Swarajya

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भारत एक ऐसा देश है। जहाँ समय-समय पर विदेशी आक्रांताओ ने उसे अपने अधीन किया। विदेशी आक्रांताओ के शिकंजे से भारतमाता को निकलने के लिए भारत माँ के कई महान वीर सपूतों ने अपनी जान की बाज़ी तक लगा दी। भारत देश को गुलामी से आज़ाद करने के लिए और स्वराज्य को आगे बढ़ाने के लिए कई मराठो ने हसंते-हसंते वीरगति प्राप्त कर ली। वो कौन थे वीर मराठे ? जानते है, स्वराज्य के इन एपिसोड्स में।

Выпуски

  1. 01.09.2022

    Ep. 06 Swabhimaan Ki Raksha

    खुद को मजबूत और स्वराज्य को आगे बढ़ाने के लिए शिवाजी महाराज ने जयसिंह के साथ पुरंदर की संधि की बात मान ली और उनकी शर्तों को स्वीकार कर लिया। जिसके बाद औरंगज़ेब के कहने पर जयसिंह ने शिवाजी को उन्हें उनके पुत्र के साथ आगरा जाने का आग्रह भी किया,किन्तु शिवाजी ने आगरा जाना अस्वीकार कर दिया। जिसके बाद औरंगजेब ने शिवाजी को मानाने के लिए शाही कपड़े, तोहफे और 1 लाख रूपये भी भिजवाए। तो आखिर इस पत्र का शिवाजी पर क्या प्रभाव पड़ेगा। क्या शिवाजी औरंगज़ेब से मिलने जायेगे या नहीं और आखिर क्यों शिवाजी सभी शर्तों को मान गए थे आखिर क्या चल रहा था दोनों के दिमाग में । ये सब हम जानेगे हमारे अगले एपिसोड में।

    20 мин.
  2. 01.09.2022

    Ep. 07 Kutumb Sahyog

    मर्दुभाषी औरंगज़ेब की बातों से प्रभावित होकर शिवाजी आगरा आ तो गए, किन्तु दरबार में शिवाजी के साथ जो हुआ उससे वह बिना इजाज़त के मुग़ल दरबार से बाहर चले गए। रामसिंह शिवाजी को दोबारा दरबार में ला पाने में नाकाम हो गए थे। इससे औरंगज़ेब तमतमा उठा था। दरबार के चारो और सन्नाटा था। तभी मुगल दरबार में एक ज़ोरदार हसी गुजने लगी। आखिर वो कौन था। जिसने इस शांति को भांग किया था। क्या वो शिवाजी थे या कोई और। इसके साथ साथ ये भी जानना दिलचस्प होगा कि औरंगज़ेब अपनी ना फ़रमानी का बदला शिवाजी से कैसे लेगा। क्योंकि शिवाजी अब औरंगज़ेब की गिरफ्त में ही थे। आगे क्या होगा ये कहानी कौन सा मोड़ लेगी जानेगे हम अगले एपिसोड में।

    19 мин.
  3. 28.07.2022

    Ep. 01 Pratigya

    भारत एक ऐसा देश है। जहाँ समय-समय पर विदेशी आक्रांताओ ने उसे अपने अधीन किया। विदेशी आक्रांताओ के शिकंजे से भारतमाता को निकलने के लिए भारत माँ के कई महान वीर सपूतों ने अपनी जान की बाज़ी तक लगा दी। उन्हीं महान वीर सपूतो में छत्रपति शिवाजी भी थे। जिन्होंने बचपन से ही माता जीजाबाई से सीख लिया था कि उन्हें भारत देश को गुलामी से आज़ाद करना है जिसके लिए उन्होंने स्वराज्य की स्थापना अपने बाल अवस्था में ही कर दी थी। जिसके बाद शिवाजी ने अपने बचपन में ही कई ऐसे कदम उठाये , जिससे उन्हें स्वराज्य यात्रा में मदद मिलती रही। आख़िर ऐसे कौन से कदम शिवाजी ने उठाये और किन लोगो की मदद ली इस यात्रा में ? ये हम जानेगे इस एपिसोड में।

    18 мин.

Об этом подкасте

भारत एक ऐसा देश है। जहाँ समय-समय पर विदेशी आक्रांताओ ने उसे अपने अधीन किया। विदेशी आक्रांताओ के शिकंजे से भारतमाता को निकलने के लिए भारत माँ के कई महान वीर सपूतों ने अपनी जान की बाज़ी तक लगा दी। भारत देश को गुलामी से आज़ाद करने के लिए और स्वराज्य को आगे बढ़ाने के लिए कई मराठो ने हसंते-हसंते वीरगति प्राप्त कर ली। वो कौन थे वीर मराठे ? जानते है, स्वराज्य के इन एपिसोड्स में।