Zaat

uru

आज भी जाती वाद से सम्मान, प्रेम जैसे बहूमूल्य जैसी भावनाओं को ठेस पहुनचीं है।इसे रोके।

حول

आज भी जाती वाद से सम्मान, प्रेम जैसे बहूमूल्य जैसी भावनाओं को ठेस पहुनचीं है।इसे रोके।