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हफ्ते भर के समाचार का समावेश|
संचालन: अतुल चौरसिया
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हफ्ते भर के समाचार का समावेश|
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    एनएल चर्चा 100: जेपी नड्डा, सीएए, दिल्ली विधानसभा चुनाव और अन्य

    एनएल चर्चा 100: जेपी नड्डा, सीएए, दिल्ली विधानसभा चुनाव और अन्य

    न्यूज़लॉन्ड्री चर्चा पॉडकास्ट का यह 100 वां संस्करण है. चर्चा को प्यार देने के लिए सभी श्रोताओं को शुक्रिया. न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करें और गर्व से कहें- ‘मेरे खर्च पर आज़ाद हैं ख़बरें.’

    चर्चा के 100 वें संस्करण में वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ख़ास मेहमान रहे. इसके अलावा इस हफ़्ते की चर्चा में हिंदी साहित्यकार वंदना राग और न्यूज़लॉन्ड्री के मेघनाद शामिल रहे. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.

    न्यूज़लॉन्ड्री चर्चा के इस 100 वें संस्करण में बीजेपी के नए अध्यक्ष जेपी नड्डा की ताजपोशी और उनके आने के बाद पार्टी में आने वाले संभावित बदलावों, दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन के दौरान अरविन्द केजरीवाल को हुई परेशानी, दिल्ली पुलिस को दिल्ली के गवर्नर द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दिया गया गिरफ्तारी का विशेषाधिकार, बीजेपी की लखनऊ में हुई रैली में अमित शाह का सीएए की वापसी के संबंध में बरकरार अड़ियल रवैया, जेएनयू के सर्वर रूम में मारपीट के संबंध में आरटीआई के तहत मिली चौंकाने वाली जानकारी और निर्भया मामले में वकील इंदिरा जयसिंह के बयान पर मचे बवाल आदि पर चर्चा हुई.

    • 1 hr 5 min
    एनएल चर्चा 94: सीएए, एनआरसी, नागरिकता और अन्य

    एनएल चर्चा 94: सीएए, एनआरसी, नागरिकता और अन्य

    चर्चा के 94 वें संस्करण में बातचीत मुख्यत: नागरिकता कानून संशोधन अधिनियम के इर्द-गिर्द घूमती रही. इस कानून को लेकर पूरे देश में विरोध की स्थिति पैदा हो गई है. विश्वविद्यालयों में विरोध चल रहा है. शहरों में विरोध चल रहे हैं. इसे अलावा दिल्ली के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन और आगजनी की घटनाएं हुई हैं. जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस द्वारा छात्रों पर जबर्दस्त बल प्रयोग की घटना सामने आई. इसी तरह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी पुलिस के बल प्रयोग की बात सामने आई है. असम में जहां से इस कानून की विरोध की शुरुआत हुई थी और पूर्वोतर के अन्य राज्यों में विरोध का सुर धीरे धीरे कम होने लगा है. लेकिन देश के दूसरे हिस्से में विरोध तेज हो गया है. ज्यादातर जगहों पर आंदोलन अहिंसक रहे है लेकिन कुछ जगहों से हिंसा की खबरें भी सामने आई हैं.

    इस सप्ताह चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम और न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.

    अजीत अंजुम के साथ चर्चा की शुरुआत करते अतुल ने पूछा कि सरकार ये सफाई दे रही है कि नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी ये दोनों अलग अलग चीजें है. विपक्षी इसको एक साथ मिलाकर लोगों को भरमा रहे हैं. आपकी का राय है? सरकार जो कह रही है वो सही है या इसकी आड़ में सरकार कुछ छुपा रही है?

    इस पर अजीत अंजुम ने कहा, “एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून अलग-अलग तो हैं, इसमें कोई शक़ नहीं है. लेकिन संसद में अपने भाषण में अमित शाह ने कहा कि पहले पर सीएबी लाएंगे और उसके बाद ध्यान से सुनना भाईयों हम एनआरसी भी लाएंगे. एनआरसी केवल असम में नहीं देश के बाकी हिस्सों में भी लाएंगे. आप नागरिकता कानून जो लाए है उसमें छह धर्मों को शाम

    • 6 min
    एनएल चर्चा 95: सीएए, एनआरसी, नागरिकता और अन्य

    एनएल चर्चा 95: सीएए, एनआरसी, नागरिकता और अन्य

    चर्चा के 94 वें संस्करण में बातचीत मुख्यत: नागरिकता कानून संशोधन
    अधिनियम के इर्द-गिर्द घूमती रही. इस कानून को लेकर पूरे देश में विरोध की
    स्थिति पैदा हो गई है. विश्वविद्यालयों में विरोध चल रहा है. शहरों में विरोध

    चल रहे हैं. इसे अलावा दिल्ली के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन और आगजनी
    की घटनाएं हुई हैं. जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस द्वारा छात्रों पर
    जबर्दस्त बल प्रयोग की घटना सामने आई. इसी तरह अलीगढ़ मुस्लिम
    यूनिवर्सिटी में भी पुलिस के बल प्रयोग की बात सामने आई है. असम में जहां
    से इस कानून की विरोध की शुरुआत हुई थी और पूर्वोतर के अन्य राज्यों में
    विरोध का सुर धीरे धीरे कम होने लगा है. लेकिन देश के दूसरे हिस्से में विरोध
    तेज हो गया है. ज्यादातर जगहों पर आंदोलन अहिंसक रहे है लेकिन कुछ
    जगहों से हिंसा की खबरें भी सामने आई हैं.

    इस सप्ताह चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम और न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार
    आनंद वर्धन शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक
    अतुल चौरसिया ने किया.

    अजीत अंजुम के साथ चर्चा की शुरुआत करते अतुल ने पूछा कि सरकार ये
    सफाई दे रही है कि नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी ये दोनों अलग
    अलग चीजें है. विपक्षी इसको एक साथ मिलाकर लोगों को भरमा रहे हैं.
    आपकी का राय है? सरकार जो कह रही है वो सही है या इसकी आड़ में सरकार
    कुछ छुपा रही है?

    इस पर अजीत अंजुम ने कहा, “एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून
    अलग-अलग तो हैं, इसमें कोई शक़ नहीं है. लेकिन संसद में अपने भाषण में
    अमित शाह ने कहा कि पहले पर सीएबी लाएंगे और उसके बाद ध्यान से
    सुनना भाईयों हम एनआरसी भी लाएंगे. एनआरसी केवल असम में नहीं देश के
    बाकी हिस्सों में भी लाएंगे. आप नागरिकता कानून जो लाए है उसमें छह धर्मों

    को शामि

    • 48 min
    एनएल चर्चा 96: एनपीआर, पुलिस की हिंसा, झारखंड चुनाव और अन्य

    एनएल चर्चा 96: एनपीआर, पुलिस की हिंसा, झारखंड चुनाव और अन्य

    इस सप्ताह चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्म निर्माता विनोद कापड़ी और झारखंड चुनाव की कवरेज करके लौटे द क्विंट के संवाददाता शादाब मोइज़ी बतौर मेहमान शामिल हुए. साथ में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का दौरा कर रहे न्यूज़लॉन्ड्री के संवाददाता आयुष तिवारी और बसंत कुमार ने सीधे ग्राउंड से जानकारियां दी. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.

    चर्चा की शुरुआत बसंत कुमार और आयुष तिवारी से उत्तर प्रदेश के वर्तमान हालात का जायजा लेते हुए
    अतुल चौरसिया ने शुरू की. इसी सन्दर्भ में विनोद कापड़ी से सवाल करते हुए अतुल ने पूछा, “यूपी में पुलिस का जो साम्प्रदायिक रूप निकल कर सामने आया है उसे आप किस प्रकार से देखते हैं?”

    इस पूरे विवाद में एनपीए औऱ एनआरसी के पक्ष पर भी काफी विस्तार से चर्चा हुई. साथ में झारखंड चुनाव के नतीजों पर भी दिलचस्प और तथ्यपरक विश्लेषण हुआ. इस पूरी चर्चा को सुनने के लिए पूरा पॉडकास्ट सुनें. और हां न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करें और गर्व से कहें- ‘मेरे खर्च पर आज़ाद हैं ख़बरें.’

    • 47 min
    एनएल चर्चा 97: नृत्य गोपालदास, दिनेंद्र दास के साथ साक्षात्कार

    एनएल चर्चा 97: नृत्य गोपालदास, दिनेंद्र दास के साथ साक्षात्कार

    9 नवम्बर को बाबरी मस्जिद-राम जन्म भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद न्यूज़लॉन्ड्री ने इस विवाद से जुड़े तमाम क़ानूनी पक्षकारों के साथ साक्षात्कार की श्रृंखला शुरू की है. इसके तहत हम हिन्दू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के तमाम पैरोकारों की राय को आपके सामने ला रहे है.

    निर्मोही अखाड़ा रामजन्मभूमि विवादित स्थल का सबसे पुराना दावेदार रहा है. इसी तरह श्री राम जन्मभूमि न्यास का इस विवाद से सीधा रिश्ता रहा है. चर्चा में इस हफ्ते निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास और श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से हुई बातचीत पेश है.

    महंत दिनेंद्र दास का कहना है 9 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला सुनाया वो भगवान राम के नाम पर आया है और यह अच्छा रहा. इसलिए उनको यह फैसला मंज़ूर है.

    न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने दिनेंद्र दास से पूछा, “हाल ही में एक ऑडियो क्लिप सामने आया है जिसमें बीजेपी के पूर्व सांसद रामविलास वेदान्ती भी राम मंदिर निर्माण के लिए बनायी जाने वाली कमेटी में शामिल होने की इच्छा जता रहे हैं. और भी तमाम लोग है जो इसमें शामिल होना चाहते हैं, क्या अब यह बड़ी सत्ता और पैसे से जुड़ा मामला हो गया है इसीलिए इसमें सब अपनी हिस्सेदारी चाहते हैं?”

    इसका जवाब देते हुए दिनेंद्र दास कहते हैं, “निर्मोही अखाड़ा कोर्ट में रामजन्मभूमि का पक्षकार रहा है. तो जहां तक अयोध्या बैठक का मामला है हमें उचित पक्ष मिल ही जाएगा.”

    1885 से 1992 तक निर्मोही अखाड़ा वहां पूजा पाठ करता था यह दस्तावेज़ों में भी दर्ज है. 1992 में रिसीवर की नियुक्ति के बाद से वहां सतेन्द्र दास पूजा-पाठ का काम देखते हैं.

    इस सन्दर्भ में अतुल महंत से सवाल पूछते हैं कि, पूजा पाठ जो निर्मोही अखाड़ा करता था क्या आप उसपर द

    • 30 min
    एनएल चर्चा 98: जेएनयू हिंसा, अमेरिका-ईरान तनाव और अन्य

    एनएल चर्चा 98: जेएनयू हिंसा, अमेरिका-ईरान तनाव और अन्य

    न्यूज़लॉन्ड्री चर्चा के इस संस्करण में मुख्यतः चर्चा का विषय रहा पिछले रविवार को जेएनयू में हुई हिंसा, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका और ईरान के बीच पैदा हुआ तनाव, पाकिस्तान के ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुई पत्थरबाजी और आगामी दिल्ली चुनाव. बीते रविवार की शाम तक़रीबन 50-60 की संख्या में नकाबपोश हमलावरों ने जेएनयू कैंपस में घुस कर छात्रों, अध्यापकों एवं कर्मचारियों के साथ बेरहमी से मारपीट की. इस हिंसा में जेएनयूएसयू की अध्यक्ष आइशी घोष समेत 36 लोगों को गंभीर चोट लगी है. आइशी के सर पर 16 टांके लगे हैं. दिल्ली पुलिस ने यह मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है.

    इस बीच चुनाव आयोग ने दिल्ली में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है. फ़रवरी 8, 2019 को दिल्ली में मतदान होगा और परिणामों की घोषणा 11 फ़रवरी को होगी. बीते शुक्रवार को इराक में अमरीकी ड्रोन हमले में ईरान के सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत होने के बाद से अमेरिका और इरान के बीच तनाव और गहराता दिख रहा है. पिछले हफ्ते पाकिस्तान स्तिथ ननकाना साहिब पर भी कुछ लोगों के समूह ने पत्थरबाज़ी की. उस समूह का नेतृत्व करने वाले इमरान नामक व्यक्ति ने धमकी दी थी की हम ननकाना साहिब का नाम बदल कर गुलाम-ए-मुस्तफा कर देंगे.

    इस सप्ताह चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार मयंक मिश्रा और द वायर की सलाहकार संपादक अरफ़ा ख़ानम शेरवानी बतौर मेहमान शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.

    चर्चा की शुरुआत अतुल ने मयंक मिश्र से जेएनयू में हुई हिंसा पर सवाल करते हुए शुरू की कि, “जिस तरह से जेएनयू में हमले को अंजाम दिया गया, बहुत सारे हथियारबंद लोग कैंपस में घुस गए, पुलिस गेट के बाहर खड़ा रहकर उनको बाहर जाते देखती रही, पूरे इलाके में बिजली काट कर अंधेरी किया

    • 47 min

Customer Reviews

designraga ,

Sadi bhasha uchh vichar

Charcha ka dhanyawad, videsh mai rah kar hindi bhasha me batcheet ki jo kami Khali thi use kuchh hadd tak door karne k liye. Atul ji ka prastutikaran kafi santulit or saumya hai or aannad ji hamesa naya dristikon dete hai. Samsamyik visyon per ek imandar tippani Keny liye dhanyawad.

arsenal4lide ,

Charcha ho toh aisi!!

I am from Bhutan but currently living in the US. I primarily converse in English. My Hindi is not bad as i lived in New Delhi for 16 years. I love listening to NL Charcha more than NL Hafta, maybe because Hindi is a beautiful language to hear and topics discussed are in detail. Thank you

ashuvashu ,

वस्तुनिष्ठ एवं उल्लेखनीय

अतुल जी का संपादन एवं अनिल जी की साहित्य की पकड़ अतुलनीय है। आज की किच किच भरे वातावरण में ये पॉडकास्ट एक शीतल पवन के झोंके सा है।

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