Padhaku Nitin - World Affairs Podcast

From power struggles between nations to behind-the-scenes diplomacy, from global conflicts to secret alliances – Padhaku Nitin is now diving deep into the world of International Relations. In this new avatar, we decode the biggest geopolitical events, foreign policy strategies, war rooms, summits, and silent standoffs - all in simple, relatable language with historical context and sharp analysis. Whether it’s the US-China rivalry, India’s global position, West Asia conflicts, nuclear diplomacy, or the politics of the UN - we bring you insights that go beyond the headlines. देशों के बीच सत्ता की खींचतान से लेकर पर्दे के पीछे होने वाली डिप्लोमसी तक, ग्लोबल टकराव से लेकर गुप्त गठबंधनों तक - पढ़ाकू नितिन ने बदला है रूप और इतिहास के साथ उतर आया है अंतरराष्ट्रीय संबंधों की दुनिया में. इस नए अवतार में हम दुनिया की सबसे बड़ी जियोपॉलिटिकल घटनाओं, विदेश नीति की रणनीतियों, वॉर रूम की चर्चाओं, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और देशों के बीच चलने वाली नोंक-झोंक को आसान भाषा में समझाते हैं. चाहे बात हो अमेरिका-चीन की टक्कर की, दुनिया में भारत की भूमिका की, पश्चिम एशिया के संघर्षों की, परमाणु कूटनीति की या फिर संयुक्त राष्ट्र की राजनीति की. यहां आपको सिर्फ खबर नहीं, बल्कि खबर के पीछे की असली कहानी मिलेगी.

  1. Iran US की किस्मत अगले 60 दिन में पलटने वाली है?: Padhaku Nitin World Affairs

    4d ago

    Iran US की किस्मत अगले 60 दिन में पलटने वाली है?: Padhaku Nitin World Affairs

    Thesaurus Dictionary जानते हैं आप? वही डिक्शनरी जिसमें एक शब्द के कई पर्यायवाची यानी synonyms लिखे होते हैं। लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप के पास भी ऐसी ही कोई Thesaurus Dictionary है, और उसमें दर्ज है कि Diplomacy का पर्याय Deal है। 15 जून 2026 को ट्रंप ने Truth Social पर लिखा— "सुनो, सुनो, सुनो! ईरान के साथ डील हो गई है। होर्मुज़ खुल रहा है। ले आओ अपने जहाज़।" इसके बाद से दुनिया भर के बाज़ारों में उत्साह दिखाई दे रहा है। भारत का शेयर बाज़ार भी अगले दिन क़रीब एक प्रतिशत तक उछला। जो लोग इस बात से परेशान थे कि कहीं तेल की सप्लाई प्रभावित न हो जाए, उन्हें भी राहत मिली। और राहत हमें इसलिए भी है कि दुनिया के अलग-अलग कोनों में चल रही जंगों में से कम-से-कम एक संघर्ष अब ख़त्म होने की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। डिप्लोमेसी की दुनिया में अक्सर युद्ध के बाद समझौते होते हैं। लेकिन अगर थोड़ी दूरी से देखा जाए, तो हर समझौते के पीछे एक सवाल छिपा रहता है— आख़िर जीता कौन और हारा कौन? किस पक्ष को क्या हासिल हुआ? इस डील में किन-किन मुद्दों पर विभिन्न पक्षों ने अपने रुख़ बदले? और कौन-से ऐसे सवाल हैं जो अब भी अनसुलझे हैं? ये सब तभी समझ में आएगा, जब सवाल किए जाएँगे। तो Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में आज हम यही करने वाले हैं। हमारे साथ मौजूद हैं आपके चहेते Prof. Mohsin Raza Khan। Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Aman Pal

    56 min
  2. Bangladesh में क्रांति अभी बाकी है? Sheikh Hasina का Comeback plan क्या है? : Padhaku Nitin World Affairs

    Jun 9

    Bangladesh में क्रांति अभी बाकी है? Sheikh Hasina का Comeback plan क्या है? : Padhaku Nitin World Affairs

    फरवरी और मई. ये दोनों महीने भारत और बांग्लादेश के रिश्तों के लिए बड़े अहम हैं. क्यों? क्योंकि फरवरी में पूरे डेढ़ साल की अंतरिम सरकार के बाद बांग्लादेश में चुनाव हुए और सत्ता संभाली BNP के तारिक रहमान ने. तब हमने इसपर पॉडकास्ट भी किया. आपने देखा भी होगा. अब मई में बंगाल में चुनाव हुए और 15 साल से सत्ता संभाले बैठी TMC बाहर हुई और सत्ता में आई BJP. अब ये इतनी बड़ी बात इसलिए है क्योंकि बांग्लादेश और भारत का पश्चिम बंगाल आपस में 2,217 KM का बॉर्डर शेयर करते हैं. बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में पानी का बंटवारा भी एक बड़ा मुद्दा है. बांग्लादेश की तरफ़ से होने वाली Illegal घुसपैठ एक बड़ा मुद्दा है. साथ ही बांग्लादेश में Hindu Minorities के साथ जो भी घटा वो एक चिंता का विषय का सबके लिए. और अब बॉर्डर के इस तरफ़ जो सरकार आई है वो जानी जाती है हिंदुवादी होने के लिए. तो Padhaku Nitin World Affairs में ये ज़रूरी हो जाता है कि रुक कर बात की जाए. समझा जाए कि भारत-बांग्लादेश के बीच क्या घट रहा है? क्या रुक रहा है? दोनों तरफ़ सेंटिमेंट्स क्या है? कुछ Water Agreements, कुछ Border Fencing. कई सारे पहलू हैं. समझेंगे सब आज के मेहमान से Professor Sanjay Bhardwaj से. बांग्लादेश से जुड़े Water Sharing के मुद्दे पर इनका बेहतरीन काम है. वहां पढ़े भी हैं. फिलहाल पढ़ाते हैं JNU के Centre of South Asian Studies में Professor और Chairperson दोनों हैं. Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Rohan Bharti

    1h 14m
  3. Trump हैं चेहरा, लेकिन पीछे से जारी है इन 4 लोगों का खेल: Padhaku Nitin World Affairs

    Jun 2

    Trump हैं चेहरा, लेकिन पीछे से जारी है इन 4 लोगों का खेल: Padhaku Nitin World Affairs

    Donald Trump, JD Vance, Marco Rubio, Kash Patel और Pete Hegseth कैसे बने अमेरिका की नई पावर टीम? जानिए Trump Administration के 'Four Horsemen' की पूरी कहानी। अमेरिका के राजनीतिक इतिहास में पहली बार कुछ ऐसा हो रहा है जिसे 'Unprecedented' कहना भी कम होगा। व्हाइट हाउस अब किसी अनुभवी टेक्नोक्रेट या पॉलिसी वेटरन के हाथ में नहीं, बल्कि उन लोगों के हाथ में है जिनकी सबसे बड़ी पहचान 'ट्रम्पिज्म' (Trumpism) के प्रति उनकी वफादारी है। इन्हें कहा जा रहा है ट्रम्प के '4 Horsemen'— Pete Hegseth, JD Vance, Marco Rubio, और Kash Patel. ये चार नाम आज वॉशिंगटन के उस पावर इकोसिस्टम के केंद्र में हैं, जो दुनिया के किसी भी कोने में हलचल मचाने की ताकत रखते हैं। लेकिन ये यहाँ तक पहुँचे कैसे? क्या ये सिर्फ एक इत्तेफाक है या किसी सोची-समझी स्क्रिप्ट का हिस्सा? 'पढ़ाकू नितिन' के इस खास एपिसोड में हम डिकोड करेंगे इन चारों किरदारों के 'Character Arcs' और उनकी दिलचस्प कहानियाँ। साथ ही, हमारे साथ स्टूडियो में मौजूद हैं सीनियर जर्नलिस्ट रोहित शर्मा, जो वॉशिंगटन की गलियों और अमेरिकी राजनीति की गहरी समझ रखते हैं। रोहित हाल ही में मार्को रूबियो का इंटरव्यू भी कर चुके हैं और आज हमें बताएंगे इस नए अमेरिकी पावर सेंटर की अंदरूनी खबरें। सुनिए 'World Affairs' का यह बेहद जरूरी और जानकारी से भरपूर एपिसोड। Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Aman Pal

    1h 8m
  4. Rubio का Damage Control दौरा, Putin का Xi को Piano प्रणाम और Trump की चिढ़! : Padhaku Nitin World Affairs

    May 26

    Rubio का Damage Control दौरा, Putin का Xi को Piano प्रणाम और Trump की चिढ़! : Padhaku Nitin World Affairs

    19 मई से 26 मई 2026 का हफ्ता शीत युद्ध के बाद की दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से अहम हफ्तों में से एक साबित हो सकता है। वजह ये नहीं कि किसी एक घटना ने दुनिया बदल दी, बल्कि इसलिए क्योंकि एक ही समय पर हुई दो बड़ी घटनाओं ने दुनिया में उभरते नए शक्ति संतुलन को बहुत साफ तरीके से दिखा दिया। एक तरफ — 26 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio नई दिल्ली पहुंचे, जहां क्वाड देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इस समूह में अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इस बैठक का मकसद था इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका की मौजूदगी और उसके गठबंधनों को मजबूत दिखाना। अमेरिका इसे “फ्री, ओपन और मजबूत इंडो-पैसिफिक” की रणनीति कहता है। दूसरी तरफ — Vladimir Putin ने 20 मई 2026 को अपनी दो दिन की चीन यात्रा खत्म की। यह उनकी 25वीं चीन यात्रा थी, और शायद अब तक की सबसे अहम यात्रा भी। इस दौरान रूस और चीन के बीच 40 से ज्यादा समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। दो बड़े संयुक्त बयान जारी किए गए। एक में “बहुध्रुवीय दुनिया” यानी Multipolar World और नए तरह के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बात हुई। दूसरे में 2030 तक रूस-चीन की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का ऐलान किया गया। इस यात्रा के दौरान पुतिन ने निजी मुलाकात में Xi Jinping के लिए पियानो भी बजाया। वहीं शी जिनपिंग ने दोस्ती पर आधारित 2000 साल पुरानी चीनी कहावत का जिक्र किया। लेकिन सार्वजनिक तौर पर दोनों नेताओं ने अमेरिका की “एकतरफा दबदबे वाली नीति” यानी unilateral hegemony की खुलकर आलोचना की। ये सिर्फ आम कूटनीतिक मुलाकातें नहीं थीं। समझिए क्यों? Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में प्रोफेसर मोहसिन रज़ा ख़ान से. Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Aman Pal

    1h 6m
  5. China में पढ़ी Expert से सुनिए Trump के चीन दौरे की कहानी : Padhaku Nitin World Affairs

    May 19

    China में पढ़ी Expert से सुनिए Trump के चीन दौरे की कहानी : Padhaku Nitin World Affairs

    दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है — ये वाक्य आपने कई दफ़ा सुना होगा। लेकिन क्या दुश्मन के दोस्त से बातचीत रखने में भी कोई फायदा होता है? ये सवाल शायद हम सबको मिलकर ट्रंप से पूछना चाहिए। इस वक़्त अमेरिकी राष्ट्रपति युद्ध के माहौल में घिरे हुए हैं — ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच। और इसी दौरान, वो 43 घंटों के लिए चीन पहुंचे। 13 मई को बीजिंग पहुंचे, राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात की, शिखर वार्ता में हिस्सा लिया, Xi Jinping के घर पर डिनर किया और फिर वापस लौट आए। लेकिन ट्रंप और जिनपिंग की इस मुलाकात में आखिर क्या बातें हुईं? इस बैठक से निकला क्या? इसे लेकर दुनिया भर के एक्सपर्ट्स और थिंक टैंक लगातार चर्चा कर रहे हैं। लोगों में जिज्ञासा है कि क्या ट्रंप के चीन दौरे का West Asia में चल रहे तनाव पर कोई असर पड़ेगा? क्या दुनिया जिस तेल संकट की आशंका से गुजर रही है, उससे उबर पाएगी? सवाल कई हैं। और इन सवालों के जवाब देने के लिए हमारे साथ जुड़ी हैं एक ऐसी एक्सपर्ट, जो सालों से US-China रिश्तों पर लिखती रही हैं। वो चीन भी जा चुकी हैं, चीनी भाषा जानती हैं, वहां के थिंक टैंक्स और मीडिया — दोनों पर गहरी नज़र रखती हैं। कहा जा रहा है कि इस मीटिंग में ईरान के अलावा ताइवान पर भी चर्चा हुई। हमारी मेहमान ताइवान भी जा चुकी हैं। हमारे साथ हैं Indian Think Tank Observer Research Foundation में फेलो के तौर पर जुड़ीं अंतरा घोषाल सिंह। इससे पहले वो पत्रकार रह चुकी हैं और MP-IDSA (Manohar Parrikar Institute for Defence Studies and Analyses) के साथ भी काम कर चुकी हैं। Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Aman Pal

    1h 8m
  6. नेपाल में क्रांति से सत्ता तक बालेन शाह का असली गेम प्लान क्या है?: Padhaku Nitin World Affairs

    May 13

    नेपाल में क्रांति से सत्ता तक बालेन शाह का असली गेम प्लान क्या है?: Padhaku Nitin World Affairs

    नेपाल की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त हलचल है. 1991 के बाद पहली बार भारी बहुमत से बनी सरकार के सामने चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सड़कों पर पनपी क्रांति से उपजे बालेन शाह आखिर क्या चाहते हैं? क्या भारत और नेपाल के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने वाला है? 'पढ़ाकू नितिन World Affairs' के इस खास एपिसोड में हम किसी भारतीय एक्सपर्ट से नहीं, बल्कि सीधे 'ग्राउंड ज़ीरो' से हकीकत जान रहे हैं. हमारे साथ जुड़े हैं नेपाल के पत्रकार और लेखक बिराट अनुपम (Birat Anupam), जो 'The Diplomat' जैसे बड़े संस्थानों के लिए नेपाल की डिप्लोमेसी पर लिखते हैं. वे बताएंगे कि बालेन शाह ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और सर्जियो गोर जैसे दिग्गजों से मिलने से मना क्यों किया? क्या नेपाल का विरोध पत्र दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट घोलेगा? सुनिए पूरा एपिसोड. Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Suraj Singh

    1h 6m
  7. Balen Shah को क्यों हुई Kailash Mansarovar Yatra 2026 से दिक्कत! : Padhaku Nitin World Affairs

    May 5

    Balen Shah को क्यों हुई Kailash Mansarovar Yatra 2026 से दिक्कत! : Padhaku Nitin World Affairs

    आपको Love Triangles पसंद हैं? अरे होता है न फिल्मों या कहानियों में कि दो लोगों को एक से प्यार हो जाता है. ऐसे में लिखने वालों और देखने वालों को मज़ा ही इसलिए आता है कि Complexities इतनी बढ़ जाती हैं. दो लोग कंपीट कर रहे हैं अपना प्यार प्रूव करने के लिए. Geopolitics में भी कई बार Love Triangles देखने को मिलते हैं. ज़्यादा दूर न जाइए पड़ोस में ही चलते हैं. भारत-नेपाल-चीन के बीच का Dynamic भी पिछले कई सालों से कुछ कुछ ऐसा ही रहा था. भारत और चीन दोनों नेपाल की दोस्ती चाहते रहे हैं. उसके लिए कंपीट करते रहे हैं. कभी Economically या कभी Diplomatically भी. वो भी इस हद तक कि जब भी नेपाल में कोई नई सरकार बनती थी तो इंडियन मीडिया में सबसे बड़ा सवाल यही गूंजा करता था कि नेपाल का नया पीएम प्रो चाइना है या प्रो इंडिया. लेकिन हाल के कुछ महीनों में कहानी पलटने लगी है. अब नेपाल का खुद का एक अलग सा कैरेक्टर Arch चालू है. पहले GenZ Protest. पुराने नेताओं को पीट पीटकर देश से भगाए जाना. फिर बालेन शाह के तौर पर एक नए नेता का भारी बहुमत से सत्ता में आना. और फिर 40 दिन की सत्ता में ही बालेन कैबिनेट से दो नेताओं का इस्तीफ़ा. वो नेपाल जो Diplomatically सबसे मिलता था, बात करता था. उसके सुर इतने बदले कि Balen Shah ने नेपाल पहुंचे American Ambassador Sergio Gor से मिलना तक ज़रूरी नहीं समझा. सब कुछ बहुत तेज़ी से बदल रहा है. ये नया नेपाल, पहचानने में ही नहीं आ रहा. लेकिन फिर भी बालेन शाह को समझने की. नए नेपाल की Foreign Policy समझने की कोशिशें जारी हैं. ये पॉडकास्ट भी वैसी ही कोशिश है, पसंदीदा मेहमान Prof. K उर्फ़ Professor मोहसिन रज़ा के साथ. एपिसोड पूरा सुनिए, शेयर कीजिए Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Aman Pal

    1h 5m
  8. बालेन शाह का इंडिया कनेक्शन, तूफानों से घिरा नेपाल और चीन की चिंता: Padhaku Nitin World Affairs

    Apr 28

    बालेन शाह का इंडिया कनेक्शन, तूफानों से घिरा नेपाल और चीन की चिंता: Padhaku Nitin World Affairs

    एक अमेरिकन अफ्रीकन एक्टिविस्ट थे फ्रेड हैंपटन. हैंपटन ने कहा था कि You can kill a revolutionary but you can never kill a revolution. यानि आप क्रांतिकारी को तो ख़त्म कर सकते हैं. क्रांति को नहीं. आपको याद होगा 2025 सितंबर में भारत के पड़ोसी देश नेपाल में एक बहुत बड़ी क्रांति हुई. जो किसी ऐसी आंधी की तरह थी कि सरकार का पूरा सिस्टम ही उड़ा ही ले गई थी. इस आंधी का नाम था GenZ क्रांति. और इस आंधी-तूफ़ान के बाद अब मालूम होता है कि मौसम साफ़ हो चुका है. एक नई सरकार गठित हो चुकी है. GenZ के नेता Balen Shah अब वहां के प्रधानमंत्री भी बन चुके हैं. लेकिन क्या ये शांति वाकई अच्छे मौसम की निशानी है या बादल दोबारा घूम कर तूफ़ान बनने की ओर लौट रहे हैं ये कहना अभी मुश्किल है. Balen Shah, बहुत एक्टिव तो नज़र आ रहे हैं. 100 Point Program लाए वो जिसमें वो कह रहे हैं कि Bureaucrats का पॉलिटिक्स में आना पूरी तरह रोक देंगे. Judicial System को और पारदर्शी बनाएंगे. यानि वही बात कि Revolution जारी है. लेकिन दूसरी तरफ़ बालेन शाह की पार्टी में खुद भी करप्शन के निशान दिख रहे हैं. तो इस एपिसोड में बात नेपाल और Balen Shah पर ही. समझेंगे Balen Shah का India को लेकर विज़न क्या है? वो कैसा नेपाल चाहते हैं? नेपाल के साथ भारत के रिश्ते कैसे चाहते हैं? ये सब समझिए South Asian University में International Relation पढ़ाने वाले Dhananjay Tripathi से. Border Studies पर इनका Specialised काम है. प्रड्यूसर : मानव देव रावत साउंड मिक्सिंग : रोहन भारती वीडियो एडिटर : आशीष रावत

    59 min

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From power struggles between nations to behind-the-scenes diplomacy, from global conflicts to secret alliances – Padhaku Nitin is now diving deep into the world of International Relations. In this new avatar, we decode the biggest geopolitical events, foreign policy strategies, war rooms, summits, and silent standoffs - all in simple, relatable language with historical context and sharp analysis. Whether it’s the US-China rivalry, India’s global position, West Asia conflicts, nuclear diplomacy, or the politics of the UN - we bring you insights that go beyond the headlines. देशों के बीच सत्ता की खींचतान से लेकर पर्दे के पीछे होने वाली डिप्लोमसी तक, ग्लोबल टकराव से लेकर गुप्त गठबंधनों तक - पढ़ाकू नितिन ने बदला है रूप और इतिहास के साथ उतर आया है अंतरराष्ट्रीय संबंधों की दुनिया में. इस नए अवतार में हम दुनिया की सबसे बड़ी जियोपॉलिटिकल घटनाओं, विदेश नीति की रणनीतियों, वॉर रूम की चर्चाओं, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और देशों के बीच चलने वाली नोंक-झोंक को आसान भाषा में समझाते हैं. चाहे बात हो अमेरिका-चीन की टक्कर की, दुनिया में भारत की भूमिका की, पश्चिम एशिया के संघर्षों की, परमाणु कूटनीति की या फिर संयुक्त राष्ट्र की राजनीति की. यहां आपको सिर्फ खबर नहीं, बल्कि खबर के पीछे की असली कहानी मिलेगी.

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