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JAIN MEDIA is a media initiative to spread Facts, News, Stories, History, Lifestyle, Spirituality, Thought Process, Etc., about Jains & Jainism. Jai Jinshasan Jai Mahaveer

  1. 3d ago

    Sanmatitaraka Granth | 10000 Pages में ऐसा क्या था कि साधु भगवंत रो पड़े?

    Discovery Of 10,000 Pages 📄 Made Jain Sadhu's Weep 🤯 Shasan Samrat Pujya Nemisurishwarji MS's Incredible Creation! प्रणाम 🙏 कल्पना कीजिए… जिस अनमोल खजाने को हमेशा के लिए खोया हुआ मान लिया गया हो, वह अचानक आपकी आँखों के सामने आ जाए तो क्या होगा? कुछ ऐसा ही हुआ जब लगभग 10,000 पुराने कागज़ मिले और पूज्य साधु भगवंतों की आँखों से खुशी के आँसू बहने लगे। लेकिन यह खजाना सोने-चाँदी का नहीं था। यह था परम पूज्य शासनसम्राट श्री विजयनेमिसूरीश्वरजी महाराज साहेब की अद्भुत ज्ञान-संपदा का खजाना! इन पन्नों में ऐसा क्या था? महात्माओं ने इसे देखकर इतनी भावुक प्रतिक्रिया क्यों दी? और परम पूज्य शास्त्रनिष्ठ त्रैलोक्यमंडनविजयजी महाराज साहब ने इस ज्ञान-संपदा को सुरक्षित करने के लिए कैसी असाधारण मेहनत की? इस पूरी घटना के पीछे का रहस्य जानने के लिए यह वीडियो अंत तक अवश्य देखिए। जय जिनशासन 🙏🙏 जय महावीर 🙏🙏 #Jainism #JainHistory #JainGranth #JainAcharya #JainBook

    Sanmatitaraka Granth | 10000 Pages में ऐसा क्या था कि साधु भगवंत रो पड़े?
  2. Oct 19

    नमो अरिहंताणं का अर्थ क्या है? Namo Arihantanam's Meaning | Basics Of Jainism : Ep 02

    Why Does The Navkar Mantra Begin With Arihant Parmatma? 🤔📖 Read Here :https://jainmedia.in/basics-of-jainism/boj-2-namo-arihantanam/ हम जीवन में न जाने कितनी बार ‘नमो अरिहंताणं’ बोलते हैं… लेकिन क्या कभी सोचा है कि हम अरिहंत परमात्मा को नमस्कार क्यों करते हैं? आखिर हमारे नमस्कार से उन्हें क्या मिलता है? और अगर उन्हें कुछ भी नहीं चाहिए, तो फिर इस नमस्कार का वास्तविक उद्देश्य क्या है?इस एक पद के पीछे छिपा है एक ऐसा गहरा आध्यात्मिक संदेश, जो नमस्कार करने के हमारे पूरे दृष्टिकोण को बदल सकता है। आखिर अरिहंत कौन होते हैं? उन्हें सबसे पहले नमस्कार क्यों किया जाता है? और उनके गुणों का हमारे जीवन से क्या संबंध है? Basics of Jainism के Episode 02 में जानिए ‘नमो अरिहंताणं’ का वह अद्भुत अर्थ, जिसे समझने के बाद शायद हमारा अगला नमस्कार पहले जैसा न रहे!🙏 जय जिनशासन 🙏🙏🙏 जय महावीर 🙏🙏#NavkarMantra #NamoArihantanam #Jainism #JainPrayer #JainMedia

    नमो अरिहंताणं का अर्थ क्या है? Namo Arihantanam's Meaning | Basics Of Jainism : Ep 02
  3. Oct 14

    What Makes The Navkar Mahamantra So Special? Basics Of Jainism : Ep 01

    One Mantra. 68 Letters. Ocean Full Of Knowledge : The Hidden Power Of Namaskar Mahamantra 🙏 Read Here : https://jainmedia.in/basics-of-jainism/boj-1-navkar-mantra/ नवकार महामंत्र... एक ऐसा मंत्र जो बचपन से सिखाया जाता है, जीवनभर गिना जाता है और अंतिम समय में भी सुनाया जाता है। लेकिन एक प्रश्न है कि जिसे हम इतनी बार बोलते हैं, उसके वास्तविक महत्त्व को कितना समझते हैं? आखिर चौदह पूर्व क्या हैं? उनका नवकार महामंत्र से क्या संबंध है? नवकार महामंत्र को चौदह पूर्व का सार क्यों कहा जाता है? नमोकार महामंत्र के सिर्फ 68 अक्षरों में ऐसा क्या विशेष है? Basics Of Jainism के इस Episode में हम एक-एक करके 7 ऐसे Points समझेंगे, जिनसे नवकार महामंत्र का वास्तविक महत्त्व सामने आएगा। जय जिनशासन 🙏🙏 जय महावीर 🙏🙏 #NavkarMantra #NamokarMantra #Jainism #JainPrayer #JainMedia

    What Makes The Navkar Mahamantra So Special? Basics Of Jainism : Ep 01
  4. Sep 30

    Pregnant After Diksha? 🤯 : The Untold Story of Mahasati Sujyeshtha

    She Was Judged For A Mistake She Never Commited! 🤯 Bharhesar Sajjhay's Mahasati Sujyeshtha's Untold Story 🙏🏻 प्रणाम 🙏🏻 एक राजकुमारी जिसने संसार छोड़कर दीक्षा स्वीकार की और फिर उसके जीवन में घटी एक ऐसी घटना, जिसने साध्वीजी भगवंतों तक को चौंका दिया था। महासती सुज्येष्ठा पर ऐसा गंभीर आरोप लगा जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी लेकिन जब वास्तविकता सामने आई, तो पूरी कहानी ही पलट गई और आगे उनके पुत्र सत्यकी के जीवन में जो हुआ, वह ज्ञान, संस्कार, कर्म और जीवन की दिशा को लेकर कई गहरे प्रश्न खड़े करता है। आखिर दीक्षा के बाद महासती सुज्येष्ठा के साथ ऐसा क्या हुआ था? और 11 अंगों का ज्ञान पाने के बाद भी महासती के पुत्र का अंत इतना भयानक क्यों था? आइए जानते हैं भरहेसर सज्झाय की महासती सुज्येष्ठा की यह असाधारण और विचार करने पर मजबूर कर देने वाली कथा के माध्यम से। जय जिनशासन 🙏🙏 जय महावीर 🙏🙏 #MahasatiSujyeshtha #JainStories #Jainism #BhagwanMahavir #JainHistory #JainMedia

    Pregnant After Diksha? 🤯 : The Untold Story of Mahasati Sujyeshtha
  5. Sep 22

    दोनों Kidneys Fail.. फिर भी धर्म की ऐसी लगन 🤯

    Jain Sadhviji's Tremendous Courage At The Time Of Critical Illness Left Everyone Speechless! 🙏🏻 प्रणाम 🙏 मृत्यु निश्चित है, लेकिन मृत्यु के समय "हमारा मन कैसा होगा?" यह शायद उस क्षण तय नहीं होता। दोनों Kidneys Fail होने और गंभीर शारीरिक परिस्थिति के बावजूद भी एक साध्वीजी भगवंत ने अपने अंतिम दिनों में जो जागृति दिखाई, उसने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। उनकी दिनचर्या में ऐसा क्या था? इतनी पीड़ा के बीच भी साध्वीजी भगवंत का समाधिभाव कैसे बना रहा? और इस घटना से हमें अपने आज के जीवन के बारे में क्या सीखना चाहिए? आइए जानते हैं "धन धन मुनिवरा" Series के इस Episode के माध्यम से! यह घटना सुनकर हर कोई कहेगा "Dhan Dhan Munivara" जय जिनशासन 🙏🙏 जय महावीर 🙏🙏 #jainism #jaindharm #jainsadhvi #motivation #positive

    दोनों Kidneys Fail.. फिर भी धर्म की ऐसी लगन 🤯
  6. Sep 19

    Every Jain Sadhu Is Allowed to Have Attachment to This! Updeshmala Granth : Episode 32

    The Secret Of Raag (Attachment) 🤫 🙏🏻 वीतराग बनने से पहले इस राग का होना क्यों ज़रूरी है? 🤔 Presenting, Updeshmala Granth Series : Episode 32 🚨 प्रणाम 🙏🏻 भोजन अच्छा हो, वस्त्र आकर्षक हों, उपाश्रय सुंदर हो या रास्ते में मनमोहक प्रकृति दिखाई दे - एक जैन साधु को इनमें राग करने का अधिकार नहीं है। लेकिन उपदेशमाला ग्रन्थ की इस गाथा में एक ऐसी चीज़ बताई गई है जिसमें साधु को राग करने का अधिकार है। सवाल यह है कि जब अंतिम लक्ष्य वीतराग बनना ही है, तो फिर किसी भी प्रकार का राग क्यों करना? इसका उत्तर जितना सरल है, उतना ही गहरा भी। जानिए उपदेशमाला ग्रंथ के Episode 32 में। जय जिनशासन 🙏🏻🙏🏻 जय महावीर 🙏🏻🙏🏻 #Jainism #JainDharma #JainMonk #Updeshmala #JainPhilosophy #JainTeachings

    Every Jain Sadhu Is Allowed to Have Attachment to This! Updeshmala Granth : Episode 32
  7. Aug 31

    बेटे ने कहा - “ये मेरा बाप नहीं!” फिर ज़िंदगी ने ऐसा हिसाब किया! 🤯

    Why Did This Son Refuse to Recognize His Own Father? 🤔 Open Book Exam Of Books Written By Pujya Panyas Shri Chandrashekhar Vijayji MS 📖✒️ Get The Book Set Here 👇 Website : www.jaingyan.org Contact Information : Ritesh Jaroli - 88788 75550 Uttam Bhai - 81077 01550 प्रणाम 🙏🏻 कहते हैं, दुनिया की हर दौलत दोबारा कमाई जा सकती है… लेकिन माता-पिता के दिल से निकली दुआ हर किसी के नसीब में नहीं होती। लेकिन क्या हो जब एक संतान सफलता की ऊँचाइयों पर पहुँचकर उन्हीं माता-पिता को भूल जाए, जिन्होंने उसे वहाँ तक पहुँचाने के लिए अपना सब कुछ लगा दिया? क्या माता-पिता का आशीर्वाद सच में हमारी सफलता से जुड़ा है? और अगर उनका दिल दुख जाए, तो क्या उसकी भरपाई कभी हो सकती है?तो आइए जानते हैं पूज्यपाद आचार्यसम पंन्यास प्रवर श्री चंद्रशेखरविजयजी म.सा. द्वारा लिखित "परिवार में स्नेहभाव" पुस्तक में बताई गई एक परिवार की चौंका देने वाली घटना और एक अद्भुत प्रसंग के माध्यम से जानिए माता-पिता का आशीर्वाद आखिर इतना जरूरी क्यों है? जय जिनशासन 🙏🏻🙏🏻 जय महावीर 🙏🏻🙏🏻 #ParentsBlessings #RespectParents #Jainism #ChandraShekharVijayji #JainStories #LifeLessons

    बेटे ने कहा - “ये मेरा बाप नहीं!” फिर ज़िंदगी ने ऐसा हिसाब किया! 🤯

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