Shiv Puran Katha in Hindi

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शिव पुराण सभी पुराणों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण व सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली पुराणों में से एक है। भगवान शिव के विविध रूपों, अवतारों, ज्योतिर्लिंगों, भक्तों और भक्ति का विशद् वर्णन किया गया है।इसमें शिव के कल्याणकारी स्वरूप का तात्त्विक विवेचन, रहस्य, महिमा और उपासना का विस्तृत वर्णन है। शिव पुराण में शिव को पंचदेवों में प्रधान अनादि सिद्ध परमेश्वर के रूप में स्वीकार किया गया है। शिव-महिमा, लीला-कथाओं के अतिरिक्त इसमें पूजा-पद्धति, अनेक ज्ञानप्रद आख्यान और शिक्षाप्रद कथाओं का सुन्दर संयोजन है। इसमें भगवान शिव के भव्यतम व्यक्तित्व का गुणगान किया गया है। शिव- जो स्वयंभू हैं, शाश्वत हैं,

  1. पार्वती-शिव का दार्शनिक संवाद | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 13

    2D AGO

    पार्वती-शिव का दार्शनिक संवाद | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 13

    यह अध्याय शिव पुराण के उस अत्यंत भावपूर्ण प्रसंग का वर्णन करता है जहाँ देवी पार्वती भगवान शिव की कठोर तपस्या, सेवा और भक्ति द्वारा उनके हृदय को जीत लेती हैं। देवताओं के कल्याण हेतु पार्वती-शिव का दिव्य संयोग आवश्यक था, क्योंकि तारकासुर के वध के लिए शिव के तेजस्वी पुत्र का जन्म होना था। इस अध्याय में पार्वती की निष्ठा, कामदेव का भस्म होना, शिव की समाधि, और अंततः देवी पार्वती की तपस्या की सिद्धि का अत्यंत प्रेरणादायक वर्णन मिलता है। यह कथा भक्ति, त्याग, धैर्य और शिव-शक्ति के दिव्य रहस्य को प्रकट करती है। seo शिव पुराण कथा, पार्वती तपस्या, शिव पार्वती विवाह कथा, महादेव कथा, शिव शक्ति संयोग, तारकासुर वध कथा, देवी पार्वती भक्ति, शिव पुराण अध्याय, सनातन धर्म कथा, शिव भक्ति कथा

    7 min
  2. शिव पुराण - पार्वती को सेवा में रखने के लिए हिमालय का शिव को मनाना | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 12

    12/28/2025

    शिव पुराण - पार्वती को सेवा में रखने के लिए हिमालय का शिव को मनाना | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 12

    बारहवें अध्याय में हिमालय द्वारा भगवान शिव को पार्वती की सेवा के लिए मनाने की पवित्र कथा सुनाई गई है। इस प्रसंग में हिमालय का भक्तिभाव, शिवजी की तपस्या, और पार्वती की महाशक्ति का गूढ़ स्वरूप उजागर होता है। कथा बताती है कि क्यों शिवजी तपस्वियों के लिए स्त्री–संग को बाधक मानते हैं, और कैसे हिमालय अपने दलित हृदय से शिवजी से विनती करते हैं। यह अध्याय भक्ति, तप, विरक्ति, शिव–पार्वती संबंधों और हिमालय के उच्च आदर्शों का दिव्य समन्वय प्रस्तुत करता है। शिव पुराण की इस अद्भुत कथा में दिव्य ज्ञान, धर्म, तपस्या और शिव–भक्ति का अद्वितीय संगम है। शिव पुराण कथा, बारहवाँ अध्याय, पार्वती सेवा कथा, हिमालय शिव संवाद, शिव पार्वती कहानी, शिवजी तपस्या कथा, शिवपुराण हिंदी में, पार्वती जन्म कथा, पार्वती तपस्या, भगवान शिव कथा, शिव महापुराण अध्याय 12 Shiv Puran Katha, Parvati Story, Himalayan King, Lord Shiva Tapasya, Parvati Seva, Shiv Parvati Dialogue, Bhagwan Shiv Katha, Hindi Devotional Podcast, Mythology Story Hindi, Spiritual Stories India #शिवपुराण #शिवकथा #पार्वतीकथा #हिमालयराजा #भगवानशिव #शिवतपस्या #पार्वतीसेवा #धार्मिककहानियाँ #हिन्दूमायथोलॉजी #आध्यात्मिककथा #शिवभक्ति

    4 min
  3. शिव पुराण - भगवान शिव की गंगावतरण तीर्थ में तपस्या | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 11

    12/22/2025

    शिव पुराण - भगवान शिव की गंगावतरण तीर्थ में तपस्या | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 11

    भगवान शिव की गंगावतरण तीर्थ में तपस्या से जुड़ी इस पवित्र कथा में हिमालय पुत्री पार्वती, गिरिराज हिमालय और देवाधिदेव महादेव के दिव्य मिलन का अद्भुत वर्णन मिलता है। जब महादेव ने पार्वती के जन्म का समाचार सुना, तब उन्होंने गंगोत्री के पावन स्थल पर एकांत में कठोर तप करने का निश्चय किया। इस अध्याय में शिवजी की एकाग्रचित्त साधना, हिमालय द्वारा की गई भक्ति-पूजा, देवताओं की उपस्थितियाँ और गंगा के उद्गम स्थान का महात्म्य स्पष्ट रूप से प्रतिपादित है। यह कथा न केवल शिव-भक्ति की महानता दर्शाती है, बल्कि पार्वती के भविष्य में होने वाले शुभ विवाह की नींव भी रखती है। गंगा, तपस्या, हिमालय और शिव की साधना—इन सभी का आध्यात्मिक संगम इस अध्याय को अत्यंत पावन और प्रेरणादायी बनाता है। भगवान शिव की तपस्या गंगावतरण कथा हिमालय और शिव संवाद शिव पार्वती की कथा गंगा उद्गम स्थल गंगोत्री की पौराणिक कथा शिव पुराण अध्याय देवाधिदेव महादेव पार्वती जन्म कथा शिव तपस्या वर्णन गंगा का महत्व

    5 min
  4. शिव पुराण - भौम जन्म | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 10

    12/14/2025

    शिव पुराण - भौम जन्म | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 10

    “शिव पुराण के दसवें अध्याय ‘भोम्-जन्म’ में वर्णित कथा भगवान शिव के तप, समाधि, सती-वियोग, दिव्य शिशु ‘भोम्’ के जन्म और पृथ्वी माता द्वारा उसके पालन-पोषण की अद्भुत लीला को प्रकट करती है। इस अध्याय में शिव के अत्यंत पावन यश, उनके ध्यान, असंख्य वर्षों की समाधि, उनके मस्तक से गिरे पसीने से बालक भोम् का प्रकट होना और फिर उस दिव्य बालक का काशी जाकर कठोर तपस्या से भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का वर्णन है। यह कथा शिव-भक्तों, पुराण प्रेमियों, हिंदू धर्मग्रंथों के पाठकों और अध्यात्म में रुचि रखने वालों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। भोम्-जन्म अध्याय शिव की करुणा, शक्ति और अनंत लीला का अनूठा उदाहरण है।” भोम् जन्म कथा शिव पुराण दसवां अध्याय भोम् का जन्म कैसे हुआ भगवान शिव और भोम् शिव पुराण कथा हिंदी में सती-वियोग के बाद शिव की कथा शिव की समाधि की कहानी पृथ्वी माता और भोम् शिव के पसीने से जन्मा बालक भोम् की तपस्या और काशी भोम् दिव्यलोक कथा #ShivPuran #BhoomJanm #ShivKatha #SanatanDharma #HinduPuran #ShivBhakti #Mahadev #KailashParvat #DeviSati #DhartiMata #ShivaStory #SpiritualIndia #PuranKatha #Hinduism #ShivShakti #MythologyIndia #SanatanStories #DevKathayen #MahadevKiLeela #BhaktiYatra

    4 min
  5. शिव पुराण – पार्वती का स्वप्न | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 9

    12/07/2025

    शिव पुराण – पार्वती का स्वप्न | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 9

    “नवां अध्याय — पार्वती का स्वप्न” शिव पुराण का अत्यंत पवित्र अध्याय है, जिसमें देवी पार्वती के दिव्य जन्म, उनके भविष्य के संकेत, भगवान शिव से विवाह के पूर्व के शुभ स्वप्न और माता मैना-हिमालय की भावनाओं का दिव्य वर्णन मिलता है। इस अध्याय में बताया गया है कि देवी पार्वती को ब्रह्ममुहूर्त में एक अद्भुत स्वप्न प्राप्त होता है जिसमें एक तपस्वी ब्राह्मण (भगवान शिव का ही स्वरूप) उन्हें उनके भविष्य—‘शिवप्राणवल्लभा’ बनने का वरदान देते हैं। माता मैना और राजा हिमालय अपने-अपने स्वप्नों की व्याख्या एक-दूसरे से साझा करते हैं और पार्वती को शिव की तपस्या करने के लिए प्रेरित करते हैं। यह अध्याय शिव-पार्वती प्रेम, भक्ति, तपस्या और दिव्य भविष्यवाणी को उजागर करता है। शिव पुराण पढ़ने वालों, भक्तों, अध्यात्म प्रेमियों और पुराणकथाओं के शोधकर्ताओं के लिए यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक है। पार्वती का स्वप्न कथा शिव पुराण नवां अध्याय पार्वती का सपना शिव पुराण माता पार्वती की तपस्या भगवान शिव पार्वती विवाह कथा मैना हिमालय संवाद शिव पार्वती प्रेम कथा शिवपुराण पार्वती अध्याय ब्रह्ममुहूर्त स्वप्न कथा देवी पार्वती जन्म और तपस्या ✅ SEO Keywords (High-Rank Keywords)

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  6. शिव पुराण - मैना–हिमालय संवाद | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 8

    12/01/2025

    शिव पुराण - मैना–हिमालय संवाद | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 8

    “शिव पुराण” के आठवें अध्याय में माता मैना और हिमालय के बीच हुआ दिव्य संवाद दर्शाया गया है, जिसमें माता मैना अपनी पुत्री पार्वती के भविष्य और विवाह को लेकर चिंतित होती हैं। देवर्षि नारद की बातों को याद करते हुए वे हिमालय से पार्वती के लिए एक सुयोग्य, शुभ लक्षणों वाले वर की खोज करने का आग्रह करती हैं। हिमालय उन्हें सांत्वना देते हुए बताते हैं कि यदि पार्वती को सच्चा सुख पाना है, तो उन्हें भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए तपस्या करनी होगी। वे समझाते हैं कि भगवान शंकर सदैव कल्याणकारी हैं, और यदि वे प्रसन्न हो जाएं तो स्वयं पार्वती का पाणिग्रहण करेंगे। यह अध्याय भक्ति, तपस्या, मातृत्व, दिव्य भाग्य और शंकर-पार्वती के पवित्र मिलन की भूमिका को अत्यंत सुंदर रूप से प्रकट करता है। शिव पुराण, मैना हिमालय संवाद, पार्वती विवाह कथा, नारद मुनि भविष्यवाणी, शिव पार्वती कथा, देव कथा, हिन्दू धर्म ग्रंथ, देवी पार्वती तपस्या, भगवान शिव कृपा, शिव विवाह कथा #शिवपुराण #पार्वतीकाजन्म #मैना #हिमालय #शिवपार्वती #नारदमुनि #शिवकथा #देवीकथा #सनातनधर्म #हिन्दूग्रंथ शिव पुराण अध्याय, पार्वती विवाह कथा, मैना हिमालय संवाद, नारद मुनि भविष्य, शिव पार्वती मिलन, पार्वती तपस्या, भगवान शिव कृपा, हिन्दू पौराणिक कथा, देवी पार्वती नामकरण, शिव पुराण हिंदी

    3 min
  7. शिव पुराण - पार्वती का नामकरण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 7

    11/23/2025

    शिव पुराण - पार्वती का नामकरण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 7

    शिव पुराण का यह अध्याय देवी पार्वती के जन्म, नामकरण और भगवान शिव से उनके दिव्य संबंध की कथा को विस्तारपूर्वक वर्णित करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे देवी जगदंबिका ने हिमालय और मैना के घर जन्म लेकर पार्वती के रूप में अवतार लिया। बाल्यकाल में पार्वती अत्यंत सुंदर, तेजस्वी और गुणों से युक्त थीं, जिससे हिमालय और मैना अत्यंत प्रसन्न थे। नारद मुनि ने हिमालय को भविष्यवाणी दी कि पार्वती का विवाह स्वयं भगवान शिव से होगा। इस कथा में सती के पुनर्जन्म की दिव्य लीला का भी उल्लेख है, जिसमें पार्वती को अपने पूर्व जन्म की स्मृति प्राप्त होती है। भगवान शिव और पार्वती का प्रेम अलौकिक, शाश्वत और ब्रह्मांड के संतुलन का प्रतीक बताया गया है। नारद मुनि के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि सच्चा प्रेम और तपस्या ही ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग है। यह अध्याय शिव-पार्वती के पुनर्मिलन की कथा के रूप में भक्ति, प्रेम और त्याग का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। SEO Keywords (30):शिव पुराण, पार्वती नामकरण, देवी पार्वती कथा, भगवान शिव विवाह, सती का पुनर्जन्म, नारद मुनि संवाद, हिमालय की पुत्री, मैना देवी, शिव पार्वती प्रेम कथा, शिव तपस्या, पार्वती तपस्या, शिव विवाह कथा, भारतीय पुराण, हिन्दू ग्रंथ, धार्मिक कथा, शिव शक्ति कथा, सती पार्वती, गिरिराज हिमालय, नारद जी, देवी जगदंबा, शिव पार्वती मिलन, शिव कथा, पार्वती का जन्म, पार्वती की बाल्यकथा, देवी पार्वती की कहानी, भगवान शंकर, शिव शक्ति प्रेम, हिन्दू धर्म कथा, पुराणों की कहानियां, शिव पुराण अध्याय। Hashtags (10):#ShivPuran #ParvatiKatha #ShivParvati #HinduMythology #SatiRebirth #NaradMuni #ShivShakti #HimalayaPutri #DivineLove #IndianScriptures

    8 min
  8. शिव पुराण – पार्वती जन्म | श्रीरुद्र संहिता - तृतीय खंड | अध्याय 6

    11/16/2025

    शिव पुराण – पार्वती जन्म | श्रीरुद्र संहिता - तृतीय खंड | अध्याय 6

    “शिव पुराण – छठा अध्याय: पार्वती जन्म” में वर्णन है कि किस प्रकार देवी जगदंबा ने हिमालय और मैना के घर जन्म लेकर माता पार्वती का दिव्य अवतार धारण किया।भगवती ने पहले हिमालय के हृदय में प्रवेश किया और फिर मैना के गर्भ से जन्म लिया। उनके जन्म के समय पूरा ब्रह्मांड प्रकाशमय हो गया — मंद-मंद हवा चलने लगी, पुष्पवृष्टि होने लगी और सभी देवता हिमालय के घर दर्शन हेतु आए।देवी ने अपने दिव्य स्वरूप में माता मैना को दर्शन दिए और कहा — “मैं पृथ्वी पर भगवान शिव को पुनः अपना पति बनाऊंगी और जगत का उद्धार करूंगी।”यह अध्याय माँ पार्वती के जन्म, उनके दिव्य रूप, तथा उनके भविष्य के उद्देश्य की कथा का विस्तार से वर्णन करता है — जिसमें भक्ति, मातृत्व और सृष्टि के संतुलन का अद्भुत संगम है। SEO कीवर्ड्स शिव पुराण पार्वती जन्म कथा, देवी पार्वती का जन्म कैसे हुआ, हिमालय की पुत्री पार्वती, माता मैना और पार्वती कथा, शिव पुराण छठा अध्याय, देवी जगदंबा अवतार कथा, पार्वती अवतार की कहानी, शिव पार्वती की कथा, हिमवान की पुत्री पार्वती जन्म, पार्वती माता का जन्म दिवस, पार्वती जन्म पर्व, पार्वती जन्म का महत्व, पार्वती और शिव विवाह कथा, माँ पार्वती अवतार रहस्य, माता पार्वती की उत्पत्ति, शिव पुराण की कहानियाँ, हिंदू धर्म की पौराणिक कथाएँ, पार्वती जन्म के समय के चमत्कार, माता जगदंबा के अवतार, देवी शक्ति की कथा शिव पुराण, पार्वती जन्म, देवी पार्वती, हिमालय की पुत्री, माता मैना, भगवान शिव, शिव-पार्वती कथा, देवी जगदंबा, हिन्दू ग्रंथ, पार्वती अवतार, शक्ति की कथा, देवी कथा, पार्वती जन्म पर्व, हिन्दू पौराणिक कथा, धर्मग्रंथ, शिव महिमा, पार्वती लीला #शिवपुराण #पार्वतीजन्म #देवीपार्वती #माताजगदंबा #हिमालयकीपुत्री #मैनादेवी #भगवानशिव #शिवपार्वती #हिंदूधर्म #पौराणिककथाएं #शक्तिकथा #देवीमहिमा #शिवपुराणकथा #देवीजन्म #पार्वतीअवतार #शिवमहिमा #धार्मिकज्ञान #हिंदूमिथक #शक्तिपूजा #पार्वतीमाता

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शिव पुराण सभी पुराणों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण व सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली पुराणों में से एक है। भगवान शिव के विविध रूपों, अवतारों, ज्योतिर्लिंगों, भक्तों और भक्ति का विशद् वर्णन किया गया है।इसमें शिव के कल्याणकारी स्वरूप का तात्त्विक विवेचन, रहस्य, महिमा और उपासना का विस्तृत वर्णन है। शिव पुराण में शिव को पंचदेवों में प्रधान अनादि सिद्ध परमेश्वर के रूप में स्वीकार किया गया है। शिव-महिमा, लीला-कथाओं के अतिरिक्त इसमें पूजा-पद्धति, अनेक ज्ञानप्रद आख्यान और शिक्षाप्रद कथाओं का सुन्दर संयोजन है। इसमें भगवान शिव के भव्यतम व्यक्तित्व का गुणगान किया गया है। शिव- जो स्वयंभू हैं, शाश्वत हैं,

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