस वर्ग की दयनीय स्थिति को रेखांकित करती है, जिसे मार्क्सवाद ने सर्वहारा वर्ग और पूँजीपति में विभक्त किया है।
Information
- CreatorSandeep Kumar
- Years Active2021
- Episodes4
- RatingClean
- Copyright© Sandeep Kumar
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