रिशता या जान पहचान

shreeja jhawar

कोई जाके भी नहीं जाता कोई होके भी नहीं होता यही कश्मकश है रिश्तों की कितना पास है फ़र्क़ नहीं पड़ता कितना गहरा है उसकी महत्ता है सिर्फ़ निभानी है या फिर उसे जीनी है एक अर्थहीन व्यवस्था नहीं है ये जीवन बल्कि एक सफ़र है सुखों और दुखों का हर अवस्था में साथ रहने का एक वादा है हर एक रिश्ता नहीं तो जान पहचान है केवल चाहे अपनो के लिबास में हो या ग़ैरों के अपनी चारों ओर नज़र फिराओ क्या केवल शोर इकट्ठा किया है तस्सलि के लिए या कुछ ख़ामोश एहसासात भी बटोरा है जीने के लिए ? #sidnaz #UntimelyDeath #SiddharthShukla Words came to me after reading the article on untimely death of Tv actor Siddharth Shukla

About

कोई जाके भी नहीं जाता कोई होके भी नहीं होता यही कश्मकश है रिश्तों की कितना पास है फ़र्क़ नहीं पड़ता कितना गहरा है उसकी महत्ता है सिर्फ़ निभानी है या फिर उसे जीनी है एक अर्थहीन व्यवस्था नहीं है ये जीवन बल्कि एक सफ़र है सुखों और दुखों का हर अवस्था में साथ रहने का एक वादा है हर एक रिश्ता नहीं तो जान पहचान है केवल चाहे अपनो के लिबास में हो या ग़ैरों के अपनी चारों ओर नज़र फिराओ क्या केवल शोर इकट्ठा किया है तस्सलि के लिए या कुछ ख़ामोश एहसासात भी बटोरा है जीने के लिए ? #sidnaz #UntimelyDeath #SiddharthShukla Words came to me after reading the article on untimely death of Tv actor Siddharth Shukla